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Yamuna Nagar News: मालियों से करवा रहे चपरासी का काम, पार्क हो रहा उजाड़
Sat, 28 Dec 2024 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 28 Dec 2024 01:20 AM IST
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साढौरा। कस्बा के इकलौते पार्क की रखरखाव लिए नगरपालिका में दो मालियों की नियुक्ति है। लेकिन, इन दोनों से माली के बजाय कार्यालय के चपरासी का काम करवाया जा रहा है। जिसकी वजह से यह दोनों ही लंबे समय से पार्क का रखरखाव नहीं कर पा रहे हैं। नतीजन पार्क में हरियाली की जगह झाड़-कबाड़ ही नजर आने से यह पार्क उजाड़ जैसी हालत में नजर आता है।
जानकारी के अनुसार नगरपालिका में माली के पांच पद स्वीकृत हैं। इनमें से केवल दो की ही तैनाती है। जबकि तीन पद रिक्त हैं। यही नहीं नगरपालिका कार्यालय में चपरासी के चार पदों में से दो की तैनाती है, फिर भी मालियों से कार्यालय में चपरासी का काम कराया जा रहा है।पार्क में माली का काम न कराए जाने के कारण इस में हरियाली की जगह मलबा और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। हरियाली व खूबसूरती के लिए पार्क में कोई भी फूलों या सजावटी नया पौधा नहीं लगाया गया। वहीं पहले से लगे पेड़ों का रखरखाव न होने से यह पेड़ भी सूखने के कगार पर हैं।
उपेक्षा व बदहाली के कारण यह पार्क अब किसी जंगल की तरह नजर आने लगा है। पौधे लगाने के लिए बनी क्यारियों में खरपतवार या घास की भरमार हो गई है। चार साल पहले 30 लाख की लागत से विकसित गए पार्क के उचित रखरखाव के अभाव में यहां न तो हरियाली बची है और न ही यहां ऐसी कोई सुविधा है जिससे यहां आने वालों को पार्क का अहसास हो सके।
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पार्क विकसित किए जाने के बाद यह कस्बावासियों के लिए सैर करने या सुकून पाने का पसंदीदा ठिकाना बन गया था। लेकिन अब इसकी हालत देखकर लोग मायूस होकर यहां आने से परहेज करने लगे हैं। नगरपालिका ने इस पार्क की रखरखाव के लिए एक संस्था को भी जिम्मा सौंपा हुआ है। लेकिन संस्था की कारगुजारी पर नजर नहीं रखी जा रही है।
पार्क में चल रहा निर्माण कार्य : सचिव
नगरपालिका सचिव भम्बूल सिंह ने बताया कि पार्क में चल रहे निर्माण कार्य के कारण माली यहां काम नहीं कर पा रहे थे। यह कार्य पूर्ण होने के बाद अब पार्क की हालत बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार नगरपालिका में माली के पांच पद स्वीकृत हैं। इनमें से केवल दो की ही तैनाती है। जबकि तीन पद रिक्त हैं। यही नहीं नगरपालिका कार्यालय में चपरासी के चार पदों में से दो की तैनाती है, फिर भी मालियों से कार्यालय में चपरासी का काम कराया जा रहा है।पार्क में माली का काम न कराए जाने के कारण इस में हरियाली की जगह मलबा और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। हरियाली व खूबसूरती के लिए पार्क में कोई भी फूलों या सजावटी नया पौधा नहीं लगाया गया। वहीं पहले से लगे पेड़ों का रखरखाव न होने से यह पेड़ भी सूखने के कगार पर हैं।
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उपेक्षा व बदहाली के कारण यह पार्क अब किसी जंगल की तरह नजर आने लगा है। पौधे लगाने के लिए बनी क्यारियों में खरपतवार या घास की भरमार हो गई है। चार साल पहले 30 लाख की लागत से विकसित गए पार्क के उचित रखरखाव के अभाव में यहां न तो हरियाली बची है और न ही यहां ऐसी कोई सुविधा है जिससे यहां आने वालों को पार्क का अहसास हो सके।
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पार्क विकसित किए जाने के बाद यह कस्बावासियों के लिए सैर करने या सुकून पाने का पसंदीदा ठिकाना बन गया था। लेकिन अब इसकी हालत देखकर लोग मायूस होकर यहां आने से परहेज करने लगे हैं। नगरपालिका ने इस पार्क की रखरखाव के लिए एक संस्था को भी जिम्मा सौंपा हुआ है। लेकिन संस्था की कारगुजारी पर नजर नहीं रखी जा रही है।
पार्क में चल रहा निर्माण कार्य : सचिव
नगरपालिका सचिव भम्बूल सिंह ने बताया कि पार्क में चल रहे निर्माण कार्य के कारण माली यहां काम नहीं कर पा रहे थे। यह कार्य पूर्ण होने के बाद अब पार्क की हालत बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।