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Yamuna Nagar News: श्री कृष्ण जन्मोत्सव में जमकर झूमे श्रद्धालु

Fri, 06 Jun 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 06 Jun 2025 01:13 AM IST
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Devotees danced with enthusiasm on the occasion of Shri Krishna's birth anniversary
संवाद न्यूज एजेंसी
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व्यासपुर। राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की तरफ से आयोजित सात दिवसीय कृष्ण कथा के चौथे दिन श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमने लगे।
कथा के दौरान साध्वी कालिंदी भारती ने श्रीकृष्ण के अवतरण का वर्णन करते हुए कहा कि वह ब्रह्म शक्ति साधारण नहीं है, चाहे वह निराकार स्वरूप में हो या साकार स्वरूप में हो। जब वह निराकार पारब्रह्म परम सत्ता धरती पर साकार स्वरूप में अवतरित होती है तो वे क्षण भी साधारण नहीं होते और न ही वो जीव आत्माएं साधारण होती हैं जिन्हें माध्यम बनाकर वह साकार स्वरूप धारण करता है।
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अधर्म के विनाश और धर्म की पुनः स्थापना करने हेतु जब परमात्मा संकल्पबद्ध होकर धरती पर आते हैं तो वह वसुदेव और देवकी जैसी महान तपस्विनी आत्माओं को ही माध्यम बनाते हैं। उन्होंने कहा कि आज मानव जीवन की विडंबना है कि हम सभी चाहते तो हैं कि हमारे घर जन्म लेने वाली संतान दिव्य गुणों से भरपूर हो, लेकिन हम उसके लिए कोई प्रयास नहीं करना चाहते। कुछ पाने के लिए बहुत कुछ खोना पड़ता है।
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जब एक जीवात्मा मन, वचन, कर्म से स्वयं को परमात्मा के चरणों में समर्पित करते हुए इस संसार में निर्लिप्त होकर रहती है तब वह परम पावन दैवीय स्वरूप हो जाती है। दिव्य ऊर्जा से भरपूर उसका आभा मंडल स्वयं ही ब्रह्मांड की दिव्य शक्ति को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है, जिससे परमात्मा अवतरित होने के लिए बाध्य हो जाता है। यदि हम चाहते हैं कि सर्वगुण संपन्न संतान हमारे घर में जन्म ले तो उससे पूर्व हमें अपना आचरण, व्यक्तित्व और व्यवहार सात्विकता और दैवीय गुणों से भरना होगा।

उन्होंने कहा कि तभी हम प्रकृति से यह आशा कर सकते हैं कि वह हमें दिव्य भक्त आत्माओं के माता पिता बनने का सौभाग्य प्रदान करे। सबसे पहला संस्कार बालक को माता के गर्भ से प्राप्त होता है। एक माता जो देखती और सुनती है, उसका सीधा सीधा प्रभाव बालक के मस्तिष्क और उसके भावी जीवन पर पड़ता है।
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