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Yamuna Nagar News: नगर निगम भवन के लिए 40 करोड़ रुपये में खरीदी जमीन
Tue, 20 May 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 20 May 2025 12:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम भवन के लिए जमीन चिह्नित करने में अफसरों से सात साल पहले हुई चूक महंगी पड़ गई है। नगर निगम कार्यालय के लिए दो भवन वर्ष-2018 में 28.28 करोड़ में तैयार हो रहा था, अब इसकी जमीन ही 40 करोड़ रुपये में लेनी पड़ रही है।
दरअसल अफसरों ने पहले गोबिंदपुरी की जमीन को नगर निगम की समझकर भवन बनाने के लिए वर्ष-2018 में टेंडर व शिलान्यास करवा दिए, पर ग्रामीणों ने जमीन को तालाब बताकर कोर्ट केस कर दिया। ये देख अफसर अन्य जगह जमीन तलाशने लगे।
आखिरकार सात साल में यह तलाश खत्म हुई और भवन के लिए डीसी कैंप ऑफिस के सामने जगाधरी मंडी में 2.30 एकड़ जमीन तय की गई, पर जमीन के लिए नगर निगम को मार्केट कमेटी को 40 करोड़ रुपये देने होंगे। मार्च-2018 में भवन निर्माण के लिए लगा टेंडर एक एजेंसी को अलॉट भी हो चुका था, पर लंबे समय तक जमीन तय न होने पर टेंडर रद करना पड़ा।
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अब भवन निर्माण के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया होगी। इसके लिए नगर निगम अफसरों ने कंसलटेंट हायर किया है, जो भवन निर्माण पर आने वाली लागत का अनुमान तैयार करेगा। इसी अनुमान पर टेंडर होंगे। ऐसे में सात साल पहले बने 28.28 करोड़ रुपये के अनुमान से भवन निर्माण पर अधिक खर्च आ सकता है। क्योंकि सात साल में निर्माण सामग्री से लेकर अन्य सामान के दामों में वृद्धि हुई है। इस तरह भवन के निर्माण व उसके लिए जमीन लेने में नगर निगम का कई गुना खर्च बढ़ना तय है।
जगाधरी मंडी की जमीन डीसी कैंप ऑफिस के ठीक सामने पुराना एनएच को पार कर लगती है, जो दोनों शहरों के बीच बराबर दूरी पर है। इससे यहां भवन बनने से दोनों शहरों के लोगों का आना-जाना सुगम होगा। साथ ही पास में लघु सचिवालय, न्यायालय सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय भी हैं। इन्हीं कारणों से निगम अफसर काफी समय से यहां दोनों शहरों का संयुक्त नगर निगम भवन बनाने के प्रयास में हैं।
अभी तीन जगह पर चल रहे निगम दफ्तर
अभी नगर निगम के अलग-अलग शाखाओं के कार्यालय तीन जगह हैं। यमुनानगर का मुख्य कार्यालय रेलवे रोड पर शहीद भगत सिंह पार्क के पास है। यह भवन खस्ता हाल है। इसमें वाहन पार्किंग नहीं है। दूसरा कार्यालय कन्हैया साहिब चौक समीप है, जहां इंजीनियरिंग ब्रांच व प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन करने वाले अधिकारी व कर्मचारी बैठते हैं। तीसरा कार्यालय जगाधरी के झंडा चौक पर है, यह भवन भी खस्ता हाल है। तीन जगह कार्यालय होने से कार्यों के लिए लोग एक से दूसरे भवन के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं।
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यमुनानगर। नगर निगम भवन के लिए जमीन चिह्नित करने में अफसरों से सात साल पहले हुई चूक महंगी पड़ गई है। नगर निगम कार्यालय के लिए दो भवन वर्ष-2018 में 28.28 करोड़ में तैयार हो रहा था, अब इसकी जमीन ही 40 करोड़ रुपये में लेनी पड़ रही है।
दरअसल अफसरों ने पहले गोबिंदपुरी की जमीन को नगर निगम की समझकर भवन बनाने के लिए वर्ष-2018 में टेंडर व शिलान्यास करवा दिए, पर ग्रामीणों ने जमीन को तालाब बताकर कोर्ट केस कर दिया। ये देख अफसर अन्य जगह जमीन तलाशने लगे।
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आखिरकार सात साल में यह तलाश खत्म हुई और भवन के लिए डीसी कैंप ऑफिस के सामने जगाधरी मंडी में 2.30 एकड़ जमीन तय की गई, पर जमीन के लिए नगर निगम को मार्केट कमेटी को 40 करोड़ रुपये देने होंगे। मार्च-2018 में भवन निर्माण के लिए लगा टेंडर एक एजेंसी को अलॉट भी हो चुका था, पर लंबे समय तक जमीन तय न होने पर टेंडर रद करना पड़ा।
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अब भवन निर्माण के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया होगी। इसके लिए नगर निगम अफसरों ने कंसलटेंट हायर किया है, जो भवन निर्माण पर आने वाली लागत का अनुमान तैयार करेगा। इसी अनुमान पर टेंडर होंगे। ऐसे में सात साल पहले बने 28.28 करोड़ रुपये के अनुमान से भवन निर्माण पर अधिक खर्च आ सकता है। क्योंकि सात साल में निर्माण सामग्री से लेकर अन्य सामान के दामों में वृद्धि हुई है। इस तरह भवन के निर्माण व उसके लिए जमीन लेने में नगर निगम का कई गुना खर्च बढ़ना तय है।
जगाधरी मंडी की जमीन डीसी कैंप ऑफिस के ठीक सामने पुराना एनएच को पार कर लगती है, जो दोनों शहरों के बीच बराबर दूरी पर है। इससे यहां भवन बनने से दोनों शहरों के लोगों का आना-जाना सुगम होगा। साथ ही पास में लघु सचिवालय, न्यायालय सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय भी हैं। इन्हीं कारणों से निगम अफसर काफी समय से यहां दोनों शहरों का संयुक्त नगर निगम भवन बनाने के प्रयास में हैं।
अभी तीन जगह पर चल रहे निगम दफ्तर
अभी नगर निगम के अलग-अलग शाखाओं के कार्यालय तीन जगह हैं। यमुनानगर का मुख्य कार्यालय रेलवे रोड पर शहीद भगत सिंह पार्क के पास है। यह भवन खस्ता हाल है। इसमें वाहन पार्किंग नहीं है। दूसरा कार्यालय कन्हैया साहिब चौक समीप है, जहां इंजीनियरिंग ब्रांच व प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन करने वाले अधिकारी व कर्मचारी बैठते हैं। तीसरा कार्यालय जगाधरी के झंडा चौक पर है, यह भवन भी खस्ता हाल है। तीन जगह कार्यालय होने से कार्यों के लिए लोग एक से दूसरे भवन के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं।