{"_id":"6a4ec66557da28c3d8038984","slug":"judicial-work-affected-by-lawyers-strike-against-ladc-policy-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1007-159184-2026-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: एलएडीसी नीति के विरोध में वकीलों की हड़ताल से न्यायिक कार्य प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: एलएडीसी नीति के विरोध में वकीलों की हड़ताल से न्यायिक कार्य प्रभावित
Thu, 09 Jul 2026 03:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 09 Jul 2026 03:21 AM IST
विज्ञापन
यमुनानगर। लीगल एड डिफेंस काउंसिल नीति के विरोध में जिला बार एसोसिएशन जगाधरी ने बुधवार को नो वर्क डे घोषित किया है। पंजाब बार एसोसिएशनों की संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर यह फैसला लिया गया है। हड़ताल के चलते जिला न्यायालयों में नियमित न्यायिक कार्य प्रभावित रहा और केवल प्रॉक्सी अधिवक्ता ही अदालतों में पेश हो सकें।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रांत सिंह चौहान ने जारी सूचना में सभी अधिवक्ताओं से हड़ताल में पूर्ण सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बार की एकजुटता, गरिमा और सामूहिक शक्ति बनाए रखने के लिए सभी सदस्य एकजुट रहे। इस दौरान किसी भी सदस्य ने प्रॉक्सी अधिवक्ताओं को छोड़कर किसी भी न्यायालय की कार्यवाही में भाग नहीं लिया। बार एसोसिएशन ने यह भी चेतावनी दी थी कि हड़ताल के निर्णय का उल्लंघन करने वाले सदस्य के खिलाफ बार के नियमों और प्रस्तावों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे सदस्य पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा। हड़ताल के कारण बुधवार को विभिन्न दीवानी, फौजदारी और अन्य मामलों की सुनवाई प्रभावित रही। बड़ी संख्या में पक्षकारों को नई तारीख दी गई। बार एसोसिएशन ने सभी अधिवक्ताओं से संगठन के निर्णय का पालन करते हुए आंदोलन को आगे भी मजबूती से करने की अपील की। संवाद
विज्ञापन
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रांत सिंह चौहान ने जारी सूचना में सभी अधिवक्ताओं से हड़ताल में पूर्ण सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बार की एकजुटता, गरिमा और सामूहिक शक्ति बनाए रखने के लिए सभी सदस्य एकजुट रहे। इस दौरान किसी भी सदस्य ने प्रॉक्सी अधिवक्ताओं को छोड़कर किसी भी न्यायालय की कार्यवाही में भाग नहीं लिया। बार एसोसिएशन ने यह भी चेतावनी दी थी कि हड़ताल के निर्णय का उल्लंघन करने वाले सदस्य के खिलाफ बार के नियमों और प्रस्तावों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे सदस्य पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा। हड़ताल के कारण बुधवार को विभिन्न दीवानी, फौजदारी और अन्य मामलों की सुनवाई प्रभावित रही। बड़ी संख्या में पक्षकारों को नई तारीख दी गई। बार एसोसिएशन ने सभी अधिवक्ताओं से संगठन के निर्णय का पालन करते हुए आंदोलन को आगे भी मजबूती से करने की अपील की। संवाद
विज्ञापन