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Yamuna Nagar News: अमेरिका से डील के विरोध में किसानों का प्रदर्शन
Fri, 01 May 2026 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 01 May 2026 12:49 AM IST
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जिला सचिवालय गेट पर प्रदर्शनकारी किसानों को रोकती पुलिस। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। अमेरिका से ट्रेड डील के खिलाफ वीरवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी की ओर से शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के लिए भाकियू के बैनर तले किसान जगाधरी अनाजमंडी में जमा हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए जिला सचिवालय में पहुंचे। यहां पहले गेट पर रोकने का प्रयास किया गया। फिर आगे जाने दिया गया।
किसान डीसी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देने पहुंचे थे। डीसी के मीटिंग में व्यस्त होने पर तहसीलदार अंकित कुमार ने ज्ञापन लिया। ज्ञापन में भाकियू ने अमेरिका भारत ट्रेड डील रद्द करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने किया। प्रदर्शन से पूर्व किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के प्रांगण में सभा की।
यहां गुंदियाना ने कहा कि सरकार अमेरिका से ट्रेड डील कर रही है। इस ट्रेड डील से देश व देश की बड़ी अर्थव्यवस्था कृषि को नुकसान होगा। इससे अमेरिका के सामान भारत में सस्ते दामों पर मिलेंगे और देश का लघु उद्योग, कृषि व घरेलू उत्पाद बर्बाद हो जाएगा। संजू ने कहा कि अन्नदाता कहलाने वाला किसान आज कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। सरकार की नीतियों से किसानों की समस्याएं और बढ़ती जा रही हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न देशों से किए जा रहे व्यापार समझौते किसानों के हितों के खिलाफ हैं। पहले से ही बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम न मिलना, प्राकृतिक आपदाएं और कर्ज जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन समझौतों से किसान और प्रभावित होंगे। यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट दी गई तो किसान और घरेलू उद्योग बर्बाद हो जाएंगे।
ट्रेड डील से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा और कृषि क्षेत्र में निजीकरण व कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ेगा। इससे न केवल किसानों की आजीविका प्रभावित होगी, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगेगा। किसानों ने मांग की है कि कृषि, डेयरी और पोल्ट्री इत्यादि क्षेत्रों को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए।
न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाए और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष संजू सरांवा, निदेशक मनदीप रोड छप्पर, जिला सचिव व्रिकांत ससोली, गुरवीर सिंह, राजीव ससौली, राज कुमार छछरौली, युवाध्यक्ष जिला संदीप टोपरा, उपाध्यक्ष गुरमेज कपूरी, जगतार कड़कौली सहित अन्य ने किसानों को संबोधित किया।
किसानों ने गन्ने का भुगतान करने की उठाई मांग
ज्ञापन देने के बाद किसानों ने तहसीलदार अंकित के सामने स्थानीय समस्याएं व मांगें रखी। यहां किसानों ने कहा कि गन्ना मिल बंद हुए करीब दो महीने हो गए हैं। परंतु किसानों का अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। मिल संचालक सब्सिडी न आने के कारण भुगतान रुकने की बात कह रहे हैं। संजू गुंदियाना ने कहा कि किसानों ने गन्ना मिल को दिया था, लेकिन भुगतान के नाम पर सब्सिडी का हवाला दिया जा रहा है। इसके अलावा दाल का बीज न मिलने की समस्या भी किसानों ने रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाजार में बीज काफी महंगा है और सरकार ने पोर्टल बंद कर दिया है। इससे किसानों को नुकसान होगा।
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जगाधरी। अमेरिका से ट्रेड डील के खिलाफ वीरवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी की ओर से शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के लिए भाकियू के बैनर तले किसान जगाधरी अनाजमंडी में जमा हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए जिला सचिवालय में पहुंचे। यहां पहले गेट पर रोकने का प्रयास किया गया। फिर आगे जाने दिया गया।
किसान डीसी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देने पहुंचे थे। डीसी के मीटिंग में व्यस्त होने पर तहसीलदार अंकित कुमार ने ज्ञापन लिया। ज्ञापन में भाकियू ने अमेरिका भारत ट्रेड डील रद्द करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने किया। प्रदर्शन से पूर्व किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के प्रांगण में सभा की।
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यहां गुंदियाना ने कहा कि सरकार अमेरिका से ट्रेड डील कर रही है। इस ट्रेड डील से देश व देश की बड़ी अर्थव्यवस्था कृषि को नुकसान होगा। इससे अमेरिका के सामान भारत में सस्ते दामों पर मिलेंगे और देश का लघु उद्योग, कृषि व घरेलू उत्पाद बर्बाद हो जाएगा। संजू ने कहा कि अन्नदाता कहलाने वाला किसान आज कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। सरकार की नीतियों से किसानों की समस्याएं और बढ़ती जा रही हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न देशों से किए जा रहे व्यापार समझौते किसानों के हितों के खिलाफ हैं। पहले से ही बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम न मिलना, प्राकृतिक आपदाएं और कर्ज जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन समझौतों से किसान और प्रभावित होंगे। यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट दी गई तो किसान और घरेलू उद्योग बर्बाद हो जाएंगे।
ट्रेड डील से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा और कृषि क्षेत्र में निजीकरण व कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ेगा। इससे न केवल किसानों की आजीविका प्रभावित होगी, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगेगा। किसानों ने मांग की है कि कृषि, डेयरी और पोल्ट्री इत्यादि क्षेत्रों को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए।
न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाए और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष संजू सरांवा, निदेशक मनदीप रोड छप्पर, जिला सचिव व्रिकांत ससोली, गुरवीर सिंह, राजीव ससौली, राज कुमार छछरौली, युवाध्यक्ष जिला संदीप टोपरा, उपाध्यक्ष गुरमेज कपूरी, जगतार कड़कौली सहित अन्य ने किसानों को संबोधित किया।
किसानों ने गन्ने का भुगतान करने की उठाई मांग
ज्ञापन देने के बाद किसानों ने तहसीलदार अंकित के सामने स्थानीय समस्याएं व मांगें रखी। यहां किसानों ने कहा कि गन्ना मिल बंद हुए करीब दो महीने हो गए हैं। परंतु किसानों का अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। मिल संचालक सब्सिडी न आने के कारण भुगतान रुकने की बात कह रहे हैं। संजू गुंदियाना ने कहा कि किसानों ने गन्ना मिल को दिया था, लेकिन भुगतान के नाम पर सब्सिडी का हवाला दिया जा रहा है। इसके अलावा दाल का बीज न मिलने की समस्या भी किसानों ने रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाजार में बीज काफी महंगा है और सरकार ने पोर्टल बंद कर दिया है। इससे किसानों को नुकसान होगा।

जिला सचिवालय गेट पर प्रदर्शनकारी किसानों को रोकती पुलिस। संवाद