{"_id":"67d9c3b0acc20b42bf0129da","slug":"devotees-gathered-to-have-darshan-of-sheetla-mata-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-134719-2025-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: शीतला माता के दर्शन करने के लिए उमड़े श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: शीतला माता के दर्शन करने के लिए उमड़े श्रद्धालु
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। जागधौली गांव में 300 साल से माता शीतला मंदिर में मेला मंगलवार को शुरू हो गया। शीतला माता की पूजा करने के लिए दूर दराज से श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर में आधी रात के बाद से ही लंबी कतार लग गई।
होली के बाद आने वाले पहले मंगलवार को घरों में माता शीतला की पूजा की जाती है। उसके बाद वह मेला क्षेत्र में पहुंच कर शीतला माता की पूजा करते हैं। मेला तीन दिन तक चलेगा। मेले का समापन वीरवार को होगा।
जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर लगने वाले मेले में यमुनानगर के अलावा कई जिलों से लोग पहुंचते हैं। श्रद्धालु पूजा अर्चना कर अपनी संतान की सलामती और संतान प्राप्ति की मन्नत मांगते हैं। देर रात तक श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचते रहे।
विज्ञापन
जागधौली गांव की सरपंच रेनू बाला, रणदीप राणा, ठेकेदार तिलकराज, कर्मचंद, ईश्वर चंद, सुरेंद्र कुमार, रामपाल, काका ने बताया कि आधी रात से ही मंदिर में पूजा अर्चना शुरू हो जाती है। मन्नतें पूरी होने पर सुखना देने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुंचते हैं। रात 12 बजे पहले आयोजक पूजा अर्चना करते हैं।
उसके साथ ही आमजन के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाते हैं। आधी रात को शुरू हुआ माथा टेकने का सिलसिला देर रात तक चलता है। श्रद्धालु माता शीतला को प्रसन्न करने के लिए घरों से मीठे गुलगुले, हलवा-पूड़ी, मीठे चावल, नारियल, चुनरी, खिल-पताशा व अन्य व्यंजन बनाकर मंदिर में पहुंचते हैं।
इसे कंडेरे (मिट्टी का बर्तन) में परोस कर मां को अर्पित किया जाता है। श्रद्धालु अपनी संतान की सुख-समृद्धि के लिए पूजा अर्चना कर मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
नि:संतान यहां संतान प्राप्ति के लिए मन्नत मांगने आते हैं। मेले में श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। वहीं देर शाम को कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। जिसमें दूर दराज से आए पहलवानों ने अपने जौहर दिखाए।
शीतला माता मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए लंगर, चाय व जलपान की व्यवस्था की गई। मां से अगले साल फिर बुलाने की मुराद मांग कर श्रद्धालु अपने घरों को लौटे।
विज्ञापन
व्यासपुर। जागधौली गांव में 300 साल से माता शीतला मंदिर में मेला मंगलवार को शुरू हो गया। शीतला माता की पूजा करने के लिए दूर दराज से श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर में आधी रात के बाद से ही लंबी कतार लग गई।
होली के बाद आने वाले पहले मंगलवार को घरों में माता शीतला की पूजा की जाती है। उसके बाद वह मेला क्षेत्र में पहुंच कर शीतला माता की पूजा करते हैं। मेला तीन दिन तक चलेगा। मेले का समापन वीरवार को होगा।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर लगने वाले मेले में यमुनानगर के अलावा कई जिलों से लोग पहुंचते हैं। श्रद्धालु पूजा अर्चना कर अपनी संतान की सलामती और संतान प्राप्ति की मन्नत मांगते हैं। देर रात तक श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचते रहे।
विज्ञापन
जागधौली गांव की सरपंच रेनू बाला, रणदीप राणा, ठेकेदार तिलकराज, कर्मचंद, ईश्वर चंद, सुरेंद्र कुमार, रामपाल, काका ने बताया कि आधी रात से ही मंदिर में पूजा अर्चना शुरू हो जाती है। मन्नतें पूरी होने पर सुखना देने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुंचते हैं। रात 12 बजे पहले आयोजक पूजा अर्चना करते हैं।
उसके साथ ही आमजन के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाते हैं। आधी रात को शुरू हुआ माथा टेकने का सिलसिला देर रात तक चलता है। श्रद्धालु माता शीतला को प्रसन्न करने के लिए घरों से मीठे गुलगुले, हलवा-पूड़ी, मीठे चावल, नारियल, चुनरी, खिल-पताशा व अन्य व्यंजन बनाकर मंदिर में पहुंचते हैं।
इसे कंडेरे (मिट्टी का बर्तन) में परोस कर मां को अर्पित किया जाता है। श्रद्धालु अपनी संतान की सुख-समृद्धि के लिए पूजा अर्चना कर मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
नि:संतान यहां संतान प्राप्ति के लिए मन्नत मांगने आते हैं। मेले में श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। वहीं देर शाम को कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। जिसमें दूर दराज से आए पहलवानों ने अपने जौहर दिखाए।
शीतला माता मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए लंगर, चाय व जलपान की व्यवस्था की गई। मां से अगले साल फिर बुलाने की मुराद मांग कर श्रद्धालु अपने घरों को लौटे।