{"_id":"667b59acb0786d1e1c0359e8","slug":"exposing-the-smuggling-of-liquor-through-fake-number-plates-and-bar-codes-on-vehicles-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-121007-2024-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट व बार कोड के जरिए शराब तस्करी का खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट व बार कोड के जरिए शराब तस्करी का खुलासा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कैंटर में पकड़ी गई 1200 पेटी देसी शराब मामले में पुलिस को मास्टरमाइंड की तलाश है। मामले में सोमवार को पुलिस टीम कोर्ट से सर्च वारंट लेकर मैसर्स एनवी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड बड़ौली अंबाला पहुंची, जहां दिनभर तलाशी और जांच अभियान चलाया गया। करीब 14 घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने मौके से बड़ी संख्या में वाहनों के नकली नंबर प्लेट बरामद किए। साथ ही करीब छह लाख बार कोड मिले जो कि उपयोग किए गए थे।
साथ ही खुलासा हुआ कि शराब माफिया एक ही परमिट पर शराब लोड ट्रक के दो चक्कर लगाकर किस तरह से सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि शराब माफिया का किन-किन जिलों और राज्यों में लिंक है। उधर, आबकारी विभाग के अनुसार इस मामले में रिंकू व बृजपाल नाम के दो ठेकेदार फरार हैं। उन्हें कोर्ट से पहले ही भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। वहीं इस मामले में पुलिस ने सेल्स मैनेजर सहित चालक व मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले पुलिस को सूचना मिली थी कि शराब से भरा एक कैंटर नेशनल हाईवे-344 से होता हुआ उत्तर प्रदेश की तरफ जाएगा। इस पर पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे 344 पर पिरथी का माजरा गांव के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान अंबाला की तरफ से एक कैंटर आता दिखाई दिया। पुलिस ने कैंटर को रोककर जांच की तो उसके अंदर से देसी शराब से भरी पेटियां मिलीं। मामले की सूचना आबकारी विभाग को दी गई, जिसके बाद आबकारी निरीक्षक जगाधरी मोहन सिंह राणा ने टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके समक्ष कैंटर चालक से शराब के दस्तावेज मांगे गए। आरोपी ने गाड़ी में 1200 पेटी देसी शराब होने का परमिट दिखाया। यह परमिट 20 जून को शाम पांच बजकर 32 मिनट पर एमएच एनवी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड बड़ौली अंबाला से जारी किया हुआ दिखाया गया।
विज्ञापन
इस परमिट की वैधता 21 जून को दोपहर दो बजे तक की थी। परमिट के अनुसार, यह शराब एमएस स्कोच स्टेशन वाइन जगाधरी को पहुंचाई जानी थी। उनकी टीम ने पेटियों को उतार कर जांच की। इस दौरान पेटियों पर लगे बार कोड को ट्रैक एंड ट्रेस के माध्यम से स्कैन किया गया तो गड़बड़झाले का खुलासा हुआ। दरअसल जिन पेटियों को स्कैन किया गया वह शराब की पेटियां एमएस स्कोच स्टेशन वाइन जगाधरी में पहले से स्टॉक इन दिखाई गई। इसके अलावा गाड़ी के अंदर से एक दूसरे नंबर प्लेट भी बरामद हुई। इसके बाद मामले की जांच के लिए डीएसपी अभिलक्ष जोशी व आबकारी विभाग के कमिश्नर सोमवार की सुबह 11 बजे मैसर्स एनवी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड बड़ौली अंबाला पहुंचे और रात 12 बजे तक छानबीन की।
मौके पर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली गई तो देखने में आया ट्रक गलत तरीके से निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा सर्च टीम को मौके पर करीब छह लाख बार कोड बरामद हुए जो प्रयोग किए हुए थे। अब पुलिस मामले में मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है, जिससे शराब तस्करी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सके।
