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Yamunanagar: जच्चा बच्चा की मौत के बाद जगाधरी सिविल अस्पताल में परिजनों का हंगामा, यह है पूरा मामला
Wed, 17 May 2023 12:51 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Wed, 17 May 2023 12:51 PM IST
सार
मंगलवार सुबह जगाधरी सिविल अस्पताल में नौ माह की गर्भवती भर्ती हुई थी। आरोप है कि खून चढ़ाने के बाद गर्भवती की हालत बिगड़ी। उसे पीजीआई रेफर किया गया था। रास्ते में मौत हो गई।
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गर्भवती महिला की मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा के यमुनानगर जिले में जगाधरी सिविल अस्पताल में जच्चा बच्चा की मौत पर मंगलवार सुबह परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने जच्चा बच्चा की मौत का कारण चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही बताया। युवती नौ माह की गर्भवती थी, जिसे मंगलवार दोपहर को अस्पताल में भर्ती किया गया था। जिसकी हालात बिगड़ने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया, लेकिन जच्चा बच्चा दोनों की मौत हो गई।
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अस्पताल में जच्चा बच्चा की मौत और परिजनों के हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। अनान फानन थाना शहर प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। परंतु लोगों ने एक नहीं सुनी।
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गर्भवती की आयु मात्र 20 साल थी और चिकित्सकों ने इसी माह प्रसव का समय भी दिया हुआ था। करीब डेढ़ घंटा लोगों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। इस मामले में पुलिस ने मृतका के पति महेश की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
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पुलिस को दी शिकायत में गोंडा निवासी महेश ने बताया कि वह यहां प्लाइवुड फैक्टरी में काम करता है और शांति कॉलोनी में किराये के मकान में रहता है। महेश ने बताया कि उसने पिछले साल छह जून को वंदना से प्रेम विवाह किया था और वह भी उसके साथ शांति कॉलोनी में रहती थी।
वंदना नौ माह की गर्भवती थी और चिकित्सकों ने इस माह के अंत तक प्रसव का समय दिया था। महेश ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब दस बजे उसे जगाधरी सिविल अस्पताल लेकर आया था। चिकित्सकों ने वंदना को भर्ती कर लिया और इस दौरान उसकी तबीयत भी ठीक थी। फिर दोपहर में चिकित्सकों ने बताया कि वंदना में खून की कमी है और बीपी भी ज्यादा था।
जिस पर उसने अपने स्तर खून का इंतजाम किया। जिसके बाद वंदना को दो यूनिट खून चढ़ाया गया, परंतु उसकी हालत सुधने की बजाए और बिगड़ गई। फिर चिकित्सकों ने उसे अलसुबह करीब साढ़े चार पांच बजे वंदना को पीजीआई रेफर कर दिया।
पीजीआई ले जाते हुए उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने महेश की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के बाद जच्चा व शिशु का शव परिजनों को सौंप दिया।
बीच रास्ते वापस ले आए अस्पताल
महेश ने बताया कि वे तड़के वंदना को लेकर जगाधरी सिविल अस्पताल से पीजीआई के लिए रवाना हुए थे। इस दौरान वह उसे लेकर शहर से कुछ दूर ही पहुंचे थे कि वंदना की हालत बहुत ज्यादा बिगड़ गई। जिस पर वह बीच रास्ते लेकर वापस सिविल अस्पताल आ गए। इस दौरान चिकित्सकों ने वंदना को मृत घोषित कर दिया। महेश ने बताया कि वंदना की मौत चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से हुई है। चिकित्सकों ने उसे आखिरी समय तक यह नहीं बताया कि वंदना की नॉर्मल या सिजेरियन डिलीवरी होगी।
महेश ने बताया कि दोपहर बाद वंदना को रक्त चढ़ाया गया था। इसके बाद उसे कोई इंजेक्शन दिया गया, जिसके बाद उसकी हालत गिरती चली गई। आरोप लगाया कि चिकित्सकों की लापरवाही के कारण उसका बच्चा दुनिया में आने से पहले रुखसत हो गया। इसमें चिकित्सकों व नर्सों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
पुलिस ने मामले में मृतका के पति की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम करवाया है। युवती व शिशु का डॉक्टर्स के बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया है। इस बारे अस्पताल का रिकॉर्ड व दी चिकित्सा की भी जानकारी ली जा रही है। वहीं विभागीय जांच करवाकर रिपोर्ट पुलिस को देने बारे सिविल सर्जन को पत्र लिखा है। -जनकराज, प्रभारी, थाना शहर जगाधरी।
जच्चा बच्चा की मौत की सूचना मिली है। जिसके बाद चिकित्सीय टीम अपने स्तर पर जांच कर रही है। बुधवार को सीएम कार्यक्रम के चलते वे व्यस्त थे। इस बारे एमएस व अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मामले की पूरी जांच करवाई जाएगी, यदि कोई लापरवाही है तो करने वाले पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -मंजीत सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।