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शहर में सूखा, ग्रामीण क्षेत्रों में झमाझम बरसे बादल
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Drought in the city, clouds rained in rural areas
- फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। कई दिनों से जिले में पड़ रही भीषण गर्मी से बुधवार की बारिश से राहत मिल गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बादल जहां झमाझम बरसे, वहीं शहरी एरिया में सूखा ही रहा। बारिश से मौसम सुहावना होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने इसका खूब लुत्फ उठाया। छुट्टियां होने के कारण बच्चे छतों और गलियों में खेलते नजर आए।
बुधवार की सुबह घने बादल छाए रहे। धूप न निकलने से गर्मी से राहत मिली और मौसम खुशगवार हो गया। इस दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई। प्रचंड गर्मी के कारण दोपहर 12 बजते ही जहां लोग घरों में दुबक जाते थे, वहीं बुधवार को लोगों ने मौसम का आनंद उठाया। मौसम में आए बदलाव के चलते अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तीन दिन बारिश की संभावना है। जिससे गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
छछरौली : क्षेत्र में बारिश होने से घाड़ क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिल उठे। किसान धान रोपाई के लिए बारिश का काफी दिन से इंतजार कर रहे थे। छछरौली घाड़ सूखाग्रस्त क्षेत्र है। छोटे किसानों के खेतों में ट्यूबवेल कनेक्शन तक नहीं है। यहां के किसान धान रोपाई के लिए बारिश का इंतजार करते हैं। बुधवार की सुबह बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे और वे खेत तैयार कर रोपाई में जुट गए। क्षेत्र के रामकरण, सुरेश, राजीव, कर्मबीर और राजेश ने बताया कि एक सप्ताह से ज्यादा गर्मी थी। ऐसे में सुबह दस बजे के बाद घर से निकलना मुश्किल हो गया था। प्रचंड गर्मी का असर मवेशियों पर भी पड़ रहा था। गर्मी की वजह से दुधारू पशुओं का दूध भी कम हो रहा था, लेकिन मौसम में बदलाव से अब सभी को राहत मिलेगी।
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बारिश ने खोली अनाजमंडी व्यवस्था की पोल
प्रतापनगर। क्षेत्र में बुधवार को बारिश होने से किसान सुबह से ही धान रोपाई में जुट गए, वहीं अनाज मंडी में करोड़ों रुपयों से कराए गए विकास कार्यों की पहली बारिश ने पोल खोल दी। बारिश से अनाजमंडी की सड़कों पर पानी जमा हो गया। मुख्य गेट पर पानी जमा होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जल भराव न हो इसलिए मार्केटिंग बोर्ड की तरफ से अनाजमंडी में आरसीसी की गलियों और सड़कों का निर्माण करवाया गया था। क्षेत्रवासी सुमित, योगेश, अंकुश, इमरान, सलीम ने कहा कि अनाजमंडी में करोड़ों की लागत से शेड, सड़कों का निर्माण करवाया जा रहा है जो कि अधूरा है, जो सड़कें बनवाई गई हैं वहां पानी की निकासी का बंदोबस्त नहीं किया गया है। इसके चलते बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया।
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बुधवार की सुबह घने बादल छाए रहे। धूप न निकलने से गर्मी से राहत मिली और मौसम खुशगवार हो गया। इस दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई। प्रचंड गर्मी के कारण दोपहर 12 बजते ही जहां लोग घरों में दुबक जाते थे, वहीं बुधवार को लोगों ने मौसम का आनंद उठाया। मौसम में आए बदलाव के चलते अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तीन दिन बारिश की संभावना है। जिससे गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
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छछरौली : क्षेत्र में बारिश होने से घाड़ क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिल उठे। किसान धान रोपाई के लिए बारिश का काफी दिन से इंतजार कर रहे थे। छछरौली घाड़ सूखाग्रस्त क्षेत्र है। छोटे किसानों के खेतों में ट्यूबवेल कनेक्शन तक नहीं है। यहां के किसान धान रोपाई के लिए बारिश का इंतजार करते हैं। बुधवार की सुबह बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे और वे खेत तैयार कर रोपाई में जुट गए। क्षेत्र के रामकरण, सुरेश, राजीव, कर्मबीर और राजेश ने बताया कि एक सप्ताह से ज्यादा गर्मी थी। ऐसे में सुबह दस बजे के बाद घर से निकलना मुश्किल हो गया था। प्रचंड गर्मी का असर मवेशियों पर भी पड़ रहा था। गर्मी की वजह से दुधारू पशुओं का दूध भी कम हो रहा था, लेकिन मौसम में बदलाव से अब सभी को राहत मिलेगी।
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बारिश ने खोली अनाजमंडी व्यवस्था की पोल
प्रतापनगर। क्षेत्र में बुधवार को बारिश होने से किसान सुबह से ही धान रोपाई में जुट गए, वहीं अनाज मंडी में करोड़ों रुपयों से कराए गए विकास कार्यों की पहली बारिश ने पोल खोल दी। बारिश से अनाजमंडी की सड़कों पर पानी जमा हो गया। मुख्य गेट पर पानी जमा होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जल भराव न हो इसलिए मार्केटिंग बोर्ड की तरफ से अनाजमंडी में आरसीसी की गलियों और सड़कों का निर्माण करवाया गया था। क्षेत्रवासी सुमित, योगेश, अंकुश, इमरान, सलीम ने कहा कि अनाजमंडी में करोड़ों की लागत से शेड, सड़कों का निर्माण करवाया जा रहा है जो कि अधूरा है, जो सड़कें बनवाई गई हैं वहां पानी की निकासी का बंदोबस्त नहीं किया गया है। इसके चलते बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया।