{"_id":"66356225c75426dd4e063864","slug":"ed-took-possession-of-records-of-mining-businessmen-and-partners-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1001-118445-2024-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: ईडी ने कब्जे में लिया खनन कारोबारियों और साझेदारों का रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: ईडी ने कब्जे में लिया खनन कारोबारियों और साझेदारों का रिकॉर्ड
Sat, 04 May 2024 03:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 04 May 2024 03:46 AM IST
विज्ञापन
यमुनानगर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जिले की चार तहसील व उप तहसीलों से पूर्व इनेलो विधायक दिलबाग सिंह व उनसे जुड़े खनन कारोबारियों व साझेदारों के प्राॅपर्टी संबंधी रिकार्ड एकत्रित कर लिए हैं, ताकि उनकी संपत्तियों का ब्योरा खंगाला जा सके।
ईडी की इसी कार्रवाई के चलते पूर्व विधायक से जुड़े कई कारोबारियों व साझेदारों ने अपने मोबाइल तक बंद कर लिए हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि ईडी उनसे भी पूछताछ कर सकती है। ऐसे में उनकी चिंताएं बढ़ी हुईं हैं। ईडी ने अभी तक जगाधरी तहसील, रादौर तहसील, सरस्वती नगर उपहसील, छछरौली उप तहसील से दिलबाग और उसके जानकारों की प्राॅपर्टी संबंधी आंकडे कब्जे में लेकर गई है।
उधर छछरौली की उप तहसील के नायब तहसीलदार आनंद रावल ने बताया कि ईडी ने ईमेल के जरिये दिलबाग व उनके पांच से छह जानकारों की उनके क्षेत्र में कहां-कहां, कितनी और किसके नाम प्राॅपर्टी है, संबंधी जानकारी मांगी गई थी, जोकि ईडी को ई-मेल के जरिये ही उपलब्ध करवा दी है। हालांकि ईडी ने कार्यालय में कोई दबिश नहीं दी है। इसके बावजूद इसके पूरे खनन जोन में हलचल मची हुई।
विज्ञापन
बताया जा रहा है ईडी ने खनन जोन में कुछ कर्मचारियों को भी खनन संबंधी गतिविधि पर नजर रखने के लिए छोड़ा हुआ है। सूत्रों के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हरियाणा में इस जुड़े कारोबारियों से भी इसी विषय में 18 जगहों से जानकारी मांगी हुई है। इसमें ईडी ने तहसीलों से दिलबाग और उसके कारोबारियों की 33 संपत्तियों की जानकारी चाहती है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
वर्षों से चल रहे खनन कारोबार पर नजर
तहसील कार्यालय पहुंची ईडी दिलबाग व 10 कारोबारियों की प्राॅपर्टी के दस्तावेज खुद लेकर आई थी। यमुनानगर आने के बाद ईडी तहसील में गई और वहां से साथ लेकर आई दस्तावेजों को तहसीलदार व नायब तहसीलदार से वेरिफाई कराने के बाद उन दस्तावेजों पर मुहर भी लगवाई जबकि छछरौली की उपतहसील से ईडी ने ईमेल के जरिये दिलबाग व उनके पांच-छह जानकारों की उप तहसील क्षेत्र में कहां-कहां, कितनी और किसके नाम प्राॅपर्टी है, इससे संबंधित जानकारी मांगी गई है। दिलबाग की गिरफ्तारी और यमुनानगर में वर्षों से हो रहे खनन कारोबार पर काफी समय से नजर गड़ाए हुए थी।
चार जनवरी को रेड करने के बाद ईडी ने दिलबाग को गिरफ्तार कर साथ ले गई थी, किंतु दिलबाग के यमुनानगर वापस आने के बाद भी ईडी लगातार इसपर नजर बनाए रखे हुए थी। वीरवार को ईडी ने भूपेंद्र सिंह, दारा सिंह और कुलविंद्र व राजेंद्र सिंह (चांदपुर स्थित जमीन की जमाबंदी और रजिस्ट्री की प्रति), भूपेंद्र सिंह, दारा सिंह, सतपाल व राजेंद्र सिंह ( तेजली स्थित जमीन की जमाबंदी), भूपेंद्र सिंह, दारा सिंह व राजेंद्र सिंह (बलाचौर स्थित जमीन की रजिस्ट्री), इंद्रपाल सिंह व राजेंद्र सिंह (चांदपुर में स्थित जमीन की तीन जमाबंदी), सतपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, दारा सिंह (इसोपुर स्थित जमीन की जमाबंदी), सतपाल सिंह, इंद्रपाल सिंह व की राजेंद्र सिंह (माडल टाउन जमीन की दो रजिस्ट्री ), सतपाल, इंद्र पाल सिंह व राजेंद्र सिंह (सहारनपुर रोड स्थित जमीन की रजिस्ट्री), गुरबाज सिंह व मेजर (माडल टाउन स्थित जमीन की रजिस्ट्री ), गुरबाज सिंह, मेजर सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह व जि दारा सिंह (बलाचौर रकबे में जमीन की जमाबंदी), राजेंद्र सिंह व लेखराज (चांदपुर एरिया में जमीन की जमाबंदी), राजेंद्र सिंह, इंद्रपाल सिंह (चांदपुर एरिया सिंह में जमीन की जमाबंदी) की जानकारी एकत्रित कीं।
