फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   civil hospital, private doctors, administration, yamunanagar, mismanagement,

प्राइवेट डाक्टर्स और मशीन के भरोसे चल रहा सिविल अस्पताल

Sun, 17 Jul 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,यमुनानगर
ब्यूरो/अमर उजाला,यमुनानगर Updated Sun, 17 Jul 2016 12:33 AM IST
विज्ञापन
civil hospital, private doctors, administration, yamunanagar, mismanagement,
अस्पताल - फोटो : ब्यूरो
यमुनानगर। डाक्टरों की कमी झेल रहे सिविल अस्पताल व ट्रामा सेंटर को प्राइवेट डाक्टरों के सहारे आक्सीजन देने की कोशिश की जा रही है। लेकिन जरूरत के समय प्राइवेट डाक्टर भी हाथ खड़े कर रहे हैं, जिससे मरीज के वेंटिलेटर पर पहुंचने की नौबत आ रही है। इतनी ही नहीं, सरकारी अस्पताल मेें आपरेशन के लिए डॉक्टर प्राइवेट अस्पतालों की मशीनों पर निर्भर हैं। ऐसे में सरकारी चिकित्सा सेवाएं मरीजों को शारीरिक के साथ मानसिक पीड़ा भी दे रही हैं। यहां पिछले दो दिनों में दो केस सामने आ चुके हैं, जिसने सरकारी चिकित्सा सुविधाओं की पोल खोल दी है।
विज्ञापन


केस नंबर एक-
प्रसूता को ब्लीडिंग, नहीं आयी डॉक्टर
महावीर कॉलोनी के रहने वाले अंकित की पत्नी प्रियंका 9 माह के गर्भ से थी। तेज प्रसव पीड़ा होने पर अंकित शुक्रवार शाम छह बजे उसे लेकर सिविल अस्पताल आया। उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। अंकित ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल से पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया गया। अल्ट्रासाउंड करने वाली डाक्टर ने बताया कि उसकी पत्नी को बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है और डिलीवरी तुरंत करवाएं वरना उसकी जान को खतरा हो सकता है। बाद में नर्स ने कुछ टेस्ट करवाए, जिसमें डेढ़ घंटा बीत गया। लेकिन अस्पताल में किसी डाक्टर ने वहां आकर उसकी पत्नी को नहीं देखा। पूछने पर नर्स ने बताया कि अस्पताल के लिए दो प्राइवेट डाक्टर्स से कांट्रेक्ट है और जरूरत पड़ने पर उन्हें बुलाया जाता है। दोनों डाक्टरों को कई बार फोन कर चुकी है, लेकिन वे कही बिजी हैं। अंकित ने बताया कि उसकी पत्नी की हालत काफी खराब हो गई तो मजबूरन उसे पत्नी को निजी अस्पताल में ले जाना पड़ा। इसके बावजूद नर्स ने रिपोर्ट नहीं दी।
विज्ञापन


प्रसूता के लिए रक्त देने में आनाकानी
सिविल अस्पताल में डाक्टर्स के न आने से परेशान हुए अंकित की पीड़ा ट्रामा सेंटर में ब्लड बैंक कर्मचारियों ने और बढ़ा दी। पत्नी को प्राइवेट अस्पताल ले जाने के बाद उसे रक्त की जरूरत पड़ी। प्राइवेट अस्पताल की डाक्टर ने जल्द से जल्द ब्लड लाने को कहा। इसके लिए अंकित ट्रामा सेंटर के ब्लड बैंक आया। यहां उसने 1050 रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद उससे बदले में रक्त मांगा गया। हालांकि इस दोरान अंकित की पत्नी की हालत खराब थी ओर उसे तुरंत ब्लड की जरूरत थी। लेकिन रक्त लेने के बाद ही ब्लड बैंक से रक्त दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस नंबर दो-
हड्डी के आपरेशन के लिए 12 दिन बाद फिर 10 दिन बाद की दी डेट
ईस्सरपुर गांव के रहने वाले संजय की पत्नी ममता के टांग में दो जगह फ्रैक्चर था। उसे 2 जुलाई को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया था। डाक्टर ने एक हफ्ते बाद आपरेशन की डेट दी। एक हफ्ते बाद वह पत्नी को खाली पेट लेकर अस्पताल गया, लेकिन बताया गया कि मशीन खराब हो गई है। दो दिन बाद की डेट दे दी गई। अगली डेट पर उसे बताया गया कि अभी बाहर से मशीन नहीं आई है। इसके बाद डाक्टर ने 14 जुलाई को आपरेशन की डेट दे दी। 14 जुलाई को सुबह डाक्टर ने बताया कि अस्पताल में पानी नहीं आ रहा है। इसलिए आपरेशन नहीं हो पाएगा। डाक्टर ने 10 दिन बाद आपरेशन की डेट दे दी। बाद में संजय उसे प्राइवेट अस्पताल ले गया, जहां कुछ घंटे में ही उसका आपरेशन कर दिया गया।


वर्जन-
रात के लिए प्राइवेट लेडी डॉक्टर्स से है कांट्रेक्ट
सिविल अस्पताल में गाइनाक्लोजिस्ट कम हैं। जगाधरी सिविल अस्पताल से एक गाइनाक्लोजिस्ट को डेपूटेशन पर सिविल अस्पताल यमुनानगर भेजा गया है जो कि दिन में ड्यूटी करती है। रात में आने वाले मरीजों को दिक्कत न हो इसलिए दो प्राइवेट लेडी डाक्टर्स से कांट्रेक्ट किया गया है। यदि कॉल करने पर डाक्टर्स नहीं आई तो इसकी जांच करवाई जाएगी। यदि प्राइवेट डाक्टर्स की गलती पाई गई तो उनका कांट्रेक्ट रद कर दूसरी डाक्टर्स से कांट्रेक्ट किया जाएगा। अस्पताल के लिए बाहर से कोई मशीन नहीं मंगवाई जाती, यदि पेशेंट कह रहा है तो इसका पता करवा लेंगे।
डॉ रमेश, सिविल सर्जन, यमुनानगर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed