फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Garbage collection system is faltering in the city, questions are being raised

Yamuna Nagar News: शहर में लड़खड़ाई कचरा उठान व्यवस्था, उठ रहे सवाल

Mon, 13 May 2024 05:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 13 May 2024 05:12 AM IST
विज्ञापन
Garbage collection system is faltering in the city, questions are being raised
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान व्यवस्था लड़खड़ा रही है। गलियों-सड़कों पर कचरा बिखर रहा है। हालांकि नया ठेका आचार संहिता में अलॉट न होने पर अफसरों ने पुराने ठेके की अवधि जून तक बढ़ाई। वहीं निवर्तमान पार्षदों का आरोप है कि नियमित कचरा उठान नहीं हो रहा। उनका कहना है कि जिन एजेंसियों के पास पुराना ठेका है, उनका काम संतोषजनक नहीं है। यही वजह है कि कचरा गलियों-सड़कों व खाली प्लॉटों में है। उनकी मांग है कि नियमित कचरा उठान न होने पर एजेंसी पर जुर्माना हो।
नगर निगम यमुनानगर जगाधरी के अंतर्गत क्षेत्र से रोज 250 से 300 एमटी कचरा निकलता है। कचरे के डोर-टू-डोर उठान से निस्तारण तक के काम के लिए शहर दो जोन में बंटा है। जोन-1 में एक से 11 तक के वार्ड हैं, जिसमें उक्त काम का ठेका श्री श्याम एसोसिएट के पास है।
विज्ञापन

जोन-2 में आठ से 22 तक के वार्ड हैं, जिसका ठेका आईएनडी सॉल्यूशन के पास है। 2595 रुपये प्रति टन के हिसाब से यह ठेके अलॉट हुए थे, जिसके मुताबिक इस काम पर सालाना 26 करोड़ खर्च बनता है। एजेंसियों को दिए ठेके की अवधि वर्ष 2023 के अक्टूबर-नवंबर में खत्म हो गई थी, पर उसे नए टेंडर सिरे चढ़ने तक पुराने ठेके की अवधि को नगर निगम की ओर से तीन माह के लिए दूसरी बार बढ़ाया गया है, क्योंकि नया ठेका अलॉट नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुराने ठेके की अवधि दूसरी बार बढ़ाए जाने पर निवर्तमान पार्षदों को एतराज है। इनमें वार्ड तीन से हरमीन कोहली, वार्ड सात से रामआसरा भारद्वाज, वार्ड आठ से विनोद मरवाह, वार्ड 13 से निर्मल चौहान ने कहा कि डोर टू डोर कचरा उठान पर नगर निगम का सालाना 26 करोड़ खर्च है। साथ ही इस सेवा की एवज में लोगों से करोड़ों रुपये का शुल्क वसूला जाता है। तब भी नियमित कचरा उठान नहीं हो रहा, क्योंकि पुराने ठेका जिन एजेंसियों के पास है, उनका काम संतोषजनक नहीं है।
वार्डों की कई कॉलोनियों, मोहल्लों व गांवों में कई दिन बाद कचरा उठान के वाहन पहुंच रहे हैं, इसलिए मजबूरन लोग घरों, दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों के डस्टबिन में इकट्ठे किए कचरा आसपास गलियों-सड़कों व खाली प्लॉटों में गिरा रहे हैं। इससे दुर्गंध व मक्खी-मच्छरों की परेशानी के साथ बीमारी फैलने की आशंका है। उनकी मांग है कि नियमित कचरा उठान न होने पर संबंधित एजेंसी पर जुर्माना किया जाए।

नहीं बिगड़ने देंगे कचरा उठान व्यवस्था : सिंह
मुख्य सफाई निरीक्षक हरजीत सिंह ने बताया कि नया ठेका अलॉट करने के लिए ई निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, पर आचार संहिता लगने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अब आचार संहिता हटने के बाद ही नए ठेका अलॉट करने की ई निविदा प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। तब तक कहीं भी कचरा उठान व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी। क्योंकि पुराने ठेके की अवधि जून तक बढ़ी है। जहां भी कचरा उठान नहीं होने की सूचना मिलती है, वहां पुराने ठेके के तहत काम कर रही एजेंसियों के कर्मचारियों से कचरा उठान कराया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed