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नशे व साइबर अपराध पर लगाएं अंकुश : डीआईजी
Sun, 22 Mar 2026 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:30 AM IST
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पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करते उप महानिरीक्षक सुरेंद्रपाल सिंह। पीआरओ
- फोटो : 1
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। उप महानिरीक्षक सुरेंद्रपाल सिंह ने शनिवार को जिले का दौरा कर कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। जिला मुख्यालय पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने उनका स्वागत किया। इसके बाद लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अपराध गोष्ठी आयोजित की गई।
गोष्ठी के दौरान डीआईजी ने जिले की कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए अपराध डायरी का अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने चोरी, लूट और साइबर अपराध के मामलों में कमी लाने के लिए पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की, साथ ही इन अपराधों पर और प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीआईजी ने विशेष रूप से नशा तस्करी, उद्घोषित अपराधियों और जमानत पर चल रहे अपराधियों की गतिविधियों पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए तथा सीलिंग प्लान के तहत नाकाबंदी कर वाहनों की सघन जांच की जाए। महिला एवं बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर चिंता जताते हुए उन्होंने इन मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाने पर जोर दिया।
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डीआईजी ने पेट्रोल पंप, बैंक, ज्वैलरी शॉप, होटल, ढाबे, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बाजार और कोचिंग संस्थानों सहित भीड़भाड़ वाले स्थानों पर उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रवेश और निकास द्वारों पर कैमरे लगाना अनिवार्य किया जाए और कम से कम 30 दिन का बैकअप सुरक्षित रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर फुटेज का उपयोग किया जा सके।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आम नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार करने की सलाह देते हुए कहा कि आपातकालीन कॉल पर त्वरित प्रतिक्रिया से जनता का विश्वास मजबूत होता है। इसलिए हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए।
डीआईजी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है। इसलिए लोगों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया जाए और अभियान चलाकर सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दिया जाए। इस अवसर पर एडिशनल एसपी अमरिंदर सिंह, डीएसपी रजत गुलिया, आशीष चौधरी, हरविंदर सिंह, राजीव मिगलानी सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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यमुनानगर। उप महानिरीक्षक सुरेंद्रपाल सिंह ने शनिवार को जिले का दौरा कर कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। जिला मुख्यालय पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने उनका स्वागत किया। इसके बाद लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अपराध गोष्ठी आयोजित की गई।
गोष्ठी के दौरान डीआईजी ने जिले की कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए अपराध डायरी का अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने चोरी, लूट और साइबर अपराध के मामलों में कमी लाने के लिए पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की, साथ ही इन अपराधों पर और प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीआईजी ने विशेष रूप से नशा तस्करी, उद्घोषित अपराधियों और जमानत पर चल रहे अपराधियों की गतिविधियों पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए तथा सीलिंग प्लान के तहत नाकाबंदी कर वाहनों की सघन जांच की जाए। महिला एवं बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर चिंता जताते हुए उन्होंने इन मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाने पर जोर दिया।
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डीआईजी ने पेट्रोल पंप, बैंक, ज्वैलरी शॉप, होटल, ढाबे, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बाजार और कोचिंग संस्थानों सहित भीड़भाड़ वाले स्थानों पर उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रवेश और निकास द्वारों पर कैमरे लगाना अनिवार्य किया जाए और कम से कम 30 दिन का बैकअप सुरक्षित रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर फुटेज का उपयोग किया जा सके।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आम नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार करने की सलाह देते हुए कहा कि आपातकालीन कॉल पर त्वरित प्रतिक्रिया से जनता का विश्वास मजबूत होता है। इसलिए हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए।
डीआईजी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है। इसलिए लोगों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया जाए और अभियान चलाकर सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दिया जाए। इस अवसर पर एडिशनल एसपी अमरिंदर सिंह, डीएसपी रजत गुलिया, आशीष चौधरी, हरविंदर सिंह, राजीव मिगलानी सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।