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नेशनल हाइवे के पुल से 20 फुट नीचे गिरा डंपर, चालक गंभीर
Updated Wed, 03 Jan 2018 08:37 PM IST
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नेशनल हाइवे के पुल से गिरा डंपर, चालक गंभीर
अमर उजाला ने की हादसों की वजह की पड़ताल
-बड़ा सवाल : आखिर कब जागेंगे अधिकारी
यमुनानगर/ छछरौली। नेशनल हाईवे पर धुंध की वजह से रोजाना हादसे हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजामों का ना होना है। रात के समय व धुंध के दौरान नेशनल हाईवे पर पुल व पुलिया नजर ही नहीं आती जिसकी वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। ऐसा ही एक हादसा बुधवार सुबह चार बजे उर्जनी गांव के पास हुआ। जिसमें एक डंपर धुंध की वजह से रास्ता ना दिखाई देने के कारण पुल से 20 फीट नीचे गिरकर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में डंपर चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों की मदद से डंपर चालक को डंपर से बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा गया। अमर उजाला ने इस मार्ग पर आए-दिन हो रहे हादसों की वजह जानी और इन कमियों को अधिकारियों को अवगत कराया।
बाक्स-
खिजराबाद से छछरौली के बीच नेशनल हाईवे पर लगी दर्जनों पुलियों व पुलों पर सूचना पट ना होने की वजह से आजकल धुंध की वजह से बहुत हादसे हो रहे हैं। हादसों का मुख्य कारण यह है कि एक तो नेशनल हाईवे पर लगे पुल व पुलिया की चौड़ाई कम है, जिससे राहगीर इसी बात से धोखा खा जाते है। कई जगह तो पुल की रेलिंग भी नही है जिससे धुंध में यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि रोड कहां तक ओर इसके कारण भी वाहन पुल से नीचे गिरते हैं।
बाक्स
सोम नदी पुल व अर्जनी पुल पर होते हैं सबसे अधिक हादसे
नेशनल हाईवे पर सबसे ज्यादा हादसे सोम नदी पुल व अर्जनी पुल पर होते है। दोनों पुलों पर हादसे होने का मेन कारण पुलों की चौड़ाई सड़क से कम है। इन दोनों पुलों हर दिन कोई ना कोई कोई छोटा-बड़ा वाहन दुर्घटनाग्रस्त होता है। इन पुलों पर बाहरी राहगीर और वाहन ज्यादातर दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। क्योंकि उनको पता नहीं होता कि आगे पुल तंग है।
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बाक्स
ना सूचना पट ना चेतावनी बोर्ड
नेशनल हाईवे पर दोनों पुलों के दोनों साईड कोई भी सूचना पट व चेतावनी बोर्ड नहीं लगा है। इसकी वजह से राहगीर व वाहन हादसों का शिकार हो रहे है। दोनों पुलों पर रोजाना हादसे होने के बावजूद प्रशासन व संबंधित विभाग की आंख नहीं खुल रही है। संबंधित विभाग को दोनों पुलों के दोनों साइड में पुल तंग होने का चेतावनी बोर्ड लगवाना चाहिए ताकि कोई हादसा ना हो।
वर्जन-
कमियों को जल्द दूर किया जाएगा : प्राजेक्ट डायरेक्टर
नेशनल हाईवे अथॉरटी आफ इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर जसविंद्र सिंह का कहना है कि नेशनल हाईवे उनके पास दो महीने पहले ही आया है। नेशनल हाईवे में जहां-जहां सूचना पट, चेतावनी बोर्ड, चमकदार पट्टी व सफेद पट्टी सहित अन्य कमियां है, उन्हें दूर किया जाएगा। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। नेशनल हाइवे के सुधारीकरण का काम जल्द शुरू किया जाएगा।
फोटो-13,14,15
अमर उजाला ने की हादसों की वजह की पड़ताल
-बड़ा सवाल : आखिर कब जागेंगे अधिकारी
यमुनानगर/ छछरौली। नेशनल हाईवे पर धुंध की वजह से रोजाना हादसे हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजामों का ना होना है। रात के समय व धुंध के दौरान नेशनल हाईवे पर पुल व पुलिया नजर ही नहीं आती जिसकी वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। ऐसा ही एक हादसा बुधवार सुबह चार बजे उर्जनी गांव के पास हुआ। जिसमें एक डंपर धुंध की वजह से रास्ता ना दिखाई देने के कारण पुल से 20 फीट नीचे गिरकर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में डंपर चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों की मदद से डंपर चालक को डंपर से बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा गया। अमर उजाला ने इस मार्ग पर आए-दिन हो रहे हादसों की वजह जानी और इन कमियों को अधिकारियों को अवगत कराया।
बाक्स-
खिजराबाद से छछरौली के बीच नेशनल हाईवे पर लगी दर्जनों पुलियों व पुलों पर सूचना पट ना होने की वजह से आजकल धुंध की वजह से बहुत हादसे हो रहे हैं। हादसों का मुख्य कारण यह है कि एक तो नेशनल हाईवे पर लगे पुल व पुलिया की चौड़ाई कम है, जिससे राहगीर इसी बात से धोखा खा जाते है। कई जगह तो पुल की रेलिंग भी नही है जिससे धुंध में यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि रोड कहां तक ओर इसके कारण भी वाहन पुल से नीचे गिरते हैं।
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सोम नदी पुल व अर्जनी पुल पर होते हैं सबसे अधिक हादसे
नेशनल हाईवे पर सबसे ज्यादा हादसे सोम नदी पुल व अर्जनी पुल पर होते है। दोनों पुलों पर हादसे होने का मेन कारण पुलों की चौड़ाई सड़क से कम है। इन दोनों पुलों हर दिन कोई ना कोई कोई छोटा-बड़ा वाहन दुर्घटनाग्रस्त होता है। इन पुलों पर बाहरी राहगीर और वाहन ज्यादातर दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। क्योंकि उनको पता नहीं होता कि आगे पुल तंग है।
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ना सूचना पट ना चेतावनी बोर्ड
नेशनल हाईवे पर दोनों पुलों के दोनों साईड कोई भी सूचना पट व चेतावनी बोर्ड नहीं लगा है। इसकी वजह से राहगीर व वाहन हादसों का शिकार हो रहे है। दोनों पुलों पर रोजाना हादसे होने के बावजूद प्रशासन व संबंधित विभाग की आंख नहीं खुल रही है। संबंधित विभाग को दोनों पुलों के दोनों साइड में पुल तंग होने का चेतावनी बोर्ड लगवाना चाहिए ताकि कोई हादसा ना हो।
वर्जन-
कमियों को जल्द दूर किया जाएगा : प्राजेक्ट डायरेक्टर
नेशनल हाईवे अथॉरटी आफ इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर जसविंद्र सिंह का कहना है कि नेशनल हाईवे उनके पास दो महीने पहले ही आया है। नेशनल हाईवे में जहां-जहां सूचना पट, चेतावनी बोर्ड, चमकदार पट्टी व सफेद पट्टी सहित अन्य कमियां है, उन्हें दूर किया जाएगा। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। नेशनल हाइवे के सुधारीकरण का काम जल्द शुरू किया जाएगा।
फोटो-13,14,15