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Yamuna Nagar News: न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर दो लाख की ठगी
Thu, 17 Sep 2026 02:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 17 Sep 2026 02:53 AM IST
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यमुनानगर। विदेश भेजने के नाम पर युवती से दो लाख रुपये लेने और रकम वापस मांगने पर धमकी देने के आरोप में सेक्टर-17 थाना पुलिस ने इमिग्रेशन फर्म के संचालक समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। मामले में महिला कर्मचारी को साक्ष्य नहीं मिलने पर जांच में निर्दोष पाया गया है।
तेजली गांव निवासी आरती शर्मा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर बताया कि वह वर्क वीजा पर विदेश जाना चाहती थी। सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी इडूलिंक विजिन इमीग्रेशन चंडीगढ़ के संजीव कुमार और नूर से संपर्क हुआ। आरोप है कि आरोपियों ने न्यूजीलैंड का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये मांगे और शुरुआत में दो लाख रुपये लेने की बात कही। शिकायत के अनुसार आरती ने फरवरी और मार्च में अलग-अलग माध्यमों से करीब दो लाख रुपये आरोपियों को दिए। आरोप है कि इस दौरान उनसे कुछ दस्तावेजों पर बिना पढ़ाए हस्ताक्षर भी करवाए गए। बाद में आरोपियों ने जून में फाइल एंबेसी में जमा होने की बात कही, लेकिन कुछ दिन बाद वीजा रिफ्यूज होने की जानकारी दी। आरती ने रकम और दस्तावेज वापस मांगे तो आरोपियों ने कथित तौर पर रकम लौटाने से इनकार कर दिया और कार्रवाई करने पर जान से मारने व झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। शिकायत की आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की। जांच के आधार पर पुलिस ने संजीव कुमार और इमिग्रेशन फर्म के संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस प्रवक्ता चमकौर सिंह ने बताया कि मामले में आगामी जांच के दौरान आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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तेजली गांव निवासी आरती शर्मा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर बताया कि वह वर्क वीजा पर विदेश जाना चाहती थी। सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी इडूलिंक विजिन इमीग्रेशन चंडीगढ़ के संजीव कुमार और नूर से संपर्क हुआ। आरोप है कि आरोपियों ने न्यूजीलैंड का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये मांगे और शुरुआत में दो लाख रुपये लेने की बात कही। शिकायत के अनुसार आरती ने फरवरी और मार्च में अलग-अलग माध्यमों से करीब दो लाख रुपये आरोपियों को दिए। आरोप है कि इस दौरान उनसे कुछ दस्तावेजों पर बिना पढ़ाए हस्ताक्षर भी करवाए गए। बाद में आरोपियों ने जून में फाइल एंबेसी में जमा होने की बात कही, लेकिन कुछ दिन बाद वीजा रिफ्यूज होने की जानकारी दी। आरती ने रकम और दस्तावेज वापस मांगे तो आरोपियों ने कथित तौर पर रकम लौटाने से इनकार कर दिया और कार्रवाई करने पर जान से मारने व झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। शिकायत की आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की। जांच के आधार पर पुलिस ने संजीव कुमार और इमिग्रेशन फर्म के संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस प्रवक्ता चमकौर सिंह ने बताया कि मामले में आगामी जांच के दौरान आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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