हमने सोमवार सुबह 11 से रात 12 बजे तक कोर्ट से सर्च वारंट लेकर बड़ौली में आबकारी विभाग के कमिश्नर के साथ मिलकर सर्च अभियान चलाया था, जहां हमें काफी सुबूत मिले हैं। करीब छह लाख बार कोड जो यूज किए हुए थे तथा मल्टीपल्स नंबर प्लेट बरामद किए गए हैं, जिन्हें ट्रकों पर लगाकर बाहर निकाला जाता था। अभी मामले में जांच जारी है। - अभिलक्ष जोशी, डीएसपी जगाधरी।
विज्ञापन
यमुनानगर। कैंटर में पकड़ी गई 1200 पेटी देसी शराब मामले में पुलिस को मास्टरमाइंड की तलाश है। मामले में सोमवार को पुलिस टीम कोर्ट से सर्च वारंट लेकर मैसर्स एनवी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड बड़ौली अंबाला पहुंची, जहां दिनभर तलाशी और जांच अभियान चलाया गया। करीब 14 घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने मौके से बड़ी संख्या में वाहनों के नकली नंबर प्लेट बरामद किए। साथ ही करीब छह लाख बार कोड मिले जो कि उपयोग किए गए थे।
साथ ही खुलासा हुआ कि शराब माफिया एक ही परमिट पर शराब लोड ट्रक के दो चक्कर लगाकर किस तरह से सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि शराब माफिया का किन-किन जिलों और राज्यों में लिंक है। उधर, आबकारी विभाग के अनुसार इस मामले में रिंकू व बृजपाल नाम के दो ठेकेदार फरार हैं। उन्हें कोर्ट से पहले ही भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। वहीं इस मामले में पुलिस ने सेल्स मैनेजर सहित चालक व मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले पुलिस को सूचना मिली थी कि शराब से भरा एक कैंटर नेशनल हाईवे-344 से होता हुआ उत्तर प्रदेश की तरफ जाएगा। इस पर पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे 344 पर पिरथी का माजरा गांव के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान अंबाला की तरफ से एक कैंटर आता दिखाई दिया। पुलिस ने कैंटर को रोककर जांच की तो उसके अंदर से देसी शराब से भरी पेटियां मिलीं। मामले की सूचना आबकारी विभाग को दी गई, जिसके बाद आबकारी निरीक्षक जगाधरी मोहन सिंह राणा ने टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके समक्ष कैंटर चालक से शराब के दस्तावेज मांगे गए। आरोपी ने गाड़ी में 1200 पेटी देसी शराब होने का परमिट दिखाया। यह परमिट 20 जून को शाम पांच बजकर 32 मिनट पर एमएच एनवी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड बड़ौली अंबाला से जारी किया हुआ दिखाया गया।
विज्ञापन
इस परमिट की वैधता 21 जून को दोपहर दो बजे तक की थी। परमिट के अनुसार, यह शराब एमएस स्कोच स्टेशन वाइन जगाधरी को पहुंचाई जानी थी। उनकी टीम ने पेटियों को उतार कर जांच की। इस दौरान पेटियों पर लगे बार कोड को ट्रैक एंड ट्रेस के माध्यम से स्कैन किया गया तो गड़बड़झाले का खुलासा हुआ। दरअसल जिन पेटियों को स्कैन किया गया वह शराब की पेटियां एमएस स्कोच स्टेशन वाइन जगाधरी में पहले से स्टॉक इन दिखाई गई। इसके अलावा गाड़ी के अंदर से एक दूसरे नंबर प्लेट भी बरामद हुई। इसके बाद मामले की जांच के लिए डीएसपी अभिलक्ष जोशी व आबकारी विभाग के कमिश्नर सोमवार की सुबह 11 बजे मैसर्स एनवी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड बड़ौली अंबाला पहुंचे और रात 12 बजे तक छानबीन की।
मौके पर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली गई तो देखने में आया ट्रक गलत तरीके से निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा सर्च टीम को मौके पर करीब छह लाख बार कोड बरामद हुए जो प्रयोग किए हुए थे। अब पुलिस मामले में मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है, जिससे शराब तस्करी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सके।
हमने सोमवार सुबह 11 से रात 12 बजे तक कोर्ट से सर्च वारंट लेकर बड़ौली में आबकारी विभाग के कमिश्नर के साथ मिलकर सर्च अभियान चलाया था, जहां हमें काफी सुबूत मिले हैं। करीब छह लाख बार कोड जो यूज किए हुए थे तथा मल्टीपल्स नंबर प्लेट बरामद किए गए हैं, जिन्हें ट्रकों पर लगाकर बाहर निकाला जाता था। अभी मामले में जांच जारी है। - अभिलक्ष जोशी, डीएसपी जगाधरी।