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Yamuna Nagar News: स्वच्छ सर्वेक्षण में सुधार की जुगत
Sun, 15 Dec 2024 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 15 Dec 2024 11:46 PM IST
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राहुल शर्मा
यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के इम्तिहान की घड़ी करीब आते ही शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाले नगर निगम अफसर रैंकिंग में सुधार के लिए खूब जोर लगा रहे हैं। गत वर्ष रैंक 51 पायदान नीचे गिर गई थी। इस बार अफसर सफाई व्यवस्था में भी बदलाव के कई जुगत लगा रहे हैं।
एक ओर कचरा उठान के टिपर बढ़ाने के साथ मुख्य बाजारों व मार्गों से रात में कचरा उठान शुरू कर दिया गया है, वहीं कचरा निस्तारण में भी एजेंसी पर सख्ती कर तेजी लाई जा रही है। इसके अलावा शहर में दो जगह एमआरएफ सेंटर व चार जगह सार्वजनिक शौचालय बनाने और पुराने 30 शौचालय की मरम्मत कराने की तैयारी है।
साथ ही सफाई के लिए छोटी स्वीपिंग मशीन और एक माह के सफाई अभियान में कचरा उठान को 22 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, दो जेसीबी, 66 हेल्पर्स लिए जा रहे हैं। नगर निगम की ओर से 55 लाख रुपये से वार्ड-4 की इंदिरा कॉलोनी, 12 के गांव पांसरा व शादीपुर और वार्ड 18 के गांव जोडियों में शौचालय बनाए जाएंगे।
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साथ ही पुराने 37 शौचालयों की भी मरम्मत की जानी है, इनमें सात की मरम्मत हो चुकी है। बाकी 30 शौचालयों की भी जल्द मरम्मत कराई जाएगी। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह रखने के लिए मोबाइल टॉयलेट खरीदे जाएंगे, जिनमें से दो के लिए अनुमानित 16.50 लाख रुपये के खर्च पर टेंडर भी लगा दिया गया है।
इससे पहले एक माह सफाई अभियान चलाने के लिए चालक, डीजल व रखरखाव खर्च सहित 22 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, दो जेसीबी, 66 हेल्पर्स लेने के लिए भी टेंडर लग चुका है। डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने के बाद रेहड़ी व छोटे वाहनों द्वारा उसे कचरा प्लांट पहुंचाने में अधिक समय लगता है, इसलिए निगम की ओर से गुलाबनगर व शादीपुर में दो पक्के एमआरएफ सेंटर बनने हैं।
यहां टिपर व अन्य छोटे वाहनों से कचरा डंप होगा फिर गीला व सूखा कचरा अलग-अलग किया जाएगा। यहां गीले कचरे से खाद तैयार करने को पिट भी बनेंगे और बाकी कचरे को ट्रैक्टर ट्रॉलियों व अन्य बड़े वाहनों से उसे निस्तारण के लिए कैल कचरा प्लांट पहुंचाया जाएगा। एमआरएफ सेंटर में शेड लेगेंगे और नीचे से सीमेंट कंक्रीट बेस होगा।
शहर के मुख्य बाजारों व मार्गों में दिन के समय भीड़ अधिक होने से कचरा उठान में परेशानी होती थी। ऐसे में सफाई करने के बाद भी फिर से गंदगी फैल जाती थी। ये देख यहां रात के समय कचरा उठान शुरू कर दिया गया है। इसके लिए शहर को दो में बांटा गया।
जोन एक में जगाधरी बाजार, बर्तन बाजार, खेड़ा बाजार, झंडा चौक, स्कूल रोड, सिविल लाइन, रेलवे रोड, मॉडल टाउन, प्यारा चौक समेत विभिन्न बाजार शामिल है, वहीं जोन-2 में मीराबाई मार्केट, रेलवे रोड, खेड़ा मोहल्ला, रादौर रोड, मीट मार्केट, सब्जी मंडी, आईटीआई, वर्कशॉप रोड, कैप बाजार समेत विभिन्न बाजार शामिल हैं। निगम छोटी स्वीपिंग मशीन खरीदने की तैयारी में है, जिससे कॉलोनियों की तंग गलियों की सफाई की जा सके। संवाद
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यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के इम्तिहान की घड़ी करीब आते ही शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाले नगर निगम अफसर रैंकिंग में सुधार के लिए खूब जोर लगा रहे हैं। गत वर्ष रैंक 51 पायदान नीचे गिर गई थी। इस बार अफसर सफाई व्यवस्था में भी बदलाव के कई जुगत लगा रहे हैं।
एक ओर कचरा उठान के टिपर बढ़ाने के साथ मुख्य बाजारों व मार्गों से रात में कचरा उठान शुरू कर दिया गया है, वहीं कचरा निस्तारण में भी एजेंसी पर सख्ती कर तेजी लाई जा रही है। इसके अलावा शहर में दो जगह एमआरएफ सेंटर व चार जगह सार्वजनिक शौचालय बनाने और पुराने 30 शौचालय की मरम्मत कराने की तैयारी है।
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साथ ही सफाई के लिए छोटी स्वीपिंग मशीन और एक माह के सफाई अभियान में कचरा उठान को 22 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, दो जेसीबी, 66 हेल्पर्स लिए जा रहे हैं। नगर निगम की ओर से 55 लाख रुपये से वार्ड-4 की इंदिरा कॉलोनी, 12 के गांव पांसरा व शादीपुर और वार्ड 18 के गांव जोडियों में शौचालय बनाए जाएंगे।
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साथ ही पुराने 37 शौचालयों की भी मरम्मत की जानी है, इनमें सात की मरम्मत हो चुकी है। बाकी 30 शौचालयों की भी जल्द मरम्मत कराई जाएगी। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह रखने के लिए मोबाइल टॉयलेट खरीदे जाएंगे, जिनमें से दो के लिए अनुमानित 16.50 लाख रुपये के खर्च पर टेंडर भी लगा दिया गया है।
इससे पहले एक माह सफाई अभियान चलाने के लिए चालक, डीजल व रखरखाव खर्च सहित 22 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, दो जेसीबी, 66 हेल्पर्स लेने के लिए भी टेंडर लग चुका है। डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने के बाद रेहड़ी व छोटे वाहनों द्वारा उसे कचरा प्लांट पहुंचाने में अधिक समय लगता है, इसलिए निगम की ओर से गुलाबनगर व शादीपुर में दो पक्के एमआरएफ सेंटर बनने हैं।
यहां टिपर व अन्य छोटे वाहनों से कचरा डंप होगा फिर गीला व सूखा कचरा अलग-अलग किया जाएगा। यहां गीले कचरे से खाद तैयार करने को पिट भी बनेंगे और बाकी कचरे को ट्रैक्टर ट्रॉलियों व अन्य बड़े वाहनों से उसे निस्तारण के लिए कैल कचरा प्लांट पहुंचाया जाएगा। एमआरएफ सेंटर में शेड लेगेंगे और नीचे से सीमेंट कंक्रीट बेस होगा।
शहर के मुख्य बाजारों व मार्गों में दिन के समय भीड़ अधिक होने से कचरा उठान में परेशानी होती थी। ऐसे में सफाई करने के बाद भी फिर से गंदगी फैल जाती थी। ये देख यहां रात के समय कचरा उठान शुरू कर दिया गया है। इसके लिए शहर को दो में बांटा गया।
जोन एक में जगाधरी बाजार, बर्तन बाजार, खेड़ा बाजार, झंडा चौक, स्कूल रोड, सिविल लाइन, रेलवे रोड, मॉडल टाउन, प्यारा चौक समेत विभिन्न बाजार शामिल है, वहीं जोन-2 में मीराबाई मार्केट, रेलवे रोड, खेड़ा मोहल्ला, रादौर रोड, मीट मार्केट, सब्जी मंडी, आईटीआई, वर्कशॉप रोड, कैप बाजार समेत विभिन्न बाजार शामिल हैं। निगम छोटी स्वीपिंग मशीन खरीदने की तैयारी में है, जिससे कॉलोनियों की तंग गलियों की सफाई की जा सके। संवाद