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यमुना नगर

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यमुनानगर: तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज, आरोप- स्टेडियम निर्माण के 15.56 लाख अन्य मद में खर्च किए

हरियाणा के यमुनानगर में शहर पुलिस ने तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत कौर पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक की शिकायत पर की है। तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी पर बिलासपुर के सरकारी स्कूल में स्टेडियम निर्माण के लिए विभाग से मिले 15.56 लाख रुपये की राशि के दुरुपयोग करने का आरोप है। सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के पास आए पत्र के बाद मामले में पुलिस को शिकायत दी गई। 

जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि तत्कालीन शिक्षा अधिकारी जगजीत कौर पर स्टेडियम निर्माण में धोखाधड़ी के आरोपों की जांच सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय पंचकूला को दी गई थी। अब उनके पास सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय से एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत कौर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

पत्र में जांच अधिकारी-कम-सहायक निदेशक सेकेंडरी शिक्षा द्वारा 11 मई 2017 की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। इसमें पाया गया कि तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ने विभाग द्वारा जारी राशि को स्टेडियम के निर्माण में खर्च करने के बजाए खेलकूद सामग्री के कार्य पर खर्च कर दी है।

आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उपरोक्त राशि बिना सक्षम अधिकारी (प्रशासकीय सचिव/वित्त विभाग) की अनुमति के अन्य मद पर खर्च की गई है जो कि वित्तीय नियमों के विरुद्ध है। इसके बाद सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारी को मामले में केस दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही इसकी रिपोर्ट तीन दिन के अंदर निदेशालय को सौंपने की बात कही है। इस शिकायत पर पुलिस ने आरोपी तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत कौर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। शहर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी को जांच में शामिल कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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यमुनानगर: बुजुर्ग दंपती की हत्या कर लूट करने वाले दो दोस्तों को उम्रकैद, 70 हजार का जुर्माना भी लगाया

हरियाणा के यमुनानगर के गोमती नगर में लूट के दौरान बुजुर्ग दंपती की हत्या करने वालों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले की सुनवाई एडीजे नेहा नोहारिया की अदालत में चल रही थी। मामले में कोर्ट ने इंदिरा कॉलोनी निवासी हर्ष उर्फ लक्की और गोमती गली निवासी रजत को इसी सप्ताह मंगलवार को दोषी ठहराया था। गुरुवार को कोर्ट ने दोनों को दोहरी हत्या, लूट सहित अन्य धाराओं में उम्र कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

सरकारी वकील मेनपाल ने बताया कि कोर्ट ने हत्या करने में दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा और 50 हजार का जुर्माना किया है, जबकि धारा 382 में 10 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसके अतिरिक्त धारा 460 में 10 साल की सजा और 10 हजार का जुर्माना किया गया है।

मेनपाल ने बताया कि लगभग नौ माह तक चली सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोनों दोषियों को दोषी करार दिया था, जिस पर गुरुवार को सजा सुनाई गई। उन्होंने बताया कि अलग-अलग धाराओं में हुई सजा साथ-साथ चलेंगी। 

विदित हो कि हर्ष और रजत ने नौ व दस मई की रात को गोमती गली में बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी ऋषिपाल गोयल व उनकी 75 वर्षीय पत्नी स्नेह लता की हत्या करके घर से नकदी सहित करीब 15 तोले सोने के जेवर लूट लिए थे। पुलिस ने इस मामले में 10 मई को धारा 302, 460, 382 और 34 के तहत केस दर्ज किया था। मामले की जांच सीआईए ने की थी और तीन दिन में हर्ष व रजत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 

रात में फोन पर हुई थी बात, सुबह मृत मिले दोनों
हिमाचल प्रदेश के पौंटा निवासी अमित गोयल की शिकायत पर लूट और दोहरे हत्याकांड का केस दर्ज किया गया था। उस दौरान अमित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त उसके पिता ऋषिपाल गोयल और मां स्नेह लता जगाधरी पुरानी सब्जी मंडी गोमती गली में रहते थे। नौ मई 2021 को रात आठ बजे उसकी माता-पिता से फोन पर करीब पौन घंटा बात हुई थी। इस दौरान रात नौ बजे भाई अनमोल के बेटे ध्रुव से भी दोनों की बात हुई।

इस दौरान मां स्नेह लता ने बताया था कि पिता को कई दिन से हल्का बुखार है, इसलिए 10 मई सुबह करीब 11 बजे दोनों का हाल जानने के लिए उन्होंने फोन किया, लेकिन उनका फोन बंद था। कुछ देर बाद दोबारा फोन करने पर भी उनका फोन बंद मिला। इसके बाद उन्होंने सरस्वती कॉलोनी निवासी अपने भतीजे विवेक को उनके घर भेजा। विवेक अपने दोस्त अनुराग के साथ पहुंचा तो बेड पर स्नेहलता और ऋषिपाल मृत पड़े थे। घर से नकदी और लाखों के जेवर गायब थे। उस समय पुलिस ने अज्ञात पर हत्या व लूट का केस दर्ज किया था।

बुजुर्ग दंपती के पड़ोस में रहता था हर्ष, दोस्त के साथ रची थी साजिश
13 मई को सीआईए-1 टीम ने इंदिरा कॉलोनी निवासी हर्ष उर्फ लक्की और गोमती गली निवासी रजत को गिरफ्तार कर लिया। सीआईए-1 राकेश मटोरिया ने बताया कि हर्ष मृतक दंपती के घर के पीछे किराये के मकान में रहता है। यहीं पर उसकी रजत से दोस्ती हुई। उन्हें पता था कि बुजुर्ग दंपती घर पर अकेले रहता है, इसलिए उन्होंने चोरी करने की योजना बनाई।

योजना के तहत नौ मई की रात को दोनों आरोपी रॉड लेकर छत से दंपती के घर में घुसे। जब दोनों चोरी करने लगे तो स्नेहलता जाग गईं। इस दौरान उन्होंने उसकी सिर में रॉड मार दी। स्नेहलता की आवाज सुनकर ऋषिपाल की भी आंख खुल गई। इससे पहले वह बिस्तर से उठ पाते, दोनों ने तकिये से उनका मुंह दबाकर उनकी हत्या कर दी। 
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यमुनानगर: नागल में दो समुदायों में खूनी संघर्ष के बाद थाना प्रभारी और हेड कांस्टेबल सस्पेंड, गांव में तनाव बरकरार

हरियाणा के यमुनानगर के गांव नागल में दो समुदायों के बीच खूनी संघर्ष के बाद एसपी ने रातों रात जठलाना थाना प्रभारी पूर्ण सिंह और हेड कांस्टेबल संदीप को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही मंगलवार सुबह नए थाना प्रभारी ने पदभार संभालते ही नागल गांव का दौरा किया और लोगों से बातचीत की। यही नहीं घटना के बाद तीन अन्य प्रभारियों (यमुनानगर सदर, गांधीनगर, फर्कपुर) सहित एक चौकी इंचार्ज (रामपुरा) को भी तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया है। दूसरी ओर एक पक्ष की शिकायत पर केस दर्ज करने के बाद पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। 

साढ़े तीन माह के अंतराल में नागल गांव में दो समुदायों के बीच दूसरी बार खूनी संघर्ष से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पहले बुलेट पटाखे बजाने को लेकर और फिर डीजे बजाने को लेकर नागल में खूनी संघर्ष के बाद अभी तनाव बरकरार है। पुलिस की ओर दोनों समुदाय के लोगों की शांति कमेटी बनाकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं एक पक्ष की ओर से दी गई शिकायत पर 33 के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले में मंगलवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं, जिनके लिए दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को बुधवार की सुबह कोर्ट में पेश किया जाएगा।

गांव में अभी तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थिति पर नियंत्रण व नजर रखने के लिए डीएसपी रादौर रजत गुलिया को पुलिस बल के साथ गांव में ही तैनात किया गया है। मामले में दूसरे पक्ष की ओर से भी पुलिस को शिकायत दी गई है, जिसकी जांच की जा रही है। 
 
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यमुनानगर: भाजपा के वरिष्ठ नेता हरकोफेड के पूर्व चेयरमैन और बेटे पर 35 लाख ठगी का मुकदमा दर्ज

यमुनानगर में भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक एवं सेवानिवृत्त सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने भाजपा के वरिष्ठ नेता व हरकोफेड (हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव डवलपमेंट फेडरेशन लिमिटेड) के पूर्व चेयरमैन रामेश्वर चौहान और उनके बेटे वरुण चौहान पर 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। कोर्ट के आदेश पर यह मामला दर्ज किया गया है।
 
सेक्टर-17 थाना पुलिस को दी शिकायत में विजय दहिया ने बताया कि जून 2019 में वह यमुनानगर के सिविल सर्जन थे। उस दौरान हरकोफेड के पूर्व चेयरमैन रामेश्वर चौहान का उनसे मिलना जुलना था। एक दिन रामेश्वर चौहान ने उनसे 20 लाख रुपये उधार मांगे। यह राशि चौहान ने दो-चार दिन में वापस करने का आश्वासन दिया।
 
जान पहचान होने के कारण उन्होंने बजाज फाइनेंस से 20 लाख रुपये का लोन लेकर रामेश्वर चौहान के बेटे वरुण चौहान की फर्म केएसके फिलिंग स्टेशन के खाते में जमा करवा दिया। काफी समय बीतने के बाद भी पैसा वापस नहीं मिला, तो आरोपियों से बात की। इस पर उन्होंने प्रहलादपुर स्थित पेट्रोल पंप में पार्टनरशिप करने का लालच दिया।
 
रामेश्वर चौहान ने कहा कि 20 लाख रुपये पार्टनरशिप में एडजस्ट कर देंगे। साथ ही 15 लाख रुपये और मांगें। जिस पर डॉ. दहिया ने उन्हें 11 लाख रुपये खाते में और चार लाख रुपये नकद दिए। आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में वाद दायर किया।
 
मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर वेदपाल का कहना है कि डॉ. विजय दहिया की शिकायत पर रामेश्वर चौहान व उनके बेटे वरूण चौहान पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं आरोपी रामेश्वर चौहान का कहना है कि उन पर लगाए गए ठगी के आरोप बेबुनियाद हैं। उल्टा विजय दहिया पर ही उनके पैसे बकाया है।
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सांकेतिक तस्वीर। सांकेतिक तस्वीर।

यमुनानगर में वारदात: थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज पर दागी गोलियां, झगड़े की सूचना पर पहुंचे थे गांव कलांपुर

हरियाणा के यमुनानगर में दो भाइयों में जमीनी विवाद का झगड़ा निपटाने गांव कलांपुर पहुंचे थाना छप्पर प्रभारी सब इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र व पंचतीर्थी चौकी इंचार्ज एएसआई रामकुमार पर एक व्यक्ति ने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोलियां दाग दीं। थाना प्रभारी की बायीं  टांग व पांव पर दो गोलियां व चौकी इंचार्ज की टांग पर एक गोली लगी।

आरोपी परमिंद्र सिंह ने एक गोली अपने छोटे भाई राजिंद्र पर भी चलाई। गोली घर के गेट पर लगने के बाद राजिंद्र की कनपटी को छूकर निकल गई। इतना ही नहीं परमिंद्र ने अपनी मां हरबंस कौर के सिर में भी रिवाल्वर का बट मारा। जिससे वह घायल हो गईं। सभी घायलों को शहर के गाबा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सूचना पर एसपी कमलदीप गोयल भी मौके पर पहुंचे और घायलों का हाल जाना। पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा डीएसपी सुभाष चंद्र, डीएसपी रजत गुलिया, थाना शहर यमुनानगर प्रभारी सुखबीर सिंह, इंस्पेक्टर राकेश मटोरिया समेत अन्य पुलिसकर्मी अस्पताल में एकत्रित हो गए।

डायल 112 से मिली थी झगड़े की सूचना
बृहस्पतिवार शाम डायल 112 के पास सूचना आई थी कि थाना छप्पर के गांव कलांपुर में दो भाइयों के बीच झगड़ा हो गया है। डायल 112 से इसकी सूचना थाना प्रभारी जगदीश चंद्र व पंचतीर्थी चौकी इंचार्ज रामकुमार को दी गई। दोनों गांव में मौके पर पहुंचे तो वहां परमिंद्र सिंह की अपने छोटे भाई राजिंद्र से बहस हो रही थी। परमिंद्र के हाथ में अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर थी। वह रिवाल्वर तानकर राजिंद्र को धमका रहा था। जगदीश चंद्र व रामकुमार ने परमिंद्र को गोली न चलाने को कहा। 

इस पर आपा खोए परमिंद्र ने उन दोनों पर भी रिवाल्वर तानकर धमकी दी कि यदि वे उसके पास आए तो उन्हें भी गोली मार देगा। डराने के इरादे से परमिंद्र ने पहले हवाई फायर कर दिया और फिर दूसरा फायर उसने अपने भाई की तरफ किया। गोली घर के गेट पर लगने के बाद राजिंद्र की कनपटी को छूकर निकल गई।

इस पर पुलिस कर्मी जगदीश चंद्र व रामकुमार ने जैसे ही आरोपी को पकड़ा तो परमिंद्र ने एक के बाद एक तीन गोलियां चलाईं, जिसमें से दो गोलियां जगदीश चंद्र की बायीं टांग व पांव पर लगी। एक गोली रामकुमार के पांव पर लगी। वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने परमिंद्र सिंह को काबू कर किया। दोनों घायलों को तुरंत गाबा अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है।

जमीन के लिए दोनों भाइयों में विवाद
राजिंद्र सिंह ने बताया कि उसका बड़ा भाई कुरुक्षेत्र में परिवार के साथ अपनी ससुराल में रहता है। उनकी गांव में 18 एकड़ जमीन है। परमिंद्र सिंह के हिस्से की जमीन को उसने गत वर्ष ठेके पर लिया था जो इस साल फसल कटाई पर खत्म हो गया था। इस बार उसने जमीन को ठेके पर नहीं लिया क्योंकि परमिंद्र छोटी-छोटी बातों को लेकर उनसे झगड़ा करता था। वह नहीं चाहता था कि कोई विवाद हो इसलिए वह जमीन ठेके पर नहीं लेना चाहता था, परंतु परमिंद्र सिंह उसे ही जमीन ठेके पर देने की जिद पर अड़ा हुआ था।

इसके लिए वह 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मांग रहा था। इसके लिए परमिंद्र ने कई बार गांव के लोगों को भी उसके पास भेजा था, लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया था। राजिंद्र ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम परमिंद्र गांव में आया और झगड़ा करने लगा। परमिंद्र ने पहले उस पर ईंट से वार किया था। मां हरबंस कौर उसे समझाने आई तो परमिंद्र ने रिवाल्वर का बट उसके सिर में मार दिया। झगड़े के दौरान ही किसी ने डायल 112 को फोन कर दिया।

पुलिसकर्मियों ने दिखाई बहादुरी: एसपी 
एसपी कमलदीप गोयल ने बताया कि थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी झगड़े की सूचना पर गांव कलांपुर में गए थे। जब आरोपी परमिंद्र ने रिवाल्वर तान रखी थी तो दोनों पुलिसकर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए उसे पकड़ा। जिस पर आरोपी ने गोलियां चला दी। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया है। वह खतरे से बाहर हैं।
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यमुनानगर: भ्रष्टाचार के मामले में दो एएसआई और दो हेड कांस्टेबल समेत पांच पर केस दर्ज, अफीम बेचने के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर की वसूली

एनडीपीएस एक्ट के तहत झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर वसूली करने के मामले में हरियाणा के यमुनानगर जिले के साढौरा थाने के चार पुलिसकर्मियों और एक बिचौलिये पर केस दर्ज किया गया है। इसमें दो एएसआई और दो हेड कांस्टेबल शामिल हैं। आरोप है कि बिचौलिये के माध्यम से ही पुलिसकर्मी पैसे लेते थे। मामला तब उजागर हुआ जब एक व्यक्ति ने इसकी शिकायत डीआईजी को सौंपी, जिसके बाद डीएसपी को जांच के निर्देश दिए गए। प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए जाने पर मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि जिस थाने में आरोपी पुलिसकर्मी तैनात हैं, वहीं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
 
डीआईजी को दी गई शिकायत में कपूरीवासी रमन ने बताया कि 29 अप्रैल को शामपुर के गौरव को एएसआई राजेश ने 98.33 ग्राम अफीम सहित गिरफ्तार किया था। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। इसकी जांच एएसआई दौलत द्वारा की जा रही थी। रमन ने बताया कि 30 अप्रैल की शाम वह अपनी बाइक रिपेयर की दुकान पर काम कर रहा था।
 
तभी पुलिस की जीप में एएसआई दौलत, एचसी लाभ सिंह और एचसी जसजीत उसकी दुकान पर पहुंचे। उनके साथ एनडीपीएस एक्ट में धरा गया आरोपी गौरव उर्फ गट्टू भी था। रमन के अनुसार गौरव से उसकी तीन साल पुरानी जान पहचान है, क्योंकि गौरव पहले रुचिरा पेपर मिल कालाआंब हिमाचल प्रदेश में नौकरी करता था। इस दौरान वह रमन की दुकान पर बाइक खड़ी करता था। इसी आधार पर पुलिसकर्मी रमन को जीप में बैठाकर थाने ले गए। आरोप है कि थाने ले जाकर रमन को अफीम के केस में फंसाने के लिए धमकाया गया।
 
इस बारे में जब रमन के भाई रज्जी को पता चला तो वह मोहड़ी के संदीप और शामपुर के कृष्ण को लेकर थाने पहुंचा। इसके बाद बिचौलिये कृष्ण ने पुलिस कर्मचारियों से बात करके रमन को छोड़ने के एवज में 40 हजार रुपये की मांग की। फिर 30 हजार रुपये लेकर छोड़ने पर सहमति बनी। बातचीत के बाद संदीप ने 30 हजार रुपये लाकर कृष्ण को दिए, जिसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने रमन को छोड़ दिया।
 
शिकायतकर्ता रमन के अनुसार बाद में उसे पता चला कि इन्हीं पुलिस कर्मचारियों ने अफीम के केस में फंसाने की धमकी देकर राजन से 80 हजार, सौंटी से दो लाख और बबल से 25 हजार रुपये ऐंठे हैं। इसके अलावा विक्रम भोगपुर से पांच लाख रुपये की मांग की जा रही है।
 
पुलिस कर्मचारियों द्वारा इस तरह नाजायज वसूली की शिकायत डीआईजी अंबाला को सौंपी गई। डीआईजी के निर्देश पर रादौर के डीएसपी रजत गुलिया ने मामले की जांच की, जिसके बाद साढौरा थाने में कार्यरत दो एएसआई दौलत और राजेश तथा दो हेड कांस्टेबल लाभ सिंह व जसजीत के अलावा बिचौलिये कृष्ण निवासी शामपुर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
 
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यमुनानगर: अवैध रूप से आयुष्मान कार्ड बनाने के आरोप में तीन महिलाएं पकड़ीं, लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर व मोबाइल जब्त

सांकेतिक तस्वीर।
हरियाणा के यमुनानगर में कैंप के परशुराम भवन मेें अवैध रूप से लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के आरोप में वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन महिलाओं को पकड़ा। विभाग ने महिलाओं से आधार कार्ड बनाने के आदेशों संबंधी दस्तावेज मांगे लेकिन वह कोई ऐसा कागज नहीं दिखा सकीं कि सरकार की तरफ से ही उनकी ड्यूटी आयुष्मान कार्ड बनाने में लगाई गई है।
 
इस पर टीम ने गांधी नगर पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस महिलाओं के लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर, लोगों द्वारा किए गए आवेदन पत्रों को कब्जे में ले लिया। इस दौरान परशुराम भवन में काफी संख्या में लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। डॉक्टरों की टीम की शिकायत पर गांधी नगर पुलिस ने कार्रवाई आरंभ कर दी है। 

आयुष्मान कार्ड योजना के नोडल ऑफिसर डॉ. अश्वनी ने बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय में एक शिकायत आई थी कि शहर में कैंप के परशुराम भवन में लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि अभी लोगों के कार्ड नहीं बनाए जा रहे।

इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह ने जांच के आदेश दिए। आदेशों पर डॉ. अश्वनी ने सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के मैनेजर नवीन दत्ता से पूछा कि कहीं उनके द्वारा तो कार्ड नहीं बनाए जा रहे। मैनेजर ने इस तरह के कार्ड बनाने से साफ इनकार कर दिया।

फर्जी आवेदक को मौके पर भेजा
डॉ. अश्वनी, मैनेजर नवीन दत्ता व डॉ. विपिन की टीम ने एक व्यक्ति को आयुष्मान का फर्जी आवेदन करने के लिए परशुराम भवन में भेजा। भवन में तीन महिला कर्मचारी थी, जिन्होंने व्यक्ति से आधार कार्ड, फोन नंबर व फैमिली आईडी मांगी। जैसे ही आवेदन की कार्रवाई पूरी हुई तो टीम ने छापा मार दिया। टीम ने महिलाओं से पूछताछ की तो वह कहने लगी कि उन्हें पंचकूला की एक कंपनी ने आधार कार्ड बनाने को कहा है। टीम ने कंपनी की तरफ से जारी किए गए दस्तावेज मांगे परंतु वह कुछ नहीं दिखा सकी। वहां पर काफी लोगों द्वारा किए गए आवेदन पत्र भी मिलेे। टीम ने गांधी नगर पुलिस को मौके पर बुला लिया। मौके से लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर, मोबाइल व अन्य दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया गया। 

सिविल सर्जन व सीएससी ही बना सकते हैं कार्ड
मैनेजर नवीन दत्ता ने बताया कि आयुष्मान कार्ड सिविल सर्जन कार्यालय या फिर कॉमन सर्विस सेंटर से ही बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा कोई भी आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। यदि कहीं बन रहे हैं तो लोग इसकी शिकायत कर सकते हैं।

कार्रवाई की जा रही है : भूपेंद्र राणा
थाना गांधी नगर प्रभारी भूपेंद्र राणा ने बताया कि डॉक्टरों की तरफ से तीनों महिलाओं के खिलाफ शिकायत मिल गई है। मामले में कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल यह पता लगा है कि महिलाएं आयुष्मान कार्ड बनाने की एवज में किसी से रुपये नहीं ले रही थी। मामले की जांच की जा रही है।
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यमुनानगर: सरेआम युवक की पिटाई का वीडियो वायरल, दर्जनभर युवकों ने ट्रक ड्राइवर को बुरी तरह से पीटा

हरियाणा के यमुनानगर में संत थॉमस स्कूल जगाधरी में शराब ठेकेदार की सरेआम की गई पिटाई के वीडियो को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि रविवार को युवक की पिटाई के एक के बाद एक कई वीडियो वायरल हो गए। वीडियो खंड साढौरा के गांव सुल्तानपुर का है। वीडियो में दिख रहा है कि कुछ युवक लोहे के पाइप और अन्य हथियारों से युवक को पहले दुकान के अंदर और फिर बाहर नाली में गिरा कर बेरहमी से पीट रहे हैं।

यह वीडियो ठीक उस वक्त वायरल हुआ जब जिला पुलिस जिला मुख्यालय से लोगों को सुरक्षा का एहसास दिलाने के लिए फ्लैग मार्च निकाल रही थी। घायल युवक को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल साढौरा ले जाया गया। इसके बाद थाना साढौरा पुलिस भी मौके पर पहुंची। 

वायरल वीडियों में जो युवक पिट रहा है वह सुलतानपुर का 25 वर्षीय कमलजीत है। पेशे से ट्रक ड्राइवर है। वह घर से फोन सुनते हुए बाजार की तरफ आया था। इसी दौरान दो कारों में दर्जनभर युवक आए और उसे पकड़ कर पीटने लगे। हमलावरों के पास लोहे के पाइप, तलवार व अन्य हथियार थे।

आरोपी  कमलजीत को पहले करियाना दुकान के अंदर पीटते हैं। इससे वह लहूलुहान हो जाता है। मुंह के दांत टूटने से उसके मुंह से भी खून बह रहा है। इसके बाद वह उसे घसीटते हुए बाहर ले जाते हैं। जिसके बाद उसे नाले में गिरा कर भी पीटा जाता है। कमलजीत हाथ जोड़ कर उसे छोड़ने की अपील भी करता है, बदमाशों पर इसका कोई असर नहीं होता। कमलजीत की बाजू व टांगों को तोड़ दिया। उसकी पिटाई इतनी बेरहमी से की गई कि वह बयान देने की स्थिति में भी नहीं है।

वीडियो में जो युवक मारपीट कर रहे हैं उनमें से दो युवक साढौरा के ही दो गांवों से हैं। मामला पुरानी रंजिश का बताया जा रहा है। मारपीट का वीडियो वायरल करने वाले भी हमलावर ही हैं। जिस तरह से वीडियो इतनी नजदीक से बनाया गया है वह हमलावरों में से ही कोई एक है। लोगों में दहशत फैलाने के लिए वीडियो को वायरल कर दिया गया।

मामले की जांच कर रहे थाना साढौरा के एएसआइ मुकेश कुमार ने बताया कि मारपीट की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। फिलहाल घायल कमलजीत बयान देने की स्थिति में नहीं है। वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है। 

एसपी ने सुरक्षा को लेकर ली थी थाना प्रभारियों की बैठक
जिले के एसपी कमलदीप गोयल काफी दिनों से ट्रेनिंग पर हैं। उनकी जगह अंबाला के एसपी सुरेंद्र पाल सिंह को जिले के एसपी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। शनिवार को ही एसपी ने लघु सचिवालय में सभी डीएसपी व थाना प्रभारियों की बैठक लेते हुए गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए थे। परंतु जिस तरह से जिले में कुछ दिनों से अपराधिक वारदातें बढ़ी है उससे लगता है कि बदमाशों में कानून का कोई डर नहीं रह गया।
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यमुनानगर: कांग्रेसी नेता राजेंद्र वाल्मीकि के बेटे जानू की गोली मारकर हत्या, तीन दोस्त गंभीर, परिजनों ने लगाया जाम

हरियाणा के यमुनानगर में कांग्रेसी नेता राजेंद्र वाल्मीकि के बेटे जानू की शुक्रवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। बदमाशों की ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग में जानू के तीन दोस्त भी जख्मी हो गए। वारदात उस समय हुई जब जानू अपने दोस्तों के साथ जगाधरी स्थित पैलेस में आयोजित शादी समारोह में गया था और वहां से लौटने के लिए कार में सवार हो रहा था। तभी पहले से घात लगाए 15-20 युवकों ने फायरिंग शुरू कर दी।

इस दौरान पीठ और सिर में गोली लगने से जानू की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से 10 खोल और एक भरी मैग्जीन बरामद की है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद सहित 15-20 अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

वहीं जानू की मौत से आक्रोशित परिजनों ने शनिवार सुबह शहर के भगत सिंह चौक पर जाम लगा दिया और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। डीएसपी आशीष चौधरी और डीएसपी रादौर रजत गुलिया ने परिजनों को समझाकर शांत किया। साथ ही शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया। 



पुलिस को दी शिकायत में विश्वकर्मा मोहल्ला निवासी मोहित शर्मा ने बताया कि 15 अप्रैल को वह अपनी बहन की शादी में लुधियाना से आया था। इसके बाद रात को अपने दोस्त चूना भट्टी निवासी जानू वाल्मीकि (35), लुधियाना निवासी अनमोल और सिटी सेंटर के पास स्थित श्रीराम कुंज बिहारी मंदिर निवासी रजत के साथ दोस्त रौनक कालड़ा की शादी में जगाधरी स्थित विंटेज ग्रिल पैलेस गए थे।

समारोह में शामिल होने के बाद रात करीब पौने एक बजे पैलेस से बाहर निकलकर अपनी कार में बैठने लगे। तभी घात लगाए 15 से 20 युवकों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। हमला करने में भाटिया नगर निवासी मनोज उर्फ शैंटी, सुढैल निवासी सचिन पंडित, गांव उन्हेड़ी निवासी सुमित समेत अन्य शामिल थे।
 
आरोप है कि हमलावरों ने जानू को जातिसूचक शब्द कहते हुए कहा कि पिछली बार बच गया था, इस बार नहीं छोड़ेंगे। आरोपियों ने जानू के सिर व पीठ पर गोलियां मारी, जिससे वह वहीं पर गिरकर बेहोश हो गया। गिरने के बाद भी आरोपियों ने उसके सिर में फायर किया। इस दौरान बीच बचाव में आगे आए उसके दोस्त रजत कौशल और अनमोल पर भी फायरिंग की और आरोपी फरार हो गए।

गोलियों की आवाज सुनकर शादी समारोह में आए लोगों ने उन चारों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने जानू को मृत घोषित किया। वहीं, मोहित, अनमोल और रजत का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। हत्या से आक्रोशित जानू के परिजनों और अन्य लोगों ने शनिवार की सुबह भगत सिंह चौक पर जाम लगा दिया।

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। डीएसपी आशीष चौधरी का कहना है कि मामले में तीन युवकों को नामजद करते हुए 15-20 अन्य पर हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में छापामारी की जा रही है। विदित हो कि आरोपियों ने 30 दिसंबर 2021 को भी जानू पर फायरिंग कर जानलेवा हमला किया था, लेकिन वह बाल-बाल बच गया था। 
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कांग्रेस नेता के बेटे की हत्या का मामला: चार माह पहले गोली लगने के बाद बच गया था जानू, इस बार ली जान

हरियाणा के यमुनानगर में चार माह पहले भी जानू पर जानलेवा हमला हुआ था, लेकिन गोली लगने के बाद भी उसकी जान बच गई थी। इसके बाद उसे पुलिस सुरक्षा भी दी गई, लेकिन इस बार हत्यारोपियों ने फुल प्रूफ प्लान बनाया था। यही कारण है कि वारदात को उस समय अंजाम दिया गया जब सुरक्षाकर्मी उसके साथ नहीं था। यही नहीं गोली लगने के बाद बदमाशों ने पास जाकर जानू के सिर में गोली मारी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। 
 
मृतक जानू वाल्मीकि के पिता राजेंद्र वाल्मीकि कांग्रेसी के पूर्व पार्षद और अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के महासचिव हैं, जबकि जानू फाइनेंस का काम करता था। बताया जा रहा है कि जानू के परिवार से हत्यारोपी मनोज उर्फ शैंटी, सचिन पंडित और सुमित राणा का विवाद तीन साल पुराना है। दरअसल 10 मार्च 2020 को होली के दिन सिटी सेंटर के सामने जानू के बड़े भाई रमन वाल्मीकि और उसके साथियों के साथ मनोज उर्फ शैंटी, सचिन पंडित, सुमित राणा व अन्य का झगड़ा हो गया था।
 
झगड़े में इनके दोस्त पीयूष को गोली लगी थी, जबकि सचिन पंडित भी बुरी तरह घायल हो गया था। तब पुलिस ने रमन वाल्मीकि समेत अन्य पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था। इसके बाद रमन वाल्मीकि ने आत्म समर्पण किया था। आत्म समर्पण करने के तीन दिन बाद  25 अप्रैल 2020 को रमन वाल्मीकि की जिला जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। तब भी परिजनों ने शहर में जाम लगाया था।
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यमुनानगर: रिश्वत मांगने का आरोपी आपूर्ति निरीक्षक रजनीकांत गिरफ्तार, 20 हजार रुपये मांगने का आरोप

हरियाणा के यमुनानगर में विजिलेंस की टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक रजनीकांत को गिरफ्तार किया है। निरीक्षक पर आरोप है कि वह कॉन्फेड विभाग में पीडीएस स्कीम के तहत डिपो पर राशन भिजवाने का ठेका लेने वाली सुरेश एंड कंपनी के बिल पास करने की एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था।

ठेकेदार प्रवीण कुमार ने इस संबंध में विजिलेंस को आरोपी से हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और शिकायत दी थी। जिसके बाद पुलिस ने निरीक्षक पर केस दर्ज कर काबू किया गया। आरोपी को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

विजिलेंस निरीक्षक मनदीप सिंह ने बताया कि आठ अप्रैल को पानीपत के गांव नौल्था निवासी प्रवीण कुमार ने आरोपी निरीक्षक रजनीकांत के खिलाफ शिकायत दी थी। इस दौरान उसने आरोपी के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सौंपी। जिसमें आरोपी 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत में प्रवीण कुमार ने बताया था कि उसकी सुरेश कुमार एंड कंपनी के नाम से फर्म है। यह फर्म ट्रांसपोर्ट से संबंधित सरकारी ठेके लेती है।
 
फर्म ने वर्ष 2021-22 का कॉन्फेड विभाग में पीडीएस स्कीम के तहत डिपो पर राशन भिजवाने का ठेका लिया हुआ है। कंपनी के बिल पास करने के लिए हर माह वह खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक रजनीकांत को 10 हजार रुपये की रिश्वत देता था। मार्च माह का सात लाख 29 हजार रुपये का बिल पेंडिंग पड़ा हुआ था।

इसे पास कराने के नाम पर रजनीकांत 20 हजार की मांग कर रहा था। आरोपी के रिश्वत मांगने की बातचीत की फोन कॉल उसने रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद उसने मामले की शिकायत स्टेट विजिलेंस पंचकूला को दी गई थी। इस शिकायत पर विजिलेंस पंचकूला ने आरोपी निरीक्षक रजनीकांत के खिलाफ मामला दर्ज किया। विजिलेंस पंचकूला से निर्देश मिलने के बाद स्थानीय विजिलेंस की टीम ने आरोपी रजनीकांत को गिरफ्तार किया है। 
 
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डबल मर्डर: यमुनानगर में दंपती की डंडे से पीट पीटकर हत्या, ट्यूबवेल की छत पर खून से लथपथ मिले शव

हरियाणा के यमुनानगर जिले के साढौरा क्षेत्र में साढौरा नदी पार स्थित खेत में बने ट्यूबवेल के कमरे की छत पर दंपती की लाठी और डंडों से पीट पीटकर हत्या कर दी गई। दंपती 20 दिन पहले ही बिहार के सीतामढ़ी जिले से मजदूरी करने के लिए आए थे। शनिवार को जब किसान अपने ट्यूबवेल पर आया तो उसे कमरे की छत पर दंपती के शव खून से लथपथ मिले।

डबल मर्डर होने की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर उप पुलिस अधीक्षक आशीष चौधरी ने सीआईए वन, सीआईए टू, सीन ऑफ क्राइम व डॉग स्क्वॉयड की टीमों के साथ मौके पर छानबीन की। आशंका जताई जा रही कि दंपती के साथ आए एक युवक ने ही वारदात को अंजाम दिया है। शक के आधार पर आरोपी युवक को नामजद करते हुए पुलिस ने अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। 

साढौरा की नई टोली कॉलोनी निवासी रामेश्वर दास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह वन विभाग से सेवानिवृत्त है और खेतीबाड़ी करता है। साढौरा नदी पार उसके खेत हैं, जहां सिंचाई के लिए उसने ट्यूबवेल लगाया है। ट्यूबवेल पर ही एक कमरा बनाया हुआ है। करीब 20-25 दिन पहले बिहार के सीतामढ़ी जिले के गांव वलीपुर निवासी सुरेंद्र कुमार अपनी पत्नी रानी के साथ यहां मेहनत मजदूरी करने के लिए आया था।

दंपती उसके ट्यूबवेल पर बने कमरे में ही रहता था और आसपास के जमींदारों के यहां मजदूरी करता था। रामेश्वर ने बताया कि शनिवार की सुबह करीब दस बजे वह खेत में गया तो ट्यूबवेल के कमरे के बाहर महिला के जूते मिले। वहीं, कमरे के ऊपर जाने वाली सीढ़ियों पर दरी लटकी हुई थी।

उसने सुरेंद्र व रानी को आवाज दी, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद छत पर चढ़कर देखा तो वहां सुरेंद्र व उसकी पत्नी रानी के शव खून से लथपथ पड़े थे। उनके मुंह व सिर पर चोटों के निशान थे। पास में ही डंडा पड़ा हुआ था। 

रामेश्वर दास ने बताया कि शुक्रवार को बिहार के सीतामढ़ी जिले के गांव मुराहा निवासी हरजिंद्र सिंह दंपती के पास आया था। हरजिंद्र को आसपास के जमींदारों ने भी देखा था। आरोप है कि हरजिंद्र ने किसी रंजिश में अपने साथियों के साथ मिलकर दंपती की लाठी व डंडों से बेरहमी से पीटकर हत्या की है। उप पुलिस अधीक्षक आशीष चौधरी का कहना है कि मामले में आरोपी हरजिंद्र सिंह को नामजद करते हुए अन्य पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
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