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Yamuna Nagar News: नर्सरियों में खेल के साथ फिटनेस प्रबंधन पर जोर
Wed, 15 Jul 2026 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 15 Jul 2026 12:30 AM IST
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खेल नर्सरी में प्रशिक्षण के लिए जुटे खिलाड़ी। संस्थान
- फोटो : credit
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने और उन्हें बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खेल विभाग की ओर से संचालित खेल नर्सरियां युवा खिलाड़ियों के लिए मजबूत आधार बन रही हैं। जिले में वर्तमान में 45 खेल नर्सरियां संचालित हैं, जिनमें 35 राजकीय व पंचायती संस्थानों और 10 निजी स्कूलों में चलाई जा रही हैं।
प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे सैकड़ों खिलाड़ी विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं। जिले की नर्सरियों में कुल 1,125 खिलाड़ी नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं।
खेल नर्सरियों में आठ से 18 वर्ष के खिलाड़ी हैं। इन खेल नर्सरियों में खिलाड़ियों को सुबह और शाम निर्धारित समय पर अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में अभ्यास करवाया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान खेल की तकनीकी बारीकियों के साथ शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और प्रतिस्पर्धी मानसिकता विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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खिलाड़ियों को आवश्यक खेल उपकरण भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि अभ्यास के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। खेल विभाग की योजना के अनुसार प्रत्येक नर्सरी में नियमित प्रशिक्षण के साथ साप्ताहिक आंतरिक प्रतियोगिताएं और गतिविधियां भी करवाई जाती हैं। इन प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा।
इससे प्रशिक्षकों को खिलाड़ियों की क्षमता और कमजोरियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। वहीं, खिलाड़ियों को भी अपनी कमियों को दूर कर बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त होगा।अधिकारियों का मानना है कि शुरुआती स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलने से खिलाड़ी भविष्य में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
खेल नर्सरियों से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जा रहा है। जिला खेल अधिकारी शिल्पा गुप्ता ने कहा कि नियमित अभ्यास, आधुनिक प्रशिक्षण और समय-समय पर होने वाली आंतरिक प्रतियोगी खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार करती हैं।
यही कारण है कि जिले के खिलाड़ी इन नर्सरियों से प्रशिक्षण लेकर विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना रहे हैं। विभाग को उम्मीद है कि आने वाले समय में इन खेल नर्सरियों से तैयार खिलाड़ी जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।
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जगाधरी। जिले में खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने और उन्हें बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खेल विभाग की ओर से संचालित खेल नर्सरियां युवा खिलाड़ियों के लिए मजबूत आधार बन रही हैं। जिले में वर्तमान में 45 खेल नर्सरियां संचालित हैं, जिनमें 35 राजकीय व पंचायती संस्थानों और 10 निजी स्कूलों में चलाई जा रही हैं।
प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे सैकड़ों खिलाड़ी विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं। जिले की नर्सरियों में कुल 1,125 खिलाड़ी नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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खेल नर्सरियों में आठ से 18 वर्ष के खिलाड़ी हैं। इन खेल नर्सरियों में खिलाड़ियों को सुबह और शाम निर्धारित समय पर अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में अभ्यास करवाया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान खेल की तकनीकी बारीकियों के साथ शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और प्रतिस्पर्धी मानसिकता विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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खिलाड़ियों को आवश्यक खेल उपकरण भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि अभ्यास के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। खेल विभाग की योजना के अनुसार प्रत्येक नर्सरी में नियमित प्रशिक्षण के साथ साप्ताहिक आंतरिक प्रतियोगिताएं और गतिविधियां भी करवाई जाती हैं। इन प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा।
इससे प्रशिक्षकों को खिलाड़ियों की क्षमता और कमजोरियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। वहीं, खिलाड़ियों को भी अपनी कमियों को दूर कर बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त होगा।अधिकारियों का मानना है कि शुरुआती स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलने से खिलाड़ी भविष्य में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
खेल नर्सरियों से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जा रहा है। जिला खेल अधिकारी शिल्पा गुप्ता ने कहा कि नियमित अभ्यास, आधुनिक प्रशिक्षण और समय-समय पर होने वाली आंतरिक प्रतियोगी खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार करती हैं।
यही कारण है कि जिले के खिलाड़ी इन नर्सरियों से प्रशिक्षण लेकर विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना रहे हैं। विभाग को उम्मीद है कि आने वाले समय में इन खेल नर्सरियों से तैयार खिलाड़ी जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।