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Yamuna Nagar News: सर्वे के लिए आएंगी केंद्रीय टीम, मौजूदा हालात फिर बिगाड़ेंगे रैंकिंग
Thu, 08 Aug 2024 07:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 08 Aug 2024 07:38 AM IST
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यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में पिछड़ी शहर की रैंकिंग से भी निगम अफसरों ने सबक नहीं लिया। तभी शहर में स्वच्छता की तस्वीर नहीं बदल पाए हैं। हालात ये हैं कि गलियों-सड़कों किनारे कचरा बिखरा है, वहीं सार्वजनिक स्थानों पर रखे मोबाइल टॉयलेट बंद या दयनीय स्थिति में हैं। साथ ही गीला-सूखा व अन्य कचरा अलग रखने की बात प्रचार तक सीमित है। शहर के जो लोग घरों-दुकानों में कचरा अलग इकट्ठा कर रहे हैं, उनका कचरा डोर टू डोर उठान के लिए आ रहे वाहनों में मिक्स हो रहा है। ऐसा तब है, जब केंद्रीय टीेम शहर में इसी माह स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के लिए आ सकती है। टीम की नजर मौजूदा सफाई व्यवस्था पर पड़ी तो शहर की स्वच्छ रैकिंग फिर बिगड़ सकती है। निवर्तमान पार्षद हालात में सुधार की मांग कर रहे हैं।
जानकारी अनुसार स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में राष्ट्र स्तर पर शहर की 170 रैंक है। इसमें स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में 51 पायदान नीचे गिरकर शहर 221वीं रैंक पर आ गया। जबकि गत वर्ष डोर-टू-डोर कचरा उठान से निस्तारण का काम 26 करोड़ रुपये के ठेके पर कराया गया। ऐसा ही इस साल भी हो रहा है। इस बार डोर टू डोर कचरा उठान से निस्तारण के लिए शहर को 11-11 वार्ड के दो जोन में न बांटकर 22 वार्डों का एक जोन बना है। जहां कचरा उठान से लेकर निस्तारण का काम एक ही एजेंसी को दिया गया है। जुलाई के बाद से एजेंसी काम कर रही है, पर वार्डों की कई कॉलोनियों, मोहल्लों व गांवों में डोर टू डोर कचरा उठान नियमित नहीं हो पाया है। मजबूरन लोग घरों-दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों में इकट्ठा किया कचरा गलियों-सड़कों किनारे गिरा रहे हैं। ये हालात देख नगर निगम आयुक्त ठेका लेने वाली एजेंसी व निगरानी कर रहे निगम अफसरों को नियमित उठान कराने के आदेश दे चुके हैं। जांच में कचरा उठान में लगे वाहन कम मिलने पर वाहनों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए, तब भी हालात जस के तस हैं। अभी भी गलियों-सड़कों पर कचरा बिखरा नजर आ रहा है। इसके अलावा शहर में जगह-जगह रखे मोबाइल टॉयलेट के हालात दयनीय हैं। इनमें कई टॉयलेट बंद हैं या उनमें लगा सामान क्षतिग्रस्त हो चुका है। निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह ने कहा कि हिसार सहित प्रदेश के कई शहरों में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के लिए केंद्रीय टीम आ चुकी है। टीम शहर में भी इसी माह आ सकती है, जिसकी नजर शहर की मौजूदा सफाई व कचरा व्यवस्था पर पड़ी तो शहर की स्वच्छ रैंकिंग फिर से बिगड़ने की आशंका है। इसलिए निगम अफसरों को इसमें सुधार करना चाहिए।
वर्जन-
कचरा उठान से निस्तारण तक का काम नियमित कराया जा रहा है। कहीं कचरा उठान नहीं हो रहा तो संबंधित अफसरों को दिशा निर्देश देंगे। पूरा प्रयास है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग सुधार हो।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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जानकारी अनुसार स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में राष्ट्र स्तर पर शहर की 170 रैंक है। इसमें स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में 51 पायदान नीचे गिरकर शहर 221वीं रैंक पर आ गया। जबकि गत वर्ष डोर-टू-डोर कचरा उठान से निस्तारण का काम 26 करोड़ रुपये के ठेके पर कराया गया। ऐसा ही इस साल भी हो रहा है। इस बार डोर टू डोर कचरा उठान से निस्तारण के लिए शहर को 11-11 वार्ड के दो जोन में न बांटकर 22 वार्डों का एक जोन बना है। जहां कचरा उठान से लेकर निस्तारण का काम एक ही एजेंसी को दिया गया है। जुलाई के बाद से एजेंसी काम कर रही है, पर वार्डों की कई कॉलोनियों, मोहल्लों व गांवों में डोर टू डोर कचरा उठान नियमित नहीं हो पाया है। मजबूरन लोग घरों-दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों में इकट्ठा किया कचरा गलियों-सड़कों किनारे गिरा रहे हैं। ये हालात देख नगर निगम आयुक्त ठेका लेने वाली एजेंसी व निगरानी कर रहे निगम अफसरों को नियमित उठान कराने के आदेश दे चुके हैं। जांच में कचरा उठान में लगे वाहन कम मिलने पर वाहनों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए, तब भी हालात जस के तस हैं। अभी भी गलियों-सड़कों पर कचरा बिखरा नजर आ रहा है। इसके अलावा शहर में जगह-जगह रखे मोबाइल टॉयलेट के हालात दयनीय हैं। इनमें कई टॉयलेट बंद हैं या उनमें लगा सामान क्षतिग्रस्त हो चुका है। निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह ने कहा कि हिसार सहित प्रदेश के कई शहरों में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के लिए केंद्रीय टीम आ चुकी है। टीम शहर में भी इसी माह आ सकती है, जिसकी नजर शहर की मौजूदा सफाई व कचरा व्यवस्था पर पड़ी तो शहर की स्वच्छ रैंकिंग फिर से बिगड़ने की आशंका है। इसलिए निगम अफसरों को इसमें सुधार करना चाहिए।
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वर्जन-
कचरा उठान से निस्तारण तक का काम नियमित कराया जा रहा है। कहीं कचरा उठान नहीं हो रहा तो संबंधित अफसरों को दिशा निर्देश देंगे। पूरा प्रयास है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग सुधार हो।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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