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जानलेवा हमला करने के दो दोषियों को कैद
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Tue, 06 Oct 2015 12:17 AM IST
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पुरानी रंजिश के चलते गांव तुगलपुर निवासी सुखविंदर पर जानलेवा हमला करने के दो दोषियों कोर्ट ने साढ़े तीन-तीन साल कैद तथा 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरिता गुप्ता की कोर्ट ने सुनाया है।
कोर्ट में करीब नौ महीने चली सुनवाई के दौरान दर्जन भर लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को न्यायाधीश सरिता गुप्ता ने गांव कड़कोली निवासी सन्नी तथा परजीत को भादंसं की धारा 307 के तहत दोषी करार देते हुए साढ़े तीन-तीन साल कैद तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। जबकि 506 में उन्हें एक-एक साल कैद तथा एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया है।
जुर्माना न देने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। साथ ही कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि दोषियों पर लगाए गए जुर्माने में से 10 हजार रुपये पीड़ित को दिए जाएं।
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पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 4 दिसंबर, 2014 को गांव तुगलपुर थाना छछरौली निवासी सुखविंदर अपने साथी सिमरन के साथ बाइक पर सवार होकर खिजराबाद जा रहा था। जब वे दोनों मुजाफत कलां गांव के बस अड्डे पर पहुंचे तो गांव कड़कोली निवासी सन्नी तथा परमजीत उर्फ गोलू ने उनकी बाइक को रोक लिया। इसके बाद उन्होंने सुखविंदर से बहस शुरू कर दी।
गोलू ने सुखविंदर पर चाकू से हमला बोल दिया। जबकि सन्नी ने गंड़ासी से प्रहार किया। हमले में घायल सुखविंदर लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। सिमरन ने सुखविंदर को उसके घर पहुंचाया, जहां से परिजन उसे यमुनानगर के अस्पताल लेकर गए।
प्राथमिक उपचार के बाद सुखविंदर को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। 13 दिसंबर को पुलिस ने सन्नी व परमजीत को काबू कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। सात जनवरी को पुलिस ने इस केस में भादंसं की धारा 307 को जोड़ दिया।
17 जनवरी को पुलिस ने दोबारा से सन्नी तथा परमजीत को काबू किया। 18 जनवरी को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हो गई।
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कोर्ट में करीब नौ महीने चली सुनवाई के दौरान दर्जन भर लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को न्यायाधीश सरिता गुप्ता ने गांव कड़कोली निवासी सन्नी तथा परजीत को भादंसं की धारा 307 के तहत दोषी करार देते हुए साढ़े तीन-तीन साल कैद तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। जबकि 506 में उन्हें एक-एक साल कैद तथा एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया है।
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जुर्माना न देने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। साथ ही कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि दोषियों पर लगाए गए जुर्माने में से 10 हजार रुपये पीड़ित को दिए जाएं।
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पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 4 दिसंबर, 2014 को गांव तुगलपुर थाना छछरौली निवासी सुखविंदर अपने साथी सिमरन के साथ बाइक पर सवार होकर खिजराबाद जा रहा था। जब वे दोनों मुजाफत कलां गांव के बस अड्डे पर पहुंचे तो गांव कड़कोली निवासी सन्नी तथा परमजीत उर्फ गोलू ने उनकी बाइक को रोक लिया। इसके बाद उन्होंने सुखविंदर से बहस शुरू कर दी।
गोलू ने सुखविंदर पर चाकू से हमला बोल दिया। जबकि सन्नी ने गंड़ासी से प्रहार किया। हमले में घायल सुखविंदर लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। सिमरन ने सुखविंदर को उसके घर पहुंचाया, जहां से परिजन उसे यमुनानगर के अस्पताल लेकर गए।
प्राथमिक उपचार के बाद सुखविंदर को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। 13 दिसंबर को पुलिस ने सन्नी व परमजीत को काबू कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। सात जनवरी को पुलिस ने इस केस में भादंसं की धारा 307 को जोड़ दिया।
17 जनवरी को पुलिस ने दोबारा से सन्नी तथा परमजीत को काबू किया। 18 जनवरी को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हो गई।