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Yamuna Nagar News: हल्के में न लें जोड़ों का दर्द, हो सकता है हीमोफीलिया का संकेत
Fri, 17 Apr 2026 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 17 Apr 2026 01:40 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल में बच्चों की जांच करते डॉ. हरिंद्र संधू। संवाद
- फोटो : संवाद
यमुनानगर। जोड़ों में लगातार दर्द और सूजन को अक्सर लोग सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। जिले में करीब 55 मरीज इस बीमारी से पीड़ित हैं, जिनमें 35 वयस्क और 19 बच्चे शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार यह एक आनुवांशिक रोग है, जो अधिकतर पुरुषों को अपनी चपेट में लेता है।
हीमोफीलिया में खून का थक्का बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है, जिसके कारण मामूली चोट लगने पर भी रक्तस्राव लंबे समय तक जारी रहता है। कई मामलों में आंतरिक रक्तस्राव भी होता है, जिससे जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न बढ़ जाती है। यह दर्द कई बार इतना असहनीय हो जाता है कि मरीज की दिनचर्या तक प्रभावित हो जाती है।
हीमोफीलिया के कारण व लक्षण
यह एक आनुवांशिक बीमारी है, जो खून में क्लॉटिंग फैक्टर की कमी के कारण होती है। इसके प्रमुख लक्षणों में मामूली चोट पर भी लंबे समय तक खून बहना, बार-बार नाक से खून आना, शरीर में नीले निशान पड़ना, जोड़ों में सूजन व दर्द और मांसपेशियों में रक्तस्राव शामिल हैं। बच्चों में यह समस्या गिरने या खेलने के दौरान ज्यादा देखने को मिलती है।
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चोट लगने से खुद को बचाएं : हरिंद्र संधू
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिंद्र संधू ने बताया कि हीमोफीलिया के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। ऐसे मरीजों को चोट से बचाव करना चाहिए और किसी भी प्रकार की चोट या रक्तस्राव होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयों का सेवन जरूरी है।
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हीमोफीलिया में खून का थक्का बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है, जिसके कारण मामूली चोट लगने पर भी रक्तस्राव लंबे समय तक जारी रहता है। कई मामलों में आंतरिक रक्तस्राव भी होता है, जिससे जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न बढ़ जाती है। यह दर्द कई बार इतना असहनीय हो जाता है कि मरीज की दिनचर्या तक प्रभावित हो जाती है।
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हीमोफीलिया के कारण व लक्षण
यह एक आनुवांशिक बीमारी है, जो खून में क्लॉटिंग फैक्टर की कमी के कारण होती है। इसके प्रमुख लक्षणों में मामूली चोट पर भी लंबे समय तक खून बहना, बार-बार नाक से खून आना, शरीर में नीले निशान पड़ना, जोड़ों में सूजन व दर्द और मांसपेशियों में रक्तस्राव शामिल हैं। बच्चों में यह समस्या गिरने या खेलने के दौरान ज्यादा देखने को मिलती है।
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चोट लगने से खुद को बचाएं : हरिंद्र संधू
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिंद्र संधू ने बताया कि हीमोफीलिया के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। ऐसे मरीजों को चोट से बचाव करना चाहिए और किसी भी प्रकार की चोट या रक्तस्राव होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयों का सेवन जरूरी है।

जिला नागरिक अस्पताल में बच्चों की जांच करते डॉ. हरिंद्र संधू। संवाद- फोटो : संवाद