{"_id":"57d5ab324f1c1ba83031d06b","slug":"dengue-yamunanagar-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू का संदिग्ध केस मिला, पीजीआई रेफर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू का संदिग्ध केस मिला, पीजीआई रेफर
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
Updated Mon, 12 Sep 2016 12:40 AM IST
विज्ञापन
यमुनानगर
- फोटो : यमुनानगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुनानगर। सप्ताहभर पहले जिले में डेंगू के दो पॉजिटिव केस सामने आने के बाद रविवार को एक संदिग्ध डेंगू का केस सामने आया है। तीन दिन से बुखार आने पर जगाधरी की गांधीनगर कॉलोनी में 40 वर्षीय एक व्यक्ति को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। यहां उसके ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या मात्र आठ हजार रह गई थी। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे पीजीआई रेफर किया। बता दें कि जिले में छह डेंगू के पॉजिटिव केस मिल चुके हैं। जिले में तेजी से फैल रहे डेंगू के डंक से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
जगाधरी की गांधीनगर कॉलोनी निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि उसके भाई नरेश को कई दिनों से बुखार आ रहा है। पहले तो उन्होंने जगाधरी में ही एक प्राइवेट डॉक्टर से इलाज उसका कराया। जब आराम नहीं हुआ तो शनिवार को वह उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर आए। लेकिन यहां पर भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने डेंगू होने की संभावना जताई और उसके ब्लड सैंपल लिए। ब्लड की रिपोर्ट में प्लेटलेट्स आठ हजार आए। प्लेटलेट्स कम होने की रिपोर्ट देख और नरेश की हालत में सुधार न होता देख डॉक्टरों ने रविवार दोपहर को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। उसकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टर के अनुसार उसके ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या आठ हजार रह गई थी।
बुखार होने पर तुरंत करवाएं जांच
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वीके जैन के अनुसार किसी भी प्रकार का बुखार होने पर रक्त की जांच अवश्य करवाएं, ताकि बुखार की किस्म का पता चल सके और उसी बुखार का इलाज किया जा सके। डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है, बुखार उतारने के लिए पैरासीटामोल ले सकते हैं। एस्प्रीन या इबुब्रेफे न का इस्तेमाल स्वयं न करें तथा डॉक्टर की सलाह लें।
विज्ञापन
करना पड़ा रेफर
शनिवार को नरेश को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया था। उसकी हालत काफी गंभीर थी। ब्लड टेस्ट में उसके प्लेटलेट्स मात्र आठ हजार आए थे। इस स्थिति में ट्रॉमा सेंटर में उसका इलाज कर पाना संभव नहीं था। जिसे देखते हुए उसे पीजीआई रेफर किया गया है। डेंगू की पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
- डॉ. अरविंद कुमार, फिजीशियन, सिविल अस्पताल यमुनानगर।
रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी पुष्टि
रविवार को एक संदिग्ध डेंगू मरीज को पीजीआई रेफर किया गया। आठ हजार प्लेटलेट्स होना संदिग्ध डेंगू की सूची में आता है। अस्पताल में यदि सेंपल ले लिया है तो टेस्ट की रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा की डेंगू है या नहीं।
डा. वीके जैन, जिला मलेरिया अधिकारी, यमुनानगर।
विज्ञापन
जगाधरी की गांधीनगर कॉलोनी निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि उसके भाई नरेश को कई दिनों से बुखार आ रहा है। पहले तो उन्होंने जगाधरी में ही एक प्राइवेट डॉक्टर से इलाज उसका कराया। जब आराम नहीं हुआ तो शनिवार को वह उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर आए। लेकिन यहां पर भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने डेंगू होने की संभावना जताई और उसके ब्लड सैंपल लिए। ब्लड की रिपोर्ट में प्लेटलेट्स आठ हजार आए। प्लेटलेट्स कम होने की रिपोर्ट देख और नरेश की हालत में सुधार न होता देख डॉक्टरों ने रविवार दोपहर को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। उसकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टर के अनुसार उसके ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या आठ हजार रह गई थी।
विज्ञापन
बुखार होने पर तुरंत करवाएं जांच
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वीके जैन के अनुसार किसी भी प्रकार का बुखार होने पर रक्त की जांच अवश्य करवाएं, ताकि बुखार की किस्म का पता चल सके और उसी बुखार का इलाज किया जा सके। डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है, बुखार उतारने के लिए पैरासीटामोल ले सकते हैं। एस्प्रीन या इबुब्रेफे न का इस्तेमाल स्वयं न करें तथा डॉक्टर की सलाह लें।
विज्ञापन
करना पड़ा रेफर
शनिवार को नरेश को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया था। उसकी हालत काफी गंभीर थी। ब्लड टेस्ट में उसके प्लेटलेट्स मात्र आठ हजार आए थे। इस स्थिति में ट्रॉमा सेंटर में उसका इलाज कर पाना संभव नहीं था। जिसे देखते हुए उसे पीजीआई रेफर किया गया है। डेंगू की पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
- डॉ. अरविंद कुमार, फिजीशियन, सिविल अस्पताल यमुनानगर।
रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी पुष्टि
रविवार को एक संदिग्ध डेंगू मरीज को पीजीआई रेफर किया गया। आठ हजार प्लेटलेट्स होना संदिग्ध डेंगू की सूची में आता है। अस्पताल में यदि सेंपल ले लिया है तो टेस्ट की रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा की डेंगू है या नहीं।
डा. वीके जैन, जिला मलेरिया अधिकारी, यमुनानगर।