फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Children are unable to get clean drinking water; filth has accumulated in the tank

Yamuna Nagar News: बच्चों को नहीं मिल पा रहा पीने का साफ पानी, टंकी में जमा है गंदगी

Wed, 02 Sep 2026 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 02 Sep 2026 01:22 AM IST
विज्ञापन
Children are unable to get clean drinking water; filth has accumulated in the tank
खस्ताहाल शौचालय व फैली गंदगी। संवाद - फोटो : credit
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

जगाधरी। नगर निगम के गांव ईशोपुर की राजकीय प्राथमिक पाठशाला बदहाल व्यवस्था का शिकार है। स्कूल के भवन की दीवार जर्जर हो चुकी हैं और चारों तरफ गंदगी का आलम है। हालात ऐसे हैं कि पाठशाला में बच्चों को पीने के लिए साफ पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा।
कभी इस स्कूल में 150 से ज्यादा बच्चे पढ़ते थे, लेकिन लापरवाही और अव्यवस्था के कारण अब यहां पर बच्चों की कुल संख्या 22 रह गई है। यही नहीं इस स्कूल में दो शिक्षक हैं। बावजूद इसके स्कूल की व्यवस्था सुधारने में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। भवन की दीवारें जगह-जगह से जर्जर हो चुकी हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन

अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में सुविधाएं देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन ईशोपुर की पाठशाला उन दावों की हकीकत बयां कर रही है। हालात ऐसे हैं कि स्कूल का भवन खंडहर नजर आता है। दीवारें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि कभी भी ढह सकती हैं। वर्षों से स्कूल की टंकी की सफाई नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यही नहीं स्कूल में बच्चों को पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश बच्चे अपना पानी साफ लेकर आते हैं। स्कूल के पियाऊ की हौद में गंदगी के साथ काई जमी हुई है। ऐसी गंदगी में पानी पीना सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक है। स्कूलों में बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जाता है।
स्कूल के शौचालय चोक रहने से गंदगी से भरे रहते हैं। ऐसे में बच्चों को शौचालय इस्तेमाल करने में दिक्कत होती है। शौचालय में इस्तेमाल किए जाने वाले पानी की टंकी खस्ता हाल है और उसमें कीड़े पनप रहे हैं। स्कूल प्रांगण की सफाई नहीं होती है। ऐसे में बच्चों को गंदगी में ही पढ़ना पड़ रहा है। व्यवस्था सही न होने के कारण अधिकांश लोगों ने अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजना शुरू कर दिया है। शहर से बाहर होने के कारण अधिकारी कभी इस तरह झांकते भी नहीं हैं। ऐसे में स्कूल प्रभारी व शिक्षक इसमें लापरवाही बरत रहे हैं। परंतु यह व्यवस्था बच्चों की सेहत व भविष्य से खिलवाड़ है।

प्रधानाचार्य से रिपोर्ट ली जाएगी : अशोक राणा
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक राणा का कहना है कि स्कूलों में सफाई, स्वच्छ पेयजल सहित अन्य मूल सुविधाएं दुरुस्त रखने के सभी प्रभारियों को आदेश दिए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी को भी निर्देश देकर स्कूलों की नियमित जांच के आदेश दिए हैं। इस बारे में प्रधानाचार्य से रिपोर्ट ली जाएगी। स्कूलों में मरम्मत कार्यों के लिए ग्रांट भी आई है। जल्द कमियां दूर की जाएंगी।

खस्ताहाल शौचालय व फैली गंदगी। संवाद

खस्ताहाल शौचालय व फैली गंदगी। संवाद- फोटो : credit

खस्ताहाल शौचालय व फैली गंदगी। संवाद

खस्ताहाल शौचालय व फैली गंदगी। संवाद- फोटो : credit

खस्ताहाल शौचालय व फैली गंदगी। संवाद

खस्ताहाल शौचालय व फैली गंदगी। संवाद- फोटो : credit

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed