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खाद विक्रेता का लाइसेंस सस्पेंड, गोदाम का फिजिकल वेरिफिकेशन होगा
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विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के पैतृक गांव में बने खाद सेवा केंद्र को मुख्यमंत्री उड़न दस्ते द्वारा सील किए जाने के बाद कृषि विभाग ने लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। इस मामले में मुख्यमंत्री उड़न दस्ते में शामिल अधिकारियों ने कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाएं थे। साथ ही टीम ने विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को भी कहा था। इसके बाद कृषि विभाग के अधिकारी हरकत में आएं। अब इस खाद के गोदाम का फिजिकल वेरिफिकेशन भी किया जाएगा। अगर भौतिकी जांच में गड़बड़ी मिली तो लाइसेंस कैंसिल किया जाएगा। अवैध रूप से खाद स्टॉक करने की शिकायत पर मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने शुक्रवार को छापामार कार्रवाई की थी।
नीम कोटेड यूरिया होता है प्लाइवुड इंडस्ट्री में इस्तेमाल
दरअसल जिले में नीम कोटेड यूरिया को प्लाइवुड इंडस्ट्री में प्रयोग किया जाता है। ऐसे में किसानों के हिस्से का यूरिया प्लाइवुड इकाइयों में सप्लाई होता है। हालांकि प्लाइवुड में प्रयोग के लिए टेक्निकल यूरिया उपलब्ध है, लेकिन किसानों के हिस्से का सब्सिडी युक्त यूरिया अवैध रूप से इन इकाइयों में सप्लाई किया जाता है। इस तरह की शिकायतें कई बार सामने आ चुकी हैं। वहीं यमुना नदी के साथ लगते एरिया से उप्र में सप्लाई की भी शिकायतें मिलती हैं।
सभी खाद विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी गई है कि पीओएस मशीन के माध्यम से खाद की बिक्री की जाए। मशीन, स्टॉक रजिस्टर व फिजिकल स्टॉक का रिकार्ड मिलान होना जरूरी है। समय समय पर अभियान चलाकर स्टॉक की जांच की जाती है। सील लगे किसान सेवा केंद्र की फिजिकल वेरिफिकेशन की जाएगी। अगर कोई गड़बड़ मिलती है तो लाइसेंस कैंसिल किया जाएगा।
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-डॉ. सुरेंद्र यादव, कृषि उपनिदेशक
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नीम कोटेड यूरिया होता है प्लाइवुड इंडस्ट्री में इस्तेमाल
दरअसल जिले में नीम कोटेड यूरिया को प्लाइवुड इंडस्ट्री में प्रयोग किया जाता है। ऐसे में किसानों के हिस्से का यूरिया प्लाइवुड इकाइयों में सप्लाई होता है। हालांकि प्लाइवुड में प्रयोग के लिए टेक्निकल यूरिया उपलब्ध है, लेकिन किसानों के हिस्से का सब्सिडी युक्त यूरिया अवैध रूप से इन इकाइयों में सप्लाई किया जाता है। इस तरह की शिकायतें कई बार सामने आ चुकी हैं। वहीं यमुना नदी के साथ लगते एरिया से उप्र में सप्लाई की भी शिकायतें मिलती हैं।
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सभी खाद विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी गई है कि पीओएस मशीन के माध्यम से खाद की बिक्री की जाए। मशीन, स्टॉक रजिस्टर व फिजिकल स्टॉक का रिकार्ड मिलान होना जरूरी है। समय समय पर अभियान चलाकर स्टॉक की जांच की जाती है। सील लगे किसान सेवा केंद्र की फिजिकल वेरिफिकेशन की जाएगी। अगर कोई गड़बड़ मिलती है तो लाइसेंस कैंसिल किया जाएगा।
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-डॉ. सुरेंद्र यादव, कृषि उपनिदेशक