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रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 40 लाख ठगने के आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार
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यमुनानगर। रेल मंत्री के जानकार बताकर तीन युवाओं को रेलवे के विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 45 लाख रुपये ठगने के आरोपी सेक्टर 17 निवासी दीपक सिंगला, उसके पिता प्रदीप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। वहां से उन्हें पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है।
चोपड़ा गार्डन निवासी वीरेंद्र ने शिकायत में बताया था कि उसकी मई 2019 में आरोपी सेक्टर 17 निवासी दीपक सिंगला व उसके पिता प्रदीप से मुलाकात हुई थी। आरोपी दीपक और प्रदीप ने खुद को रेल मंत्री का अच्छा जानकार बताते हुए उसके बेटे को रेलवे में डिवीजनल सीनियर मेकेनिकल इंजीनियर के पद पर लगवाने का झांसा दिया। इसके लिए आरोपी ने 20 लाख रुपये का खर्च बताया।
आरोपी ने टोकन मनी के रूप में उनसे सात लाख रुपये ले लिए और जल्द ही नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। इस दौरान आरोपी ने उसे कहा कि भारत सरकार की और भी नौकरियां निकल रही है। आरोपी के बहकावे में आकर उसने अपने भतीजे प्रशांत को जूनियर इंजीनियर व साले के लड़के ललित को क्लर्क लगवाने की बात की। आरोपी ने तीनों युवाओं को नौकरी लगवाने के लिए कुल 60 लाख रुपये की मांग की।
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इस दौरान उसने आरोपी को अलग अलग तारीखों में कुल 45 लाख रुपये दे दिए गए। आरोपी ने तीनों युवाओं में से किसी की भी नौकरी नहीं लगवाई। जब उसने आरोपियों से रुपये मांगे तो आरोपियों ने उसे झूठे केस में फसाने की धमकी दी। उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। सेक्टर 17 थाना पुलिस ने 22 मई को दोनों आरोपियों पर केस दर्ज किया था। जांच अधिकारी जसवंत सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें 27 अगस्त तक रिमांड पर लिया है।
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चोपड़ा गार्डन निवासी वीरेंद्र ने शिकायत में बताया था कि उसकी मई 2019 में आरोपी सेक्टर 17 निवासी दीपक सिंगला व उसके पिता प्रदीप से मुलाकात हुई थी। आरोपी दीपक और प्रदीप ने खुद को रेल मंत्री का अच्छा जानकार बताते हुए उसके बेटे को रेलवे में डिवीजनल सीनियर मेकेनिकल इंजीनियर के पद पर लगवाने का झांसा दिया। इसके लिए आरोपी ने 20 लाख रुपये का खर्च बताया।
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आरोपी ने टोकन मनी के रूप में उनसे सात लाख रुपये ले लिए और जल्द ही नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। इस दौरान आरोपी ने उसे कहा कि भारत सरकार की और भी नौकरियां निकल रही है। आरोपी के बहकावे में आकर उसने अपने भतीजे प्रशांत को जूनियर इंजीनियर व साले के लड़के ललित को क्लर्क लगवाने की बात की। आरोपी ने तीनों युवाओं को नौकरी लगवाने के लिए कुल 60 लाख रुपये की मांग की।
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इस दौरान उसने आरोपी को अलग अलग तारीखों में कुल 45 लाख रुपये दे दिए गए। आरोपी ने तीनों युवाओं में से किसी की भी नौकरी नहीं लगवाई। जब उसने आरोपियों से रुपये मांगे तो आरोपियों ने उसे झूठे केस में फसाने की धमकी दी। उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। सेक्टर 17 थाना पुलिस ने 22 मई को दोनों आरोपियों पर केस दर्ज किया था। जांच अधिकारी जसवंत सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें 27 अगस्त तक रिमांड पर लिया है।