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Yamuna Nagar News: 10 जिलों के सरकारी अस्पतालों में अब ठेके पर होगी सफाई
Sat, 29 Nov 2025 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 29 Nov 2025 12:43 AM IST
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यमुनानगर। प्रदेश में 10 जिलों के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सफाई का कार्य ठेके पर देने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि प्रोफेशनल एजेंसियों के माध्यम से सफाई होने से अस्पतालों की हालत में एक बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और मरीजों को बेहतर माहौल उपलब्ध होगा। इसके लिए मुख्यालय से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले माह के पहले या दूसरे सप्ताह में सफाई का टेंडर लगने की संभावना है।
फिलहाल जिला नागरिक अस्पतालों में सफाई का काम हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएनएल) के तहत लगे कर्मचारियों के जरिए कराया जा रहा है। हालांकि कई स्थानों पर कर्मचारियों की कमी, अनियमित कार्यशैली और निगरानी की ढीली व्यवस्था के चलते सफाई कार्य अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है। स्थिति यह है कि कई सरकारी अस्पतालों में दिनभर कूड़ा बिखरा रहता है और फर्श भी नियमित रूप से साफ नहीं हो पाता। यही वजह है कि मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध नहीं हो पा रहा। पंचकूला, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, रोहतक, भिवानी, फरीदाबाद, सोनीपत, हिसार के जिला अस्पताल बड़े हैं। जहां पर स्थानीय कर्मचारियों से सफाई व्यवस्था संभल नहीं पा रही। इसलिए मुख्यालय से यहां सफाई कार्य प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया है।
यमुनानगर में इसलिए हो रही दिक्कत
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में सफाई कर्मचारियों के करीब 47 पद हैं। परंतु इनमें से 17 से 20 कर्मचारी ही सफाई कार्य रहे हैं। बाकी कर्मचारी सफाई को छोड़ कर दूसरे कार्यों में लगाए हुए हैं। कोई डाटा एंट्री का कार्य कर रहा है तो कोई अधिकारियों को पानी पिलाने के अलावा उनकी गाड़ियां चला रहा है। वहीं दर्जनभर कर्मचारी ऐसे हैं जो नेताओं के संरक्षण में हैं, जो दिनभर काम के नाम पर खानापूर्ति करते हैं और सारा दिन यहां-वहां बैठ कर टाइम पास कर रहे हैं। जैसे ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन्हें काम करने को कहते हैं तो तुरंत उनके पास नेताओं के फोन आने शुरू हो जाते हैं। ठेका प्रणाली से एक तो स्वच्छता का स्तर बढ़ेगा और दूसरी ओर कार्य में जवाबदेही तय होगी। यदि कंपनी तय मानकों के अनुसार सफाई नहीं करती है, तो उसके खिलाफ अनुबंध के अनुसार सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
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प्रदेश के यमुनानगर समेत 10 जिलों में स्वास्थ्य विभाग जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एजेंसियों का चयन करने जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पतालों में स्वच्छता से जुड़े हालात में उल्लेखनीय बदलाव आएगा, जिससे मरीजों और स्टाफ दोनों को राहत मिलेगी। जल्द ही मुख्यालय से इसे लेकर टेंडर लगाया जाना है।
- डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।
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फिलहाल जिला नागरिक अस्पतालों में सफाई का काम हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएनएल) के तहत लगे कर्मचारियों के जरिए कराया जा रहा है। हालांकि कई स्थानों पर कर्मचारियों की कमी, अनियमित कार्यशैली और निगरानी की ढीली व्यवस्था के चलते सफाई कार्य अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है। स्थिति यह है कि कई सरकारी अस्पतालों में दिनभर कूड़ा बिखरा रहता है और फर्श भी नियमित रूप से साफ नहीं हो पाता। यही वजह है कि मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध नहीं हो पा रहा। पंचकूला, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, रोहतक, भिवानी, फरीदाबाद, सोनीपत, हिसार के जिला अस्पताल बड़े हैं। जहां पर स्थानीय कर्मचारियों से सफाई व्यवस्था संभल नहीं पा रही। इसलिए मुख्यालय से यहां सफाई कार्य प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया है।
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यमुनानगर में इसलिए हो रही दिक्कत
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में सफाई कर्मचारियों के करीब 47 पद हैं। परंतु इनमें से 17 से 20 कर्मचारी ही सफाई कार्य रहे हैं। बाकी कर्मचारी सफाई को छोड़ कर दूसरे कार्यों में लगाए हुए हैं। कोई डाटा एंट्री का कार्य कर रहा है तो कोई अधिकारियों को पानी पिलाने के अलावा उनकी गाड़ियां चला रहा है। वहीं दर्जनभर कर्मचारी ऐसे हैं जो नेताओं के संरक्षण में हैं, जो दिनभर काम के नाम पर खानापूर्ति करते हैं और सारा दिन यहां-वहां बैठ कर टाइम पास कर रहे हैं। जैसे ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन्हें काम करने को कहते हैं तो तुरंत उनके पास नेताओं के फोन आने शुरू हो जाते हैं। ठेका प्रणाली से एक तो स्वच्छता का स्तर बढ़ेगा और दूसरी ओर कार्य में जवाबदेही तय होगी। यदि कंपनी तय मानकों के अनुसार सफाई नहीं करती है, तो उसके खिलाफ अनुबंध के अनुसार सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
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प्रदेश के यमुनानगर समेत 10 जिलों में स्वास्थ्य विभाग जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एजेंसियों का चयन करने जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पतालों में स्वच्छता से जुड़े हालात में उल्लेखनीय बदलाव आएगा, जिससे मरीजों और स्टाफ दोनों को राहत मिलेगी। जल्द ही मुख्यालय से इसे लेकर टेंडर लगाया जाना है।
- डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।