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सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे कर्मचारी
ब्ूयरो/अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Wed, 10 Jun 2015 12:12 AM IST
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44 डिग्री का तापमान भी कर्मचारियों को सरकार के खिलाफ गरजने से नहीं रोक सका। मंगलवार को विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले किया। कर्मचारियों ने लघु सचिवालय में जाकर डीसी को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले विद्युत निगम, हरियाणा रोडवेज, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जन स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारी मंगलवार सुबह कन्हैया साहिब चौक स्थित तिकोना पार्क में इकट्ठे हुए। मांगें पूरी नहीं होने पर यहां धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और सरकार की नीतियों की आलोचना की। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सभी कर्मचारी संघ के जिला उपप्रधान राजकुमार ससौली के नेतृत्व में सड़क पर उतर आए।
कर्मचारी गोविंदपुरी रोड से कन्हैया साहिब चौक से होते हुए चंडीगढ़-रुड़की नेशनल हाईवे 73 पर पहुंचे।
नेशनल हाईवे से रोष मार्च निकालते हुए जलूस के रूप में लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। मंच संचालन संघ के जिला सचिव महीपाल चमरोड़ी ने किया।
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कर्मचारियों नेताओं ने कहा कि विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों को कई-कई माह से वेतन नहीं मिला है। समयबद्ध सेक्शन जारी करते हुए समय पर वेतन सुनिश्चित किया जाए और राज्य में नौकरी से निकाले गए कंप्यूटर टीचर, लैब सहायक और अन्य कर्मचारियों को दोबारा काम पर बहाल किया जाए, ताकि प्रदेश में विभाग ठीक प्रकार की सेवाएं दे सके।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन कच्चे कर्मचारियों को टेस्ट के नाम पर उत्पीड़ित न करे। इस मौके पर रिटायर्ड कर्मचारी संघ के नेता शोभन सिंह, जरनैल सिंह सांगवान ने भी कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया और सरकार की निजीकरण की नीतियों की आलोचना की। प्रदर्शन में बिजली कर्मी नेता जोत सिंह, सोमनाथ, महीपाल, मंजीत कौर, सोमपाल, सुरेंद्र दहिया, प्यारेलाल तंवर, यशपाल, सुरजीत सिंह, निक्का सिंह, दिनेश तंवर, राजकुमार, जयपाल, मोहन, राकेश धनखड़, विरेंद्र राणा, हरिओम कश्यप, बलबीर, रामकुमार, ऋषिपाल, नायब सिंह शामिल रहे।
ये हैं मुख्य मांगें
दो साल की सेवा पूरी कर चुके सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। पंजाब के समान वेतन दिया जाए। केंद्र की तर्ज पर भत्तों में वृद्धि की जाए। सभी प्रकार की वेतन विसंगतियां दूर की जाए। चार, नौ व 14 वर्ष की सेवा के बाद एसीपी का लाभ दिया जाए। खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती की जाए। नियमित पदों के लिए ठेका प्रथा, पीपीपी, आउटसोर्सिंग बंद हो। रोडवेज के 3519 रूट परमिट निजी क्षेत्र में न दिए जाएं। सभी कर्मचारियों को कैसलेस मेडिकल सुविधा दी जाए।
पुरानी एक्सग्रेसिया स्कीम और पेंशन नीति बहाल की जाए। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर विभाग में यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटियां बनाई जाएं। तकनीकी स्केल वापस न लिया जाए। आवेदन पर आधारित राजनीतिक हस्तक्षेप मुक्त स्थानांतरण नीति बनाई जाए। मांगपत्र पर संघ प्रतिनिधियों से बातचीत करके निपटारा किया जाए।
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सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले विद्युत निगम, हरियाणा रोडवेज, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जन स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारी मंगलवार सुबह कन्हैया साहिब चौक स्थित तिकोना पार्क में इकट्ठे हुए। मांगें पूरी नहीं होने पर यहां धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और सरकार की नीतियों की आलोचना की। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सभी कर्मचारी संघ के जिला उपप्रधान राजकुमार ससौली के नेतृत्व में सड़क पर उतर आए।
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कर्मचारी गोविंदपुरी रोड से कन्हैया साहिब चौक से होते हुए चंडीगढ़-रुड़की नेशनल हाईवे 73 पर पहुंचे।
नेशनल हाईवे से रोष मार्च निकालते हुए जलूस के रूप में लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। मंच संचालन संघ के जिला सचिव महीपाल चमरोड़ी ने किया।
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कर्मचारियों नेताओं ने कहा कि विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों को कई-कई माह से वेतन नहीं मिला है। समयबद्ध सेक्शन जारी करते हुए समय पर वेतन सुनिश्चित किया जाए और राज्य में नौकरी से निकाले गए कंप्यूटर टीचर, लैब सहायक और अन्य कर्मचारियों को दोबारा काम पर बहाल किया जाए, ताकि प्रदेश में विभाग ठीक प्रकार की सेवाएं दे सके।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन कच्चे कर्मचारियों को टेस्ट के नाम पर उत्पीड़ित न करे। इस मौके पर रिटायर्ड कर्मचारी संघ के नेता शोभन सिंह, जरनैल सिंह सांगवान ने भी कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया और सरकार की निजीकरण की नीतियों की आलोचना की। प्रदर्शन में बिजली कर्मी नेता जोत सिंह, सोमनाथ, महीपाल, मंजीत कौर, सोमपाल, सुरेंद्र दहिया, प्यारेलाल तंवर, यशपाल, सुरजीत सिंह, निक्का सिंह, दिनेश तंवर, राजकुमार, जयपाल, मोहन, राकेश धनखड़, विरेंद्र राणा, हरिओम कश्यप, बलबीर, रामकुमार, ऋषिपाल, नायब सिंह शामिल रहे।
ये हैं मुख्य मांगें
दो साल की सेवा पूरी कर चुके सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। पंजाब के समान वेतन दिया जाए। केंद्र की तर्ज पर भत्तों में वृद्धि की जाए। सभी प्रकार की वेतन विसंगतियां दूर की जाए। चार, नौ व 14 वर्ष की सेवा के बाद एसीपी का लाभ दिया जाए। खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती की जाए। नियमित पदों के लिए ठेका प्रथा, पीपीपी, आउटसोर्सिंग बंद हो। रोडवेज के 3519 रूट परमिट निजी क्षेत्र में न दिए जाएं। सभी कर्मचारियों को कैसलेस मेडिकल सुविधा दी जाए।
पुरानी एक्सग्रेसिया स्कीम और पेंशन नीति बहाल की जाए। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर विभाग में यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटियां बनाई जाएं। तकनीकी स्केल वापस न लिया जाए। आवेदन पर आधारित राजनीतिक हस्तक्षेप मुक्त स्थानांतरण नीति बनाई जाए। मांगपत्र पर संघ प्रतिनिधियों से बातचीत करके निपटारा किया जाए।