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पोर्टल पर फसल का रकबा घटने से किसानों में रोष
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल से किसानों का रकबा कट जाने से किसानों में रोष है। पोर्टल बंद होने से किसान अपनी फसल का सही रकबा भी अपडेट नहीं करवा पा रहे हैं। वहीं भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की समस्या का समाधान नहीं होने पर अनाज मंडियों में प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
क्षेत्र के किसान सर्बी, अशोक कुमार, राम कुमार, हरदेव सिंह ने बताया उन्होंने निश्चित समय पर पोर्टल पर फसल का पंजीकरण करवाया था। दो दिन पूर्व पता चला कि पोर्टल में आधी से अधिक फसल का ब्योरा काट दिया गया है। यानि अगर किसी किसान ने दस एकड़ फसल में धान का रकबा पंजीकृत करवाया था, तो अब पोर्टल पर पांच या तीन एकड़ में धान का रकबा दिखाई दे रहा है। यानि बकाया रकबे की फसल की मंडी में खरीद नहीं हो सकेगी।
किसान सर्बी ने बताया कि उनकी धान की फसल का रकबा दस एकड़ से घटा कर एक एकड़ कर दिया गया है। अशोक कुमार ने बताया कि उनका चार एकड़ का रकबा घटाकर एक एकड़ कर दिया गया है। इसी तरह से क्षेत्र के सैकड़ों किसानों का रकबा घटा दिया गया है। पोर्टल पर जितना रकबा और फसल का ब्योरा होगा, वे उतनी ही फसल मंडी में बेच सकेंगे।
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किसानों ने कहा कि अभी खरीद शुरू होने में दो दिन बाकी हैं, विभाग को तुरंत खामी दूरी करनी चाहिए। यदि ऐसा न हुआ तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। पोर्टल पर रकबा सही करवाने के लिए वे सीएससी, तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, मार्केट कमेटी कार्यालय व आढ़तियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस बारे में नायब तहसीलदार अरविंद कुमार ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण ऐसा हुआ है। किसान तहसील कार्यालय में फसलों के खसरा नंबर लिखकर पटवारी से तस्दीक करवाकर कार्यालय में जमा करवाएं। एक दो दिन में समस्या का समाधान हो जाएगा।
धान बेचने में दिक्कत आई तो मार्केट कमेटी पर ताला लगा देंगे
माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल की खामियों के मुद्दे को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि किसानोें को धान बेचने में दिक्कत आई तो मार्केट कमेटी के दफ्तर पर ताला लगा दिया जाएगा। वह ब्लॉक अध्यक्ष दीपक सांगवान के निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने गांवों में न जाकर अपने चहेतों के पास बैठकर ही पंजीकरण की रिपोर्ट बना दी। हालात इतने गंभीर किए गए हैं कि किसान ने 10 एकड़ की फसल का पंजीकरण करवाया था, लेकिन सर्वे के बाद केवल एक एकड़ अपडेट किया गया। कई किसानों का तो फसल पंजीकरण बिल्कुल खत्म कर दिया गया है। ऐसे में किसानों को धान बेचने में परेशानी होगी।
उन्होंने बताया कि मामले को लेकर किसानों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त को भी मिल चुका है, लेकिन सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी किसान को धान बेचने में दिक्कत आएगी तो पूरे जिले की मंडियों में मार्केट कमेटी के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा और ताला लगा दिया जाएगा। इस मौके पर दीपक सांगवान, विनोद गुर्जर, उदय सिंह कुंजल, विनोद डांगी, सुभाष चमरोड़ी, सतबीर मसाना, गुरदयाल सिंह कांबोज, रघुवीर सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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बिलासपुर। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल से किसानों का रकबा कट जाने से किसानों में रोष है। पोर्टल बंद होने से किसान अपनी फसल का सही रकबा भी अपडेट नहीं करवा पा रहे हैं। वहीं भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की समस्या का समाधान नहीं होने पर अनाज मंडियों में प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
क्षेत्र के किसान सर्बी, अशोक कुमार, राम कुमार, हरदेव सिंह ने बताया उन्होंने निश्चित समय पर पोर्टल पर फसल का पंजीकरण करवाया था। दो दिन पूर्व पता चला कि पोर्टल में आधी से अधिक फसल का ब्योरा काट दिया गया है। यानि अगर किसी किसान ने दस एकड़ फसल में धान का रकबा पंजीकृत करवाया था, तो अब पोर्टल पर पांच या तीन एकड़ में धान का रकबा दिखाई दे रहा है। यानि बकाया रकबे की फसल की मंडी में खरीद नहीं हो सकेगी।
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किसान सर्बी ने बताया कि उनकी धान की फसल का रकबा दस एकड़ से घटा कर एक एकड़ कर दिया गया है। अशोक कुमार ने बताया कि उनका चार एकड़ का रकबा घटाकर एक एकड़ कर दिया गया है। इसी तरह से क्षेत्र के सैकड़ों किसानों का रकबा घटा दिया गया है। पोर्टल पर जितना रकबा और फसल का ब्योरा होगा, वे उतनी ही फसल मंडी में बेच सकेंगे।
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किसानों ने कहा कि अभी खरीद शुरू होने में दो दिन बाकी हैं, विभाग को तुरंत खामी दूरी करनी चाहिए। यदि ऐसा न हुआ तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। पोर्टल पर रकबा सही करवाने के लिए वे सीएससी, तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, मार्केट कमेटी कार्यालय व आढ़तियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस बारे में नायब तहसीलदार अरविंद कुमार ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण ऐसा हुआ है। किसान तहसील कार्यालय में फसलों के खसरा नंबर लिखकर पटवारी से तस्दीक करवाकर कार्यालय में जमा करवाएं। एक दो दिन में समस्या का समाधान हो जाएगा।
धान बेचने में दिक्कत आई तो मार्केट कमेटी पर ताला लगा देंगे
माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल की खामियों के मुद्दे को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि किसानोें को धान बेचने में दिक्कत आई तो मार्केट कमेटी के दफ्तर पर ताला लगा दिया जाएगा। वह ब्लॉक अध्यक्ष दीपक सांगवान के निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने गांवों में न जाकर अपने चहेतों के पास बैठकर ही पंजीकरण की रिपोर्ट बना दी। हालात इतने गंभीर किए गए हैं कि किसान ने 10 एकड़ की फसल का पंजीकरण करवाया था, लेकिन सर्वे के बाद केवल एक एकड़ अपडेट किया गया। कई किसानों का तो फसल पंजीकरण बिल्कुल खत्म कर दिया गया है। ऐसे में किसानों को धान बेचने में परेशानी होगी।
उन्होंने बताया कि मामले को लेकर किसानों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त को भी मिल चुका है, लेकिन सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी किसान को धान बेचने में दिक्कत आएगी तो पूरे जिले की मंडियों में मार्केट कमेटी के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा और ताला लगा दिया जाएगा। इस मौके पर दीपक सांगवान, विनोद गुर्जर, उदय सिंह कुंजल, विनोद डांगी, सुभाष चमरोड़ी, सतबीर मसाना, गुरदयाल सिंह कांबोज, रघुवीर सिंह आदि किसान मौजूद रहे।