उल्लेखनीय है विधायक दिलबाग सिंह सहित उनके करीबियों के घर, कार्यालय व फार्म हाउस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कई टीमों ने रेड की थी। जिले में तब लगभग आठ से नौ जगहों पर दबिश दी गई थी। तब ईडी की यह रेड अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों से संबंधित बताई जा रही थी। इतना ही नहीं उस समय ईडी के अधिकारी पंजाब नंबर की लगभग 20 से 25 गाड़ियों में यमुनानगर में पहुंचे थे और जांच के दौरान केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) के जवानों को तैनात कर दिया था।
विज्ञापन
ईडी की इसी कार्रवाई के चलते पूर्व विधायक से जुड़े कई कारोबारियों व साझेदारों ने अपने मोबाइल तक बंद कर लिए हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि ईडी उनसे भी पूछताछ कर सकती है। ऐसे में उनकी चिंताएं बढ़ी हुईं हैं। ईडी ने अभी तक जगाधरी तहसील, रादौर तहसील, सरस्वती नगर उपहसील, छछरौली उप तहसील से दिलबाग और उसके जानकारों की प्राॅपर्टी संबंधी आंकडे कब्जे में लेकर गई है।
विज्ञापन
उधर छछरौली की उप तहसील के नायब तहसीलदार आनंद रावल ने बताया कि ईडी ने ईमेल के जरिये दिलबाग व उनके पांच से छह जानकारों की उनके क्षेत्र में कहां-कहां, कितनी और किसके नाम प्राॅपर्टी है, संबंधी जानकारी मांगी गई थी, जोकि ईडी को ई-मेल के जरिये ही उपलब्ध करवा दी है। हालांकि ईडी ने कार्यालय में कोई दबिश नहीं दी है। इसके बावजूद इसके पूरे खनन जोन में हलचल मची हुई।
विज्ञापन
बताया जा रहा है ईडी ने खनन जोन में कुछ कर्मचारियों को भी खनन संबंधी गतिविधि पर नजर रखने के लिए छोड़ा हुआ है। सूत्रों के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हरियाणा में इस जुड़े कारोबारियों से भी इसी विषय में 18 जगहों से जानकारी मांगी हुई है। इसमें ईडी ने तहसीलों से दिलबाग और उसके कारोबारियों की 33 संपत्तियों की जानकारी चाहती है।
वर्षों से चल रहे खनन कारोबार पर नजर
तहसील कार्यालय पहुंची ईडी दिलबाग व 10 कारोबारियों की प्राॅपर्टी के दस्तावेज खुद लेकर आई थी। यमुनानगर आने के बाद ईडी तहसील में गई और वहां से साथ लेकर आई दस्तावेजों को तहसीलदार व नायब तहसीलदार से वेरिफाई कराने के बाद उन दस्तावेजों पर मुहर भी लगवाई जबकि छछरौली की उपतहसील से ईडी ने ईमेल के जरिये दिलबाग व उनके पांच-छह जानकारों की उप तहसील क्षेत्र में कहां-कहां, कितनी और किसके नाम प्राॅपर्टी है, इससे संबंधित जानकारी मांगी गई है। दिलबाग की गिरफ्तारी और यमुनानगर में वर्षों से हो रहे खनन कारोबार पर काफी समय से नजर गड़ाए हुए थी।
चार जनवरी को रेड करने के बाद ईडी ने दिलबाग को गिरफ्तार कर साथ ले गई थी, किंतु दिलबाग के यमुनानगर वापस आने के बाद भी ईडी लगातार इसपर नजर बनाए रखे हुए थी। वीरवार को ईडी ने भूपेंद्र सिंह, दारा सिंह और कुलविंद्र व राजेंद्र सिंह (चांदपुर स्थित जमीन की जमाबंदी और रजिस्ट्री की प्रति), भूपेंद्र सिंह, दारा सिंह, सतपाल व राजेंद्र सिंह ( तेजली स्थित जमीन की जमाबंदी), भूपेंद्र सिंह, दारा सिंह व राजेंद्र सिंह (बलाचौर स्थित जमीन की रजिस्ट्री), इंद्रपाल सिंह व राजेंद्र सिंह (चांदपुर में स्थित जमीन की तीन जमाबंदी), सतपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, दारा सिंह (इसोपुर स्थित जमीन की जमाबंदी), सतपाल सिंह, इंद्रपाल सिंह व की राजेंद्र सिंह (माडल टाउन जमीन की दो रजिस्ट्री ), सतपाल, इंद्र पाल सिंह व राजेंद्र सिंह (सहारनपुर रोड स्थित जमीन की रजिस्ट्री), गुरबाज सिंह व मेजर (माडल टाउन स्थित जमीन की रजिस्ट्री ), गुरबाज सिंह, मेजर सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह व जि दारा सिंह (बलाचौर रकबे में जमीन की जमाबंदी), राजेंद्र सिंह व लेखराज (चांदपुर एरिया में जमीन की जमाबंदी), राजेंद्र सिंह, इंद्रपाल सिंह (चांदपुर एरिया सिंह में जमीन की जमाबंदी) की जानकारी एकत्रित कीं।
उल्लेखनीय है विधायक दिलबाग सिंह सहित उनके करीबियों के घर, कार्यालय व फार्म हाउस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कई टीमों ने रेड की थी। जिले में तब लगभग आठ से नौ जगहों पर दबिश दी गई थी। तब ईडी की यह रेड अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों से संबंधित बताई जा रही थी। इतना ही नहीं उस समय ईडी के अधिकारी पंजाब नंबर की लगभग 20 से 25 गाड़ियों में यमुनानगर में पहुंचे थे और जांच के दौरान केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) के जवानों को तैनात कर दिया था।