{"_id":"69d6cd5c0e21abb9ab01b484","slug":"controversy-escalates-in-ghespur-over-demolition-of-temple-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-154087-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: मंदिर तोड़े जाने पर घेसपुर में बढ़ा विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: मंदिर तोड़े जाने पर घेसपुर में बढ़ा विवाद
Thu, 09 Apr 2026 03:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 09 Apr 2026 03:19 AM IST
विज्ञापन
यमुनानगर। रादौर क्षेत्र के गांव घेसपुर में रविदास मंदिर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने सरपंच और मंदिर कमेटी प्रधान पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उपायुक्त को शिकायत सौंपी है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी सहमति के मंदिर को तोड़ा गया, जिससे पूरे गांव की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
उपायुक्त को दी शिकायत में सूरजभान, विनोद कुमार, कुलदीप ने बताया कि गांव में रविदास मंदिर का निर्माण किया गया था। आरोप है कि कुछ समय पहले सरपंच और उनके बेटे जो मंदिर कमेटी के प्रधान भी हैं, ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मंदिर को तुड़वा दिया। इस निर्णय में गांव के लोगों से कोई राय या सहमति नहीं ली गई। जब उन्होंने विरोध जताया तो कथित रूप से सरपंच पक्ष ने कहा कि वे अपने पद के अधिकार से कोई भी निर्णय ले सकते हैं और उन्हें किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं सरपंच कृष्णा देवी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मंदिर को गिराया नहीं बल्कि नवनिर्माण के लिए हटाया गया था। कई बार निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ लोग जानबूझ कर काम रुकवा देते हैं। शिकायतकर्ता बार-बार शिकायत करके बेवजह विवाद बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
उपायुक्त को दी शिकायत में सूरजभान, विनोद कुमार, कुलदीप ने बताया कि गांव में रविदास मंदिर का निर्माण किया गया था। आरोप है कि कुछ समय पहले सरपंच और उनके बेटे जो मंदिर कमेटी के प्रधान भी हैं, ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मंदिर को तुड़वा दिया। इस निर्णय में गांव के लोगों से कोई राय या सहमति नहीं ली गई। जब उन्होंने विरोध जताया तो कथित रूप से सरपंच पक्ष ने कहा कि वे अपने पद के अधिकार से कोई भी निर्णय ले सकते हैं और उन्हें किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं सरपंच कृष्णा देवी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मंदिर को गिराया नहीं बल्कि नवनिर्माण के लिए हटाया गया था। कई बार निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ लोग जानबूझ कर काम रुकवा देते हैं। शिकायतकर्ता बार-बार शिकायत करके बेवजह विवाद बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। संवाद
विज्ञापन