यमुनानगर में रिश्वतखोर SHO व ASI गिरफ्तार: केस से नाम हटाने के लिए ली थी दो लाख की रिश्वत, SP ने की जांच
यमुनानगर में केस से नाम हटाने के लिए दो लाख रुपये लेने के आरोप प्राथमिक जांच में एसएचओ सुभाष चंद व जांच अधिकारी संजीव कुमार पर सही पाए गए हैं। इसलिए दोनों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी हेडक्वार्टर की भूमिका की जांच की जाएगी।
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लड़ाई झगड़े के केस से नाम निकालने की एवज में दो लाख रुपये लेने के आरोप में थाना गांधी नगर के एसएचओ सुभाष चंद व जांच अधिकारी एएसआई संजीव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने रुपये लेने के बाद भी शिकायतकर्ता के पिता का नाम केस से नहीं हटाया और धारा भी नहीं बदली। जिस पर चांदपुर के आशिक ने एसपी मोहित हांडा को शिकायत कर दी। एसपी ने मामले की जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। एसपी ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। जिस पर पुलिस ने दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस को दी शिकायत में आशिक ने बताया कि उसके भाई, पिता व जाहिद नाम के व्यक्ति के खिलाफ एक झूठा मुकदमा 30 अगस्त 2022 को थाना गांधी नगर में दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले की जांच किए बिना ही उनके खिलाफ केस दर्ज कर दिया था। इस मामले में उन्होंने जिला न्यायालय व हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी।
इसके बाद 25 नवंबर को वह अपने जानकार ससौली निवासी विकास केस की निष्पक्ष जांच के लिए एएसआई संजीव कुमार से मिले। जिस पर संजीव ने उन्हें कहा कि उसके पिता आरिफ का नाम निकाल दिया जाएगा व धारा 379बी की जगह सिर्फ 379 कर दी जाएगी। इसके लिए उन्हें एसएचओ सुभाष चंद से मिलना होगा। संजीव ने ही उन्हें एसएचओ सुभाष से मिलवाया।
आशिक ने बताया कि संजीव कुमार व एसएचओ सुभाष ने उनसे दो लाख रुपये मांगे। इसमें एक लाख रुपये डीएसपी हेडक्वार्टर व एक लाख रुपये उन दोनों के खर्चे पानी का बताया गया। पिता का नाम केस से निकल वाने के लिए उन्होंने दो दिसंबर 2022 को दो लाख रुपये दे दिए। एसएचओ व एएसआई ने आश्वासन दिया कि वह जल्द ही उसके पिता का नाम केस से निकाल देंगे और धारा भी बदल देंगे। परंतु अब तक दोनों ने पिता का नाम केस से नहीं निकाला और न ही रुपये वापस किए। जब वह रुपये वापस मांगता है तो वह धमकाते हैं कि वह पुलिस अधिकारी हैं उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
दोनों को गिरफ्तार कर लिया हैः मोहित हांडा
एसपी मोहित हांडा ने बताया कि केस से नाम हटाने के लिए दो लाख रुपये लेने के आरोप प्राथमिक जांच में एसएचओ सुभाष चंद व जांच अधिकारी संजीव कुमार पर सही पाए गए। इसलिए दोनों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी हेडक्वार्टर की भूमिका की जांच की जाएगी। इस मामले की जांच का जिम्मा एएसपी यमुनानगर को दिया गया है।
इस मामले से नाम निकालने के लिए रुपये
थाना गांधी नगर में चांदपुर के ही मेहंदी हसन ने 30 अगस्त 2022 को शिकायत दी थी कि वह अपने घर के पास गली में खड़ा होकर अपने भतीजे हारुन से बात कर रहा था। तभी मौके पर आशिक, उसका भाई अशिफ, पिता आरिफ व जाहिद ने उस पर हमला कर दिया। अशिफ ने लोहे के पाइप से उस पर वार किया जो उसके मुंह पर लगा। इसके अलावा अन्य लोगों ने मारपीट की।
आशिक उससे करीब 20 हजार रुपये छीन कर भाग गया। शोर सुनकर मौका पर मोहल्ले के लोग वहां आ गए तो आरोपी फरार हो गए। आरोपियों ने जाते समय उसे जान से मारने की धमकी भी दी। तब पुलिस ने आरोपियों पर आईपीसी की धारा 323, 379बी, 506 के तहत केस दर्ज किया था।