फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Central GST and Fertilizer teams asked for bills for investigation, factory operators jammed the roads with laborers

केंद्रीय जीएसटी व फर्टिलाइजर की टीमों ने जांच के लिए मांगे बिल तो फैक्ट्री संचालकों ने मजदूरों के साथ सड़कों पर लगाए जाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 May 2022 02:21 AM IST
विज्ञापन
Central GST and Fertilizer teams asked for bills for investigation, factory operators jammed the roads with laborers
प्लाईवुड फैक्ट्रियों में यूरिया की हो रही कालाबाजारी की शिकायत पर शुक्रवार को केंद्रीय जीएसटी और फर्टिलाइजर्स की टीम जांच के लिए पहुंची। इस दौरान जब टीम ने प्लाईवुड कारोबारियों से यूरिया की खपत के बिल मांगे तो फैक्टरी संचालक भड़क गए। उन्होंने मौके पर काम कर रहे मजदूरों को साथ लेकर जोड़ियां गुरुद्वारा के सामने जाम लगा दिया। इसके बाद जगाधरी में भी कारोबारियों ने मजदूरों के साथ जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। मामले में देर शाम लघु सचिवालय में कारोबारियों और प्रशासन के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। वहीं कार्रवाई के डर से जिले की तमाम प्लाईवुड फैक्ट्रियों पर ताले लटके रहे।
विज्ञापन

दरअसल, जीएसटी और फर्टिलाइजर की टीम वीरवार की देर रात ही जिले में पहुंच गई थी। शुक्रवार सुबह टीम सबसे पहले कुरुक्षेत्र रोड पर जोड़ियां में नीलगिरी प्लाईवुड फैक्ट्री पर पहुंची। टीम ने फैक्ट्री संचालक से वहां प्रयोग होने वाले यूरिया व अन्य सामान के बिल मांगे। फैक्ट्री संचालक के अनुसार टीम ने उनसे कहा कि एक घंटे में सारे बिल सामने रखें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान फैक्ट्री संचालक ने इसके लिए समय मांगा पर टीम कुछ सुनने को तैयार नहीं हुई। इसी बात को लेकर जांच टीम और फैक्ट्री संचालक के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद फैक्ट्री संचालक के कहने पर वहां काम कर रहे मजदूर सड़कों पर उतर आए। उन्होंने सड़क के बीच में टायर, लकड़ी रख कर जाम लगा दिया। इससे सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब दो घंटे तक यहां पर जाम लगा रहा। इसके बाद कृषि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण बालमुकुंद ने दोनों पक्षों में बातचीत कराई और बिल उपलब्ध कराने के लिए कुछ समय दिलवाया, तब जाकर जाम हटाया गया।
विज्ञापन

----------
जगाधरी में भी पहुंची टीम तो विरोध में लगाया जाम
दोनों विभागों की छह से अधिक टीमों ने जिले में अलग-अलग जगहों पर फैक्ट्रियों में प्रयोग हो रहे यूरिया के बिलों व रिकार्ड की जांच की। प्लाईवुड फैक्ट्रियों में छापामारी की सूचना कारोबार से जुड़े लोगों में आग की तरह फैल गई। कार्रवाई के विरोध में जगाधरी, बिलासपुर क्षेत्र के संचालक मजदूरों के साथ जगाधरