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हवन-यज्ञ पुरातन संस्कृति का हिस्सा : शोभादास
Sun, 15 Dec 2024 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 15 Dec 2024 11:35 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। श्री श्याम गोशाला में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर रविवार को हवन व भंडारे का आयोजन करके प्रसाद वितरित किया गया। विहिप भारतीय गोवंश रक्षण एवं संवर्धन के प्रांत प्रमुख महंत शोभादास ने कहा कि भगवान कथा कराने से क्षेत्र में खुशहाली रहती है और घरों में शांति बनी रहती है। हवन यज्ञ करना पुरातन संस्कृति का एक हिस्सा है। हवन यज्ञ की पावन अग्नि में डाली घी सामग्री की आहुति से निकला धुआं पर्यावरण को स्वच्छ बनाता है।
उन्होंने कहा श्रीमद्भागवत ग्रंथ का जिस जगह पर पठन-पाठन होता है वह जगह तीर्थ स्थलों समान पावन पवित्र हो जाती है। कथा वाचक मथुरा की प्रिया किशोरी भारद्वाज ने भक्तों को धर्म, कर्म और सदाचार का महत्व बताते हुए जीवन में श्रीमद् भागवत कथा के उपदेशों को अपनाने का संदेश दिया। कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है।
इसके अलावा मनुष्य में भक्ति, ज्ञान व वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर मनुष्य के आचरण में भी स्वयं बदलाव आता है। भागवत कथा की आरती के साथ श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुतियां डांलीं। इस दौरान डॉ. अनिल अग्रवाल, अमित सेतिया, शिवकुमार कौशिक, इज्ञा राम, रामकुमार निजामपुर, मुकेश अग्रवाल बॉबी, जसपाल सिंह राठी आदि मौजूद रहे।
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साढौरा। श्री श्याम गोशाला में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर रविवार को हवन व भंडारे का आयोजन करके प्रसाद वितरित किया गया। विहिप भारतीय गोवंश रक्षण एवं संवर्धन के प्रांत प्रमुख महंत शोभादास ने कहा कि भगवान कथा कराने से क्षेत्र में खुशहाली रहती है और घरों में शांति बनी रहती है। हवन यज्ञ करना पुरातन संस्कृति का एक हिस्सा है। हवन यज्ञ की पावन अग्नि में डाली घी सामग्री की आहुति से निकला धुआं पर्यावरण को स्वच्छ बनाता है।
उन्होंने कहा श्रीमद्भागवत ग्रंथ का जिस जगह पर पठन-पाठन होता है वह जगह तीर्थ स्थलों समान पावन पवित्र हो जाती है। कथा वाचक मथुरा की प्रिया किशोरी भारद्वाज ने भक्तों को धर्म, कर्म और सदाचार का महत्व बताते हुए जीवन में श्रीमद् भागवत कथा के उपदेशों को अपनाने का संदेश दिया। कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है।
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इसके अलावा मनुष्य में भक्ति, ज्ञान व वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर मनुष्य के आचरण में भी स्वयं बदलाव आता है। भागवत कथा की आरती के साथ श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुतियां डांलीं। इस दौरान डॉ. अनिल अग्रवाल, अमित सेतिया, शिवकुमार कौशिक, इज्ञा राम, रामकुमार निजामपुर, मुकेश अग्रवाल बॉबी, जसपाल सिंह राठी आदि मौजूद रहे।
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