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कार्तिकपूर्णिमा : श्रद्धा और आस्था प्रतीक कपालमोचन मेले का समापन, सरोवरों में स्नान कर मांगा मोक्ष
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यमुनानगर/बिलासपुर। पांच दिन से चले राज्यस्तरीय तीर्थराज कपालमोचन मेले का शुक्रवार को समापन हो गया। इस दौरान आधी रात से लेकर शुक्रवार शाम तक करीब चार लाख श्रद्धालुुओं ने शाही स्नान कर मोक्ष मांगा। पूर्ण स्नान करते ही श्रद्धालु भी अपने घर को लौट गए। पिछले मेलों की अपेक्षा इस बार श्रद्धालुओं की काफी कम संख्या रही। जबकि दो साल का अंतर पड़ने पर इस बार आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद थी।
मगर संख्या कम होने के चलते मेला स्थल पर जगह खाली रही, लेकिन कोरोना काल से पूर्व जब यहां मेला लगता था तो इन दिनों में पैर तक रखने की भी जगह नहीं बचती थी। खैर मेले में आए श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्थानों पर माथा टेका और मन्नतें मांगी। इतना ही नहीं स्नान करने के बाद श्रद्धालु जगाधरी के बर्तन बाजार में पहुंचे। यहां उन्होंने जमकर खरीदारी की। लेकिन, संगत की संख्या कम होने के चलते बर्तन बाजार में भी मंदी छाई रही।
बता दें इस मेले में पंजाब सहित विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने कपालमोचन, ऋणमोचन और सूरजकुंड तीनों सरोवरों में डुबकी लगाई और मंदिर व गुरुद्वारा में मत्था टेकने के बाद अपने घर को रवाना हो गए। वापसी के लिए मेला से सड़कों पर आए श्रद्धालुओं के वाहनों के कारण डेढ़ बजे तक बिलासपुर में जाम की स्थिति बनी रही। कपाललोचन से छोटा बस स्टैंड तक श्रद्धालुओं के वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ रहे थे। चार दिन से जहां मेला शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था अंतिम दिन आस पास के गांवों से आए हजारों लोगों ने मेला का भ्रमण कर स्नान किया। इतना ही नहीं मेले में आई संगत ने जमकर खरीदारी की।
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रात को स्नान करने के बाद भोर फटते ही श्रद्धालु अपने घर के लिए रवाना होने लगे। जो लोग रोडवेज बसों से कपालमोचन आए थे वे रात को स्नान के बाद ही रवाना होने लगे थे। जिनके पास अपने वाहन थे वे सुबह चलने के लिए आगे आए। कपाल मोचन से छछरौली मोड़ तक सुबह ग्यारह बजे तक जाम की स्थिति बनी रही। इस बार मेले में आए वाहनों को प्रतापनगर मार्ग की ओर से निकाला जा रहा था। वाहनों को निकालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाहर से आए श्रद्धालुओं के रवाना होने के बाद बिलासपुर के आस पास के गांवों से आए श्रद्धालुओं ने भी पूजा-अर्चना के बाद स्नान किया। श्रद्धालुओं ने अपनी सुख- समृद्धि की कामना की। गांवों से आए लोगों की भीड़ जुटने से कपालमोचन एक बार फिर से गुलजार हो गया। वापसी के दौरान श्रद्धालुओं ने बसातिंयावाला स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में शीश नवाया। श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए रोडवेज द्वारा रात से ही बसें चलानी शुरू कर दी थी। सड़क पर सैकड़ों की संख्या में वाहन आ जाने से जहां जाम लगा रहा। वहीं वाहनों से उड़ रही धूल से भी लोग काफी परेशान दिखे। धूल इतनी थी कि मानों धुंध पड़ रही हो। मेले में अंतिम दिन स्थानीय लोगों के द्वारा मुख्य बाजार ,चौक चौराहों पर चाय पकौडे़ का लंगर लगा सेवा की गई।
बिलासपुर। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कपालमोचन में पहुंचे मुख्यमंत्री का भारत रक्षा संत समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत श्रीराम स्वरूप ब्रह्मचारी व दर्शन साधु समाज के अध्यक्ष ब्रह्मचारी शोभा दास सहित मेेले में आए सभी साधु संतों व महात्माओं ने उनके द्वारा रखी गए मांग पत्र को मानने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद व आभार प्रकट किया। ब्रह्मचारी शोभा दास ने कहा कि कपालमोचन में विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे अनेक साधु संत व महात्मा मुख्यमंत्री से मिले कपालमोचन मेले के दौरान भंडारे ,हवन यज्ञ के लिए भूमि ,बिजली व पानी निशुल्क देने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। वहीं एसजीपीसी सदस्य बलदेव सिंह कायमपुर ने कहा कि उनके द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष कपालमोचन के दशमेश सीनियर सेकेंडरी स्कूल की चहारदीवारी व सीबीएसई की मान्यता को लेकर रखी मांग को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के द्वारा पूरा करने पर आभार प्रकट किया है। इसी तरह गुर्जर कल्याण सभा कपालमोचन के अध्यक्ष अरुण कुमार, सुरेंद्र बनकट, रमेश कुमार के द्वारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कपालमोचन मेले में पहुंचने पर शाल भेंट कर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अरुण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कपालमोचन मेले के दौरान पहुंच कर कपालमोचन क्षेत्र में विकास को लेकर नए आयाम स्थापित होंगे।
