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अवैध माइनिंग रोकने पहुंचे खनन अधिकारियों को बंधक बनाया, मारपीट कर जेसीबी और डंपर छुड़वा ले गए आरोपी
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अवैध माइनिंग रोकने पहुंचे खनन अधिकारियों को बंधक बनाया, मारपीट कर जेसीबी और डंपर छुड़वा ले गए आरोपी
अधिकारियों को दी जान से मारने की धमकी, किसी तरह बचकर थाने में ली शरण
खिजराबाद । जिले में माइनिंग माफिया बेखौफ प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। राजनीतिक संरक्षण प्राप्त माइनिंग माफिया को न तो पुलिस का डर है और न ही खनन विभाग के अधिकारियों का। शुक्रवार रात को बेलगढ़ में अवैध खनन रोकने गए खनन विभाग के अधिकारियों को माइनिंग माफिया के कारिंदों ने बंधक बना लिया और मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी और पकड़ी गई जेसीबी और डंपर छुड़वा ले गए। अधिकारियों ने किसी तरह थाने में पहुंचकर अपनी जान बचाई। माइनिंग इंस्पेक्टर ओमदत्त शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इनमें पंजाब के आनंदपुर साहिब तहसील के गांव संगतपुर निवासी अशोक और मजैहदवाला गांव निवासी अनवर के नाम शामिल हैं। इससे पहले भी खनन विभाग की टीम पर माइनिंग माफिया के कारिंदों द्वारा हमले की घटनाएं हो चुकी है, लेकिन राजनीतिक पहुंच के चलते पुलिस द्वारा कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जाती। जिसके चलते माइनिंग माफिया के हौसले बुलंद है।
पुलिस को दी शिकायत में माइनिंग इंस्पेक्टर ओमदत्त शर्मा ने बताया कि रात को करीब आठ बजे वह खनन रक्षक रमेश कुमार फौजी, नारायण सिंह, एचसी प्रदीप कुमार आदि के साथ बेलगढ़ क्षेत्र में गश्त पर निकले थे। जब वे चंद्रपाल की टपरी के पास पहुंचे तो वहां देखा कि वहां एक जेसीबी और डंफर अवैध खनन के कार्य में संलिप्त थे। यहां पर छह से सात फीट गहरे अवैध खनन के निशान पाएं गए। इस खनन से यमुना के बांध को टूटने और बाढ़ से जान, माल के नुकसान का खतरा है। उन्होंने मौके पर जाकर जेसीबी और डंपर को कब्जे में ले लिया और उसे लेकर थाने में आने लगे।
बॉक्स
रास्ते में डंपर अड़ाकर बंधक बनाया
माइनिंग इंस्पेक्टर ने बताया जब वे जब्त वाहनों को साथ लेकर आ रहे थे तो बल्लेवाला मार्केट के पास उनके रास्ते में डंपर अड़ा दिए गए और कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। इतना ही नहीं आरोपियों ने आते ही गाली गलौच और हाथापाई शुरू कर दी। साथ ही जेसीबी और डंपर को वापस मोड़कर भगा ले गए। आरोपी जान से मारने की धमकी देने लगे। जिस पर खनन विभाग के अधिकारी किसी तरह उनके चंगुल से निकलकर खिजराबाद थाने में शरण ली। बाद में पुलिस की सिक्योरिटी में अधिकारियों को यमुनानगर तक छुड़वाया गया।
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वर्जन
-माइनिंग इंस्पेक्टर की शिकायत पर लोगों को नामजद करते हुए एफआइआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।-नवीन सिंधू, प्रतापनगर थाना एसएचओ
फोटो नंबर 44, 45
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अधिकारियों को दी जान से मारने की धमकी, किसी तरह बचकर थाने में ली शरण
खिजराबाद । जिले में माइनिंग माफिया बेखौफ प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। राजनीतिक संरक्षण प्राप्त माइनिंग माफिया को न तो पुलिस का डर है और न ही खनन विभाग के अधिकारियों का। शुक्रवार रात को बेलगढ़ में अवैध खनन रोकने गए खनन विभाग के अधिकारियों को माइनिंग माफिया के कारिंदों ने बंधक बना लिया और मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी और पकड़ी गई जेसीबी और डंपर छुड़वा ले गए। अधिकारियों ने किसी तरह थाने में पहुंचकर अपनी जान बचाई। माइनिंग इंस्पेक्टर ओमदत्त शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इनमें पंजाब के आनंदपुर साहिब तहसील के गांव संगतपुर निवासी अशोक और मजैहदवाला गांव निवासी अनवर के नाम शामिल हैं। इससे पहले भी खनन विभाग की टीम पर माइनिंग माफिया के कारिंदों द्वारा हमले की घटनाएं हो चुकी है, लेकिन राजनीतिक पहुंच के चलते पुलिस द्वारा कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जाती। जिसके चलते माइनिंग माफिया के हौसले बुलंद है।
पुलिस को दी शिकायत में माइनिंग इंस्पेक्टर ओमदत्त शर्मा ने बताया कि रात को करीब आठ बजे वह खनन रक्षक रमेश कुमार फौजी, नारायण सिंह, एचसी प्रदीप कुमार आदि के साथ बेलगढ़ क्षेत्र में गश्त पर निकले थे। जब वे चंद्रपाल की टपरी के पास पहुंचे तो वहां देखा कि वहां एक जेसीबी और डंफर अवैध खनन के कार्य में संलिप्त थे। यहां पर छह से सात फीट गहरे अवैध खनन के निशान पाएं गए। इस खनन से यमुना के बांध को टूटने और बाढ़ से जान, माल के नुकसान का खतरा है। उन्होंने मौके पर जाकर जेसीबी और डंपर को कब्जे में ले लिया और उसे लेकर थाने में आने लगे।
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रास्ते में डंपर अड़ाकर बंधक बनाया
माइनिंग इंस्पेक्टर ने बताया जब वे जब्त वाहनों को साथ लेकर आ रहे थे तो बल्लेवाला मार्केट के पास उनके रास्ते में डंपर अड़ा दिए गए और कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। इतना ही नहीं आरोपियों ने आते ही गाली गलौच और हाथापाई शुरू कर दी। साथ ही जेसीबी और डंपर को वापस मोड़कर भगा ले गए। आरोपी जान से मारने की धमकी देने लगे। जिस पर खनन विभाग के अधिकारी किसी तरह उनके चंगुल से निकलकर खिजराबाद थाने में शरण ली। बाद में पुलिस की सिक्योरिटी में अधिकारियों को यमुनानगर तक छुड़वाया गया।
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-माइनिंग इंस्पेक्टर की शिकायत पर लोगों को नामजद करते हुए एफआइआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।-नवीन सिंधू, प्रतापनगर थाना एसएचओ
फोटो नंबर 44, 45