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Yamuna Nagar News: हनुमानजी ने संजीवनी बूटी लाकर बचाई लक्ष्मण की जान

Thu, 02 Oct 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 02 Oct 2025 01:02 AM IST
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Hanuman brought the Sanjivani herb and saved Laxman's life.
व्यासपुर में लक्ष्मण मूर्छित दृश्य का मंचन करते कलाकार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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व्यासपुर। श्री वेद व्यास एवं दशहरा कमेटी रामलीला कमेटी की और से काली माता मंदिर में आयोजित रामलीला में लक्ष्मण मूर्छा व मेघनाथ वध का मंचन किया गया। कलाकारों ने जीवंत अभिनय से दर्शकों की वाहवाही लूटी।
मंचन में दिखाया गया कि मेघनाद युद्ध की कमान संभालता है। युद्ध में लक्ष्मण पर ब्रह्मशक्ति से प्रहार करता है। इससे लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। श्रीराम को व्याकुल देख विभीषण बताते हैं कि लंका के सुषेण वैद्य ही लक्ष्मण का उपचार कर सकते हैं। हनुमान सुषेण वैद्य को लाते हैं, लेकिन वह अपना धर्म निभाते हुए कहते हैं कि वे शत्रुदल के रोगी का उपचार नहीं कर सकते। इस पर राम कहते हैं कि आप अपना धर्म मत तोड़ो।
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इतना सुनकर सुषेण वैध मूर्छित हुए लक्ष्मण का उपचार करने के लिए सूर्याेदय होने से पहले संजीवनी बूटी मंगवाने की कहते हैं। प्रभु श्रीराम हनुमान को ही संजीवनी बूटी लाने भेजते हैं। वे पूरा पहाड़ ही उठा लाते हैं। सुषेण वैद्य संजीवनी बूटी को पीसकर लक्ष्मण को पिलाते हैं। उनकी मूर्छा टूट जाती है। राम ने उन्हें गले लगाकर विलाप किया। फिर लक्ष्मण-मेघनाथ युद्ध शुरू होता है। मेघनाथ वध होते ही पूरा पंडाल एक बार फिर जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठता है
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। इसके बाद भगवान राम कुंभकर्ण का वध करते हैं। जब रावण को पता चलता है कि लक्ष्मण की मूर्छा दूर हो गई है और वह युद्ध के लिए फिर तैयार हैं। इस पर रावण क्रोधित हो उठा। भाई कुंभकर्ण को जगाया और युद्ध में जाने की बात कही। कुंभकर्ण अपने भाई रावण को समझाने का प्रयास करता है, लेकिन जब रावण नहीं मानता तो वह युद्ध के लिए तैयार हो जाता है। कुंभकर्ण युद्ध क्षेत्र में आते ही अकेले वानर सेना का संहार करने लगता है।
इस पर सुग्रीव ने प्रभु राम से कहा कि आप ही इस विशालकाय दानव का सामना कीजिये। तब प्रभु राम ने अपने वेग बाणों से कुंभकर्ण की भुजाएं काट दीं। तब वह राक्षस मुंह फैलाकर राम की ओर झपटा। इस पर राम ने अपने बाण चलाकर उसका प्राणांत कर दिया। इस पर वानर सेना प्रभु राम की जय जयकार करने लगी।

रावण को जब पता चला कि उसका भाई युद्ध में मारा गया तो वह व्याकुल हो उठा। इसके बाद रावण का पुत्र मेघनाद युद्ध के मैदान ने फिर पहुंच जाता है। लक्ष्मण और मेघनाद के बीच भीषण युद्ध होता है। अंतत: लक्ष्मण के हाथों मेघनाद मारा जाता है। उसकी एक भुजा जाकर पत्नी सुलोचना के पास गिरती है। जिससे उसे पता चल जाता है कि उसका पति युद्ध में मारा गया।
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