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मॉडल संस्कृति स्कूलों में हिंदी-अंग्रेजी दोनों माध्यम से होगी पढ़ाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा में मॉडल संस्कृति स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। इसके अलावा विद्यार्थी जिस माध्यम से पढ़ना चाहे उसमें दाखिला किया जाएगा। ये जानकारी शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने प्रेस विज्ञप्त में दी। उन्होंने कहा कि पांच मई को रोहतक में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें हरियाणा में स्कूली विद्यार्थियों को निशुल्क टैबलेट बांटने की शुरुआत की जाएगी। सर्वप्रथम 2,05000 बच्चों को टैबलेट निशुल्क वितरित किए जाएंगे जिसमें से एक 1,05000 टैबलेट शिक्षा विभाग के पास पहुंच गए हैं। एक लाख बकाया टैबलेट एक माह में आ जाएंगे।
नजदीक के स्कूलों में कराया जाएगा दाखिला
शिक्षामंत्री ने कहा कि आरटीई के माध्यम से कक्षा एक के गरीब व जरूरतमंद बच्चों को उनके नजदीक के स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा। कक्षा एक से कक्षा 12 तक मान्यता प्राप्त स्कूलों से इस विषय में बातचीत की जाएगी। जिन अभिभावकों की आय परिवार पहचान पत्र में एक लाख 80 हजार रुपये से कम है उनके बच्चों को उन स्कूलों में दाखिला कराने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने कक्षा पांचवीं तक की फीस 700, कक्षा 6 से 8 तक की फीस 900 व कक्षा 9 से 12 तक की 1100 रुपये फीस निर्धारित की है। कंवरपाल ने कहा कि हरियाणा में 1200 के लगभग अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल हैं जिन्हें अभी मान्यता नहीं मिली है तो शिक्षा विभाग ने उन्हें एक मौका और देने का फैसला किया है। वे अपनी मान्यता के लिए दोबारा से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा बच्चों के रेशनेलाइजेशन के लिए पहले पॉवर चंडीगढ़ विभाग के पास होती थी लेकिन अब उसके अधिकार जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दे दिए गए हैं वह स्थिति के अनुसार निर्णय लेकर रेशनलाइजेशन कर सकते हैं।
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यमुनानगर। हरियाणा में मॉडल संस्कृति स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। इसके अलावा विद्यार्थी जिस माध्यम से पढ़ना चाहे उसमें दाखिला किया जाएगा। ये जानकारी शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने प्रेस विज्ञप्त में दी। उन्होंने कहा कि पांच मई को रोहतक में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें हरियाणा में स्कूली विद्यार्थियों को निशुल्क टैबलेट बांटने की शुरुआत की जाएगी। सर्वप्रथम 2,05000 बच्चों को टैबलेट निशुल्क वितरित किए जाएंगे जिसमें से एक 1,05000 टैबलेट शिक्षा विभाग के पास पहुंच गए हैं। एक लाख बकाया टैबलेट एक माह में आ जाएंगे।
नजदीक के स्कूलों में कराया जाएगा दाखिला
शिक्षामंत्री ने कहा कि आरटीई के माध्यम से कक्षा एक के गरीब व जरूरतमंद बच्चों को उनके नजदीक के स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा। कक्षा एक से कक्षा 12 तक मान्यता प्राप्त स्कूलों से इस विषय में बातचीत की जाएगी। जिन अभिभावकों की आय परिवार पहचान पत्र में एक लाख 80 हजार रुपये से कम है उनके बच्चों को उन स्कूलों में दाखिला कराने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने कक्षा पांचवीं तक की फीस 700, कक्षा 6 से 8 तक की फीस 900 व कक्षा 9 से 12 तक की 1100 रुपये फीस निर्धारित की है। कंवरपाल ने कहा कि हरियाणा में 1200 के लगभग अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल हैं जिन्हें अभी मान्यता नहीं मिली है तो शिक्षा विभाग ने उन्हें एक मौका और देने का फैसला किया है। वे अपनी मान्यता के लिए दोबारा से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा बच्चों के रेशनेलाइजेशन के लिए पहले पॉवर चंडीगढ़ विभाग के पास होती थी लेकिन अब उसके अधिकार जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दे दिए गए हैं वह स्थिति के अनुसार निर्णय लेकर रेशनलाइजेशन कर सकते हैं।
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