फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   गुपचुप तरीके से काटकर जंगल में छिपा देते थे खैर, फिर गाड़ी से जगाधरी चुन्ना भट्टी में थे बेचते

गुपचुप तरीके से काटकर जंगल में छिपा देते थे खैर, फिर गाड़ी से जगाधरी चुन्ना भट्टी में थे बेचते

Fri, 22 Sep 2017 12:59 AM IST
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:59 AM IST
विज्ञापन
गुपचुप तरीके से काटकर जंगल में छिपा देते थे खैर, फिर गाड़ी से जगाधरी चुन्ना भट्टी में थे बेचते
गुपचुप तरीके से काटकर जंगल में छिपा देते थे खैर, फिर जगाधरी चुन्ना भट्टी में थे बेचते
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गुपचुप तरीके से खैर को काट पहले थोड़ा-थोड़ा कर जंगल में छिपा देते थे। फिर जब एक गाड़ी में ले जाने लायक हो जाने पर उसे चोरी-छिपे ले जाकर जगाधरी के चुन्नी भट्टी में 3600 रुपये क्विंटल बेच देते थे। यह सब जानकारी खैर तस्करी के मामले में सीआईए-2 की ओर से कुरुक्षेत्र जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए आरोपी ने दी है। इसके दो साथी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि इसे सीआईए-2 की टीम ने कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है, ताकि पूछताछ में उससे और भी खुलासे हो सकें।

सीआईए-2 इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि 10 दिसंबर 2016 में बीड़ टापू के जंगल से खैर के 26 पेड़ किसी ने चोरी-छिपे काट लिए थे। तब वन विभाग के रेंज आफिसर सर्वजीत सिंह ने जांच के बाद थाना बुड़िया में सात खैर तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इनमें से आलमगीर और अब्दुल रहमान को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मामले में गांव चुहड़पुर निवासी इस्लाम फरार चल रहा था। थाने से मामला उनके पास आया। उन्होंने जांच को आगे बढ़ाया तो पता चला कि इस्लाम पर पहले से ही एक केस दर्ज है। वह इन दिनों कुरुक्षेत्र जेल में बंद है। उन्होंने एएसआई नर सिंह और हेड कांस्टेबल रणधीर सिंह को जेल में भेजा, वहां से दो दिन के प्रोडक्शन वारंट पर इस्लाम को यमुनानगर लाया गया। यहां उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, ताकि उससे पूछताछ की जा सके। आरोपी इस्लाम ने पूछताछ में बताया कि वह एक साथ कई लोग जंगल में जाते थे और वहां से पेड़ों को काट कर जंगल में ही छिपा देते थे। जब एक गाड़ी भरने लायक लकड़ी हो जाती थी तो उसे ट्रक व अन्य वाहन में भरकर जगाधरी स्थित चुन्ना भट्टी में बेच देते थे। यहां पर करीब 3600 रुपये क्विंटल खैर की लकड़ी बेची जाती थी, क्योंकि यहां पहले खैर की लकड़ी खरीदने का डिपो था, लेकिन अब वह बंद हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed