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नशा तस्कर को चार साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
Updated Tue, 11 Aug 2015 12:14 AM IST
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नशीले पदार्थ के तस्कर गांव ताहरपुर थाना बिलासपुर निवासी राजबीर को कोर्ट ने चार साल कैद तथा 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की कोर्ट ने सुनाया है।
कोर्ट में करीब आठ महीने तक चली सुनवाई के दौरान नौ लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की कोर्ट राजबीर को दोषी करार देते हुए उपरोक्त सजा सुना दी।
यह था मामला : पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 2 अक्तूबर, 2014 को डिटेक्टिव स्टाफ का एएसआई श्याम लाल पुलिस टीम के साथ मुगलवाली बस अड्डे के पास गश्त कर रहा था। उन्हें सूचना मिली थी कि गांव ताहरपुर निवासी राजबीर चूरा डोडा पोस्त (नशीला पदार्थ) बेचने का काम करता है।
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जो स्कूटर पर नशीला पदार्थ लेकर हिमाचल प्रदेश की ओर से बिलासपुर आ रहा है। वह रणजीतपुर सोम नदी के पुल से होता हुआ बिलासपुर के क्षेत्र में प्रवेश करेगा। इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी गई तथा सोम नदी पुलिस पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। शाम के समय पुलिस को एक स्कूटर हिमाचल प्रदेश की ओर से आता दिखाई दिया।
स्कूटर चालक के पांव में सफेद रंग का एक कट्टा सामान से भरा हुआ रखा था। पुलिस ने स्कूटर को रोककर जब उसकी तलाशी ली तो कट्टे में भारी मात्रा में चूरा पोस्त मिला। तत्कालीन डीएसपी राजेश कुमार ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। डीएसपी की मौजूदगी में कट्टे का वजन करवाया गया, जो 25 किलो 230 ग्राम पाया गया।
साथ ही नशीले पदार्थ के सैंपल तैयार कर उन्हें जांच के लिए विभाग की लैब में भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी राजबीर को काबू कर उसके खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू हो गई।
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कोर्ट में करीब आठ महीने तक चली सुनवाई के दौरान नौ लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की कोर्ट राजबीर को दोषी करार देते हुए उपरोक्त सजा सुना दी।
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यह था मामला : पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 2 अक्तूबर, 2014 को डिटेक्टिव स्टाफ का एएसआई श्याम लाल पुलिस टीम के साथ मुगलवाली बस अड्डे के पास गश्त कर रहा था। उन्हें सूचना मिली थी कि गांव ताहरपुर निवासी राजबीर चूरा डोडा पोस्त (नशीला पदार्थ) बेचने का काम करता है।
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जो स्कूटर पर नशीला पदार्थ लेकर हिमाचल प्रदेश की ओर से बिलासपुर आ रहा है। वह रणजीतपुर सोम नदी के पुल से होता हुआ बिलासपुर के क्षेत्र में प्रवेश करेगा। इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी गई तथा सोम नदी पुलिस पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। शाम के समय पुलिस को एक स्कूटर हिमाचल प्रदेश की ओर से आता दिखाई दिया।
स्कूटर चालक के पांव में सफेद रंग का एक कट्टा सामान से भरा हुआ रखा था। पुलिस ने स्कूटर को रोककर जब उसकी तलाशी ली तो कट्टे में भारी मात्रा में चूरा पोस्त मिला। तत्कालीन डीएसपी राजेश कुमार ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। डीएसपी की मौजूदगी में कट्टे का वजन करवाया गया, जो 25 किलो 230 ग्राम पाया गया।
साथ ही नशीले पदार्थ के सैंपल तैयार कर उन्हें जांच के लिए विभाग की लैब में भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी राजबीर को काबू कर उसके खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू हो गई।