फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Consumer Commission orders bank to refund Rs 19,999

Yamuna Nagar News: उपभोक्ता आयोग ने बैंक को 19,999 रुपये लौटाने के दिए आदेश

Thu, 26 Mar 2026 02:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 26 Mar 2026 02:53 AM IST
विज्ञापन
Consumer Commission orders bank to refund Rs 19,999
यमुनानगर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ऑनलाइन फ्रॉड के एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को उपभोक्ता को 19,999 रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही आयोग ने बैंक को 5,500 रुपये मानसिक उत्पीड़न व वाद खर्च के रूप में भी अदा करने के निर्देश दिए हैं। यदि बैंक 45 दिन के भीतर भुगतान नहीं करता है तो इस राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता जसमेर सिंह, निवासी गांव पाबनी खुर्द, ने आयोग में दायर याचिका में बताया कि उसका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, जगाधरी शाखा में है। 22 सितंबर 2022 को उसके खाते से 10,000 रुपये और अगले दिन 23 सितंबर को 9,999 रुपये ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से निकल गए। शिकायतकर्ता का कहना था कि उसने किसी को भी अपना एटीएम या बैंकिंग डिटेल साझा नहीं की थी। जैसे ही उसे पैसे निकलने की सूचना मिली, उसने तुरंत कस्टमर केयर और साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक को भी अवगत कराया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
विज्ञापन

मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि बैंक ने एनपीसीआई पोर्टल पर चार्जबैक प्रक्रिया शुरू तो की, लेकिन उसके परिणाम और आगे की कार्रवाई का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड पेश नहीं किया। आयोग ने पाया कि बैंक यह साबित नहीं कर सका कि उसने उपभोक्ता की शिकायत का समय पर और प्रभावी समाधान किया। आयोग ने कहा कि एनपीसीआई की गाइडलाइन के अनुसार चार्जबैक के बाद उचित कार्रवाई जरूरी होती है, लेकिन इस मामले में बैंक की ओर से गंभीर लापरवाही बरती गई। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

आयोग ने माना सेवा में कमी, मुआवजा देने के आदेश
आयोग के अध्यक्ष राजबीर सिंह और सदस्यों की पीठ ने स्पष्ट किया कि बैंक की ओर से उपभोक्ता की शिकायत का निस्तारण न करना और राशि वापस न करना सेवा में कमी की श्रेणी में आता है। आयोग ने आदेश दिया कि बैंक शिकायतकर्ता को 19,999 रुपये की पूरी राशि लौटाए। साथ ही 5,500 रुपये मानसिक पीड़ा और मुकदमे के खर्च के रूप में अदा करे। आदेश में यह भी कहा गया कि यदि 45 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो शिकायत दायर करने की तारीख से लेकर भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed