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पिता-पुत्रों ने विदेश भेजने के नाम पर ठगे 18 लाख
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jun 2016 12:47 AM IST
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यमुनानगर। विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी में संलिप्त सुढैल के एक परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ दो थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए हैं। आरोपी पिता व उसके तीन बेटों ने दो व्यक्तियों से 18 लाख रुपये ले लिए, लेकिन उन्हें विदेश नहीं भिजवाया। आरोपियों पर इससे पहले भी विभिन्न थानों में कबूतरबाजी के कई मामले दर्ज हैं।
छह लाख लेकर ना न्यूजीलैंड भेजा ना कनाडा
शिवपुरी कॉलोनी निवासी संतोष वालिया की माडल टाउन के सरनी चौक के पास कंप्यूटर की दुकान है। संतोष वालिया ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अप्रैल 2015 में वह न्यूजीलैंड में होटल मैनेजमेंट की जॉब के लिए जाना चाहता था। उसे पता चला कि सुढैल निवासी संजीव व उसका भाई महिंद्र सिंह लोगों को विदेश भेजने और वहां पर रोजगार दिलाने का काम करते हैं। उसने आरोपियों से संपर्क कर बातचीत की और न्यूजीलैंड जाने की इच्छा जताई। उनसे बातचीत के दौरान साढ़े सात लाख रुपये में न्यूजीलैंड भेजने का सौदा तय हो गया। इस दौरान आरोपियों ने संतोष वालिया से एक लाख रुपये, पासपोर्ट, आईडी प्रूफ और शैक्षणिक दस्तावेज लिए और कुछ दिन रुकने को कहा। कुछ दिन बाद आरोपियों ने उससे पांच लाख पांच हजार दो सौ रुपये और लिए और बाकी की रकम वीजा लगने के बाद देने की बात कहीं। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी आरोपियों ने संतोष को न्यूजीलैंड नहीं भेजा। कई महीने तक आरोपी उसे झूठे आश्वासन देकर जल्द न्यूजीलैंड भेजने की बात कहते रहे। अक्तूबर माह में आरोपियों ने संतोष से कहा कि न्यूजीलैंड भेजने में तो काफी टाइम लगेगा। आजकल कनाडा जाने का अधिक ट्रेंड है। कनाडा जाने में अधिक टाइम भी नहीं लगेगा। साथ ही जल्दी वीजा लग जाएगा और रकम भी कम लगेगी। इसके बाद आरोपियों ने संतोष को कनाडा भेजने के लिए अप्लाई करने की बात कही। उनके भरोसा दिलाने पर संतोष ने कनाडा जाने के लिए आवेदन कर दिया, लेकिन आरोपियों ने उसे कनाडा भी नहीं भेजा। संतोष ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो वे टाल-मटोल करते रहे। इसके बाद संतोष ने उनके खिलाफ इक्नोमिक सैल में शिकायत दी। करीब छह माह जांच के बाद सैल ने शहर थाना पुलिस को संतोष की शिकायत भेजी। शहर पुलिस ने मामले में दोनों भाईयों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
दूसरे मामले में ठगे 12 लाख, तीन भाईयों के साथ पिता भी नामजद
उधर, कैंप की आदर्श नगर कॉलोनी निवासी गुरविंद्र सिंह को भी कनाडा भेजने के नाम पर उपरोक्त दो भाईयों के अलावा तीसरे भाई और उनके पिता ने 12 लाख रुपये हड़प लिए। आदर्श नगर निवासी लखविंद्र कौर ने फर्कपुर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जून 2015 में उसका बेटा गुरविंद्र सिंह जॉब के लिए विदेश जाना चाहता था। इस दौरान उसकी मुलाकात सुढैल निवासी संजीव व महेंद्र सिंह के साथ हुई। आरोपियों ने अपने भाई रविंद्र व पिता यशपाल के साथ मिलकर उनसे बातचीत की। आरोपियों ने उन्हें बताया कि इन दिनों कनाडा में जाना आसान है, क्योंकि वहां का वीजा जल्दी लग जाता है। गुरविंद्र आरोपियों के झांसे में आ गया। आरोपियों ने 12 लाख रुपये पहले ले लिए। एक जून 2015 को उन्होंने दो लाख रुपये, पासपोर्ट और कुछ अन्य दस्तावेज दे दिए। कुछ दिन बाद तीन लाख रुपये का एक चैक और उसके बाद तीन लाख रुपये नकद दिए। तीन जुलाई 2015 तक उन्होंने आरोपी को कुल 12 लाख रुपये दे दिए। आरोपियों कुछ दिनों बाद कनाडा भेजने का भरोसा देते रहे, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी गुरविंद्र को कनाडा नहीं भेजा। परेशान होकर गुरविंद्र ने आरोपियों से अपनी रकम व पासपोर्ट वापस मांगा तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद गुरविंद्र की मां ने इसकी शिकायत फर्कपुर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद चारों बाप बेटों पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्जकर लिया है।