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मगर संख्या कम होने के चलते मेला स्थल पर जगह खाली रही, लेकिन कोरोना काल से पूर्व जब यहां मेला लगता था तो इन दिनों में पैर तक रखने की भी जगह नहीं बचती थी। खैर मेले में आए श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्थानों पर माथा टेका और मन्नतें मांगी। इतना ही नहीं स्नान करने के बाद श्रद्धालु जगाधरी के बर्तन बाजार में पहुंचे। यहां उन्होंने जमकर खरीदारी की। लेकिन, संगत की संख्या कम होने के चलते बर्तन बाजार में भी मंदी छाई रही।
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बता दें इस मेले में पंजाब सहित विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने कपालमोचन, ऋणमोचन और सूरजकुंड तीनों सरोवरों में डुबकी लगाई और मंदिर व गुरुद्वारा में मत्था टेकने के बाद अपने घर को रवाना हो गए। वापसी के लिए मेला से सड़कों पर आए श्रद्धालुओं के वाहनों के कारण डेढ़ बजे तक बिलासपुर में जाम की स्थिति बनी रही। कपाललोचन से छोटा बस स्टैंड तक श्रद्धालुओं के वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ रहे थे। चार दिन से जहां मेला शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था अंतिम दिन आस पास के गांवों से आए हजारों लोगों ने मेला का भ्रमण कर स्नान किया। इतना ही नहीं मेले में आई संगत ने जमकर खरीदारी की।
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रात को स्नान करने के बाद भोर फटते ही श्रद्धालु अपने घर के लिए रवाना होने लगे। जो लोग रोडवेज बसों से कपालमोचन आए थे वे रात को स्नान के बाद ही रवाना होने लगे थे। जिनके पास अपने वाहन थे वे सुबह चलने के लिए आगे आए। कपाल मोचन से छछरौली मोड़ तक सुबह ग्यारह बजे तक जाम की स्थिति बनी रही। इस बार मेले में आए वाहनों को प्रतापनगर मार्ग की ओर से निकाला जा रहा था। वाहनों को निकालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाहर से आए श्रद्धालुओं के रवाना होने के बाद बिलासपुर के आस पास के गांवों से आए श्रद्धालुओं ने भी पूजा-अर्चना के बाद स्नान किया। श्रद्धालुओं ने अपनी सुख- समृद्धि की कामना की। गांवों से आए लोगों की भीड़ जुटने से कपालमोचन एक बार फिर से गुलजार हो गया। वापसी के दौरान श्रद्धालुओं ने बसातिंयावाला स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में शीश नवाया। श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए रोडवेज द्वारा रात से ही बसें चलानी शुरू कर दी थी। सड़क पर सैकड़ों की संख्या में वाहन आ जाने से जहां जाम लगा रहा। वहीं वाहनों से उड़ रही धूल से भी लोग काफी परेशान दिखे। धूल इतनी थी कि मानों धुंध पड़ रही हो। मेले में अंतिम दिन स्थानीय लोगों के द्वारा मुख्य बाजार ,चौक चौराहों पर चाय पकौडे़ का लंगर लगा सेवा की गई।
बिलासपुर। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कपालमोचन में पहुंचे मुख्यमंत्री का भारत रक्षा संत समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत श्रीराम स्वरूप ब्रह्मचारी व दर्शन साधु समाज के अध्यक्ष ब्रह्मचारी शोभा दास सहित मेेले में आए सभी साधु संतों व महात्माओं ने उनके द्वारा रखी गए मांग पत्र को मानने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद व आभार प्रकट किया। ब्रह्मचारी शोभा दास ने कहा कि कपालमोचन में विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे अनेक साधु संत व महात्मा मुख्यमंत्री से मिले कपालमोचन मेले के दौरान भंडारे ,हवन यज्ञ के लिए भूमि ,बिजली व पानी निशुल्क देने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। वहीं एसजीपीसी सदस्य बलदेव सिंह कायमपुर ने कहा कि उनके द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष कपालमोचन के दशमेश सीनियर सेकेंडरी स्कूल की चहारदीवारी व सीबीएसई की मान्यता को लेकर रखी मांग को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के द्वारा पूरा करने पर आभार प्रकट किया है। इसी तरह गुर्जर कल्याण सभा कपालमोचन के अध्यक्ष अरुण कुमार, सुरेंद्र बनकट, रमेश कुमार के द्वारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कपालमोचन मेले में पहुंचने पर शाल भेंट कर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अरुण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कपालमोचन मेले के दौरान पहुंच कर कपालमोचन क्षेत्र में विकास को लेकर नए आयाम स्थापित होंगे।