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सांसारिक सुखों को न दें महत्व : साध्वी प्रिया

Tue, 24 Feb 2026 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 24 Feb 2026 12:24 AM IST
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Do not give importance to worldly pleasures: Sadhvi Priya
प्रवचन करतीं साध्वी प्रिया किशोरी। आयोजक - फोटो : खाद्य पदार्थों के सैंपल पैक करती खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम। स्रोत: विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
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साढौरा। सुख और संपत्ति के समय मनुष्य भगवान को भूल जाता है, जबकि विपत्ति में भगवान निरंतर याद आते हैं। दुखों के समय ही भगवान के दर्शन प्राप्त होते हैं जो पुनर्जन्म से मुक्ति दिलाते हैं। श्री श्याम गोशाला में जारी श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को मथुरा से आई साध्वी प्रिया किशोरी ने कुंती स्तुति प्रसंग के दौरान यह बात कही।
उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत पुराण के प्रथम स्कंध के आठवें अध्याय में माता कुंती और भगवान श्रीकृष्ण का अत्यंत भावपूर्ण प्रसंग आता है, जिसे कुंती स्तुति के नाम से जाना जाता है। यह प्रसंग तब घटित होता है जब महाभारत युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण हस्तिनापुर से द्वारका लौटने की तैयारी कर रहे थे। उस समय कुंती ने उनके रथ के सामने खड़े होकर उनकी अद्भुत स्तुति की।
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कुंती की स्तुति से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने कुंती से कुछ मांगने को कहा तो कुंती ने दुख का वरदान मांगा। इस अनोखी मांग से श्रीकृष्ण ने हैरान होकर इसका कारण पूछा तो कुंती ने कहा कि हमारे जीवन में पग-पग पर विपत्तियां आती रहेंगी तो हम ईश्वर को याद करते रहेंगे। कुंती प्रार्थना करती हैं कि जिस प्रकार गंगा निरंतर समुद्र की ओर बहती है, उसी प्रकार उनकी बुद्धि सदैव अनन्य भाव से भगवान के चरणों में लगी रहें।
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साध्वी प्रिया किशोरी ने कहा कि कुंती स्तुति प्रसंग में मां कुंती की भक्ति और विनम्रता का सटीक चित्रण किया।गया है। विपत्ति में भी भगवान के प्रति समर्पण सच्चे भक्त की पहचान बताई गई है। यह प्रसंग सिखाता है कि एक सच्चा भक्त सांसारिक सुखों की तुलना में ईश्वर के सानिध्य को अधिक महत्व देता है।
उन्होंने सुखदेव जन्म और भिष्म स्तुति के प्रसंगों को सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने बताया कि महर्षि वेदव्यास के तप से देवात्मा बालक रूप में प्रकट हुए सुखदेव जी जन्म से ही ब्रह्मज्ञान से संपन्न थे। उनके जन्म के साथ ही ब्रह्मांड में दिव्य ध्वनियां गूंजीं और सनातन धर्म में ज्ञान का नया प्रकाश फैला।

समाजसेवी अमित सेतिया व राजकुमार गोयल ने अपने परिवार के साथ आरती करके दूसरे दिन की कथा का शुभारंभ किया। इस दौरान श्री श्याम गौशाला के संचालक व गोरक्षा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री महंत शोभा दास, कैथल के रामपाल, जलबेहड़ा के कप्तान सिंह, तुम्बी की कमलेश व अमित सैनी भी मौजूद रहे।

प्रवचन करतीं साध्वी प्रिया किशोरी। आयोजक

प्रवचन करतीं साध्वी प्रिया किशोरी। आयोजक- फोटो : खाद्य पदार्थों के सैंपल पैक करती खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम। स्रोत: विभाग

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