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अब तक आई छह शिकायतें, चार मामले दर्ज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सुढैल निवासी संजीव, उसके भाई महिंद्र व रविंद्र पर विभिन्न थानों में आधा दर्जन से अधिक कबूतरबाजी की शिकायत दी गई हैं, जिनमें से चार मामले दर्ज हो चुके हैं। एक सप्ताह से चारों आरोपी फरार चल रहे हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है। जांच अधिकारी एएसआई शमशेर सिंह का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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छह लाख लेकर ना न्यूजीलैंड भेजा ना कनाडा
शिवपुरी कॉलोनी निवासी संतोष वालिया की माडल टाउन के सरनी चौक के पास कंप्यूटर की दुकान है। संतोष वालिया ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अप्रैल 2015 में वह न्यूजीलैंड में होटल मैनेजमेंट की जॉब के लिए जाना चाहता था। उसे पता चला कि सुढैल निवासी संजीव व उसका भाई महिंद्र सिंह लोगों को विदेश भेजने और वहां पर रोजगार दिलाने का काम करते हैं। उसने आरोपियों से संपर्क कर बातचीत की और न्यूजीलैंड जाने की इच्छा जताई। उनसे बातचीत के दौरान साढ़े सात लाख रुपये में न्यूजीलैंड भेजने का सौदा तय हो गया। इस दौरान आरोपियों ने संतोष वालिया से एक लाख रुपये, पासपोर्ट, आईडी प्रूफ और शैक्षणिक दस्तावेज लिए और कुछ दिन रुकने को कहा। कुछ दिन बाद आरोपियों ने उससे पांच लाख पांच हजार दो सौ रुपये और लिए और बाकी की रकम वीजा लगने के बाद देने की बात कहीं। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी आरोपियों ने संतोष को न्यूजीलैंड नहीं भेजा। कई महीने तक आरोपी उसे झूठे आश्वासन देकर जल्द न्यूजीलैंड भेजने की बात कहते रहे। अक्तूबर माह में आरोपियों ने संतोष से कहा कि न्यूजीलैंड भेजने में तो काफी टाइम लगेगा। आजकल कनाडा जाने का अधिक ट्रेंड है। कनाडा जाने में अधिक टाइम भी नहीं लगेगा। साथ ही जल्दी वीजा लग जाएगा और रकम भी कम लगेगी। इसके बाद आरोपियों ने संतोष को कनाडा भेजने के लिए अप्लाई करने की बात कही। उनके भरोसा दिलाने पर संतोष ने कनाडा जाने के लिए आवेदन कर दिया, लेकिन आरोपियों ने उसे कनाडा भी नहीं भेजा। संतोष ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो वे टाल-मटोल करते रहे। इसके बाद संतोष ने उनके खिलाफ इक्नोमिक सैल में शिकायत दी। करीब छह माह जांच के बाद सैल ने शहर थाना पुलिस को संतोष की शिकायत भेजी। शहर पुलिस ने मामले में दोनों भाईयों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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दूसरे मामले में ठगे 12 लाख, तीन भाईयों के साथ पिता भी नामजद
उधर, कैंप की आदर्श नगर कॉलोनी निवासी गुरविंद्र सिंह को भी कनाडा भेजने के नाम पर उपरोक्त दो भाईयों के अलावा तीसरे भाई और उनके पिता ने 12 लाख रुपये हड़प लिए। आदर्श नगर निवासी लखविंद्र कौर ने फर्कपुर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जून 2015 में उसका बेटा गुरविंद्र सिंह जॉब के लिए विदेश जाना चाहता था। इस दौरान उसकी मुलाकात सुढैल निवासी संजीव व महेंद्र सिंह के साथ हुई। आरोपियों ने अपने भाई रविंद्र व पिता यशपाल के साथ मिलकर उनसे बातचीत की। आरोपियों ने उन्हें बताया कि इन दिनों कनाडा में जाना आसान है, क्योंकि वहां का वीजा जल्दी लग जाता है। गुरविंद्र आरोपियों के झांसे में आ गया। आरोपियों ने 12 लाख रुपये पहले ले लिए। एक जून 2015 को उन्होंने दो लाख रुपये, पासपोर्ट और कुछ अन्य दस्तावेज दे दिए। कुछ दिन बाद तीन लाख रुपये का एक चैक और उसके बाद तीन लाख रुपये नकद दिए। तीन जुलाई 2015 तक उन्होंने आरोपी को कुल 12 लाख रुपये दे दिए। आरोपियों कुछ दिनों बाद कनाडा भेजने का भरोसा देते रहे, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी गुरविंद्र को कनाडा नहीं भेजा। परेशान होकर गुरविंद्र ने आरोपियों से अपनी रकम व पासपोर्ट वापस मांगा तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद गुरविंद्र की मां ने इसकी शिकायत फर्कपुर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद चारों बाप बेटों पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्जकर लिया है।
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अब तक आई छह शिकायतें, चार मामले दर्ज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सुढैल निवासी संजीव, उसके भाई महिंद्र व रविंद्र पर विभिन्न थानों में आधा दर्जन से अधिक कबूतरबाजी की शिकायत दी गई हैं, जिनमें से चार मामले दर्ज हो चुके हैं। एक सप्ताह से चारों आरोपी फरार चल रहे हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है। जांच अधिकारी एएसआई शमशेर सिंह का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।