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मलिकपुर खादर की पंचायती जमीन से तस्करों ने काटे खैर के आधा दर्जन पेड़
Updated Thu, 20 Jul 2017 01:54 AM IST
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मलिकपुर खादर की पंचायती जमीन से तस्करों ने काटे खैर के आधा दर्जन पेड़
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/खिजराबाद। खिजराबाद और छछरौली वन विभाग के क्षेत्र से एक बार फिर खैर तस्करों ने जंगलों और पंचायती जमीनों में खड़े खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ा चलाना शुरू कर दिया। मंगलवार रात खैर तस्करों ने पश्चिमी यमुना नहर किनारे मलिकपुर खादर की पंचायती जमीन से खैर के आधा दर्जन खैर के पेड़ काट लिए। संबंधित विभाग ने सूचना पाकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन वभाग द्वारा खैर चोरी पर अंकुश लगाने के लिए सीआईए की मदद से खैर तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए कई जगह दबिश भी दी जा रही है। साथ ही खैर समेत गाड़ियों को पकड़ा जा चुका है। जबकि कलेसर से वन विभाग द्वारा चार केस खैर तस्करी के दर्ज हैं, जिन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्र से खैर तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही और आए दिन खैर तस्कर कहीं ना कहीं से जंगलों से खैर तस्करी के कारनामे को अंजाम दे रहे हैं। वन विभाग इन पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। हालांकि वन विभाग की ओर से खैर तस्करों पर मामले दर्ज कराए गए हैं। पिछले कुछ महीनों से जंगल से खैर चोरी ओर तस्करी के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। अधिकतर में विभाग के हाथ केवल सबूत ही लगते हैं और कई मामलों में तो खैर तस्करों और वन विभाग के कर्मचारियों की मुठभेड़ तक हो चुकी है और विभाग के कर्मचारी हमले भी सहन कर चुके हैं।
बॉक्स
पकड़े गए खैर तस्करी के मामले
दो दिसंबर को खैर के 12 पेड़ कटे, तस्कर हो गए फरार।
सात दिसंबर को ताजेवाला से पांच क्विंटल खैर की लकड़ी के साथ एक तस्कर काबू।
नौ दिसंबर को जिला वन अधिकारी ने गश्त के दौरान जंगल में घूमती अंजान गाड़ी को काबू में लिया।
11 दिसंबर को ताजेवाला के पास फैजपुर बीट से खैर से भरे दो कैंटर और एक ट्रक को पकड़ा।
13 दिसंबर को खान्नूवाला बीट से खैर तस्करों ने खैर के चार पेड़ काटे।
17 दिसंबर को मलिकपुर बांगर की पंचायती जमीन से खैर तस्करों ने लगभग तीन सौ खैर के पेड काट लिए।
18 दिसंबर को भी कलेसर विश्राम गृह के सामने से खैर तस्करों ने खैर के दर्जनों पेड़ों पर कुल्हाड़ा चलाया।
26 दिसंबर को बिलासपुर की एक पंचायती जमीन से खैर के पेडों को काटने का मामला सामने आया, जिसमें खैर तस्करों ने सरपंच को घायल कर दिया।
27 दिसंबर को ताजा मामले में वन दरोगा कमल सैनी ने खैर से भरा कैंटर पकड़ा और वन दरोगा की खैर तस्करों के साथ मुठभेड़ भी हुई।
8 जुलाई को नाग्ग्ल पट्टी से खैर का भरा कैंटर पुलिस विभाग ने पकड़ा।
16 जुलाई को कांसली से खैर का कैंटर निकला, खैर तस्कर वन विभाग की गाड़ी को टक्कर मारकर भागे।
18 जुलाई को मलिकपुर खादर की पंचायती जमीन से खैर तस्करों ने खैर के लगभग आधा दर्जन खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई।
फोटो-21 व 22
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/खिजराबाद। खिजराबाद और छछरौली वन विभाग के क्षेत्र से एक बार फिर खैर तस्करों ने जंगलों और पंचायती जमीनों में खड़े खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ा चलाना शुरू कर दिया। मंगलवार रात खैर तस्करों ने पश्चिमी यमुना नहर किनारे मलिकपुर खादर की पंचायती जमीन से खैर के आधा दर्जन खैर के पेड़ काट लिए। संबंधित विभाग ने सूचना पाकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन वभाग द्वारा खैर चोरी पर अंकुश लगाने के लिए सीआईए की मदद से खैर तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए कई जगह दबिश भी दी जा रही है। साथ ही खैर समेत गाड़ियों को पकड़ा जा चुका है। जबकि कलेसर से वन विभाग द्वारा चार केस खैर तस्करी के दर्ज हैं, जिन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्र से खैर तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही और आए दिन खैर तस्कर कहीं ना कहीं से जंगलों से खैर तस्करी के कारनामे को अंजाम दे रहे हैं। वन विभाग इन पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। हालांकि वन विभाग की ओर से खैर तस्करों पर मामले दर्ज कराए गए हैं। पिछले कुछ महीनों से जंगल से खैर चोरी ओर तस्करी के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। अधिकतर में विभाग के हाथ केवल सबूत ही लगते हैं और कई मामलों में तो खैर तस्करों और वन विभाग के कर्मचारियों की मुठभेड़ तक हो चुकी है और विभाग के कर्मचारी हमले भी सहन कर चुके हैं।
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पकड़े गए खैर तस्करी के मामले
दो दिसंबर को खैर के 12 पेड़ कटे, तस्कर हो गए फरार।
सात दिसंबर को ताजेवाला से पांच क्विंटल खैर की लकड़ी के साथ एक तस्कर काबू।
नौ दिसंबर को जिला वन अधिकारी ने गश्त के दौरान जंगल में घूमती अंजान गाड़ी को काबू में लिया।
11 दिसंबर को ताजेवाला के पास फैजपुर बीट से खैर से भरे दो कैंटर और एक ट्रक को पकड़ा।
13 दिसंबर को खान्नूवाला बीट से खैर तस्करों ने खैर के चार पेड़ काटे।
17 दिसंबर को मलिकपुर बांगर की पंचायती जमीन से खैर तस्करों ने लगभग तीन सौ खैर के पेड काट लिए।
18 दिसंबर को भी कलेसर विश्राम गृह के सामने से खैर तस्करों ने खैर के दर्जनों पेड़ों पर कुल्हाड़ा चलाया।
26 दिसंबर को बिलासपुर की एक पंचायती जमीन से खैर के पेडों को काटने का मामला सामने आया, जिसमें खैर तस्करों ने सरपंच को घायल कर दिया।
27 दिसंबर को ताजा मामले में वन दरोगा कमल सैनी ने खैर से भरा कैंटर पकड़ा और वन दरोगा की खैर तस्करों के साथ मुठभेड़ भी हुई।
8 जुलाई को नाग्ग्ल पट्टी से खैर का भरा कैंटर पुलिस विभाग ने पकड़ा।
16 जुलाई को कांसली से खैर का कैंटर निकला, खैर तस्कर वन विभाग की गाड़ी को टक्कर मारकर भागे।
18 जुलाई को मलिकपुर खादर की पंचायती जमीन से खैर तस्करों ने खैर के लगभग आधा दर्जन खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई।
फोटो-21 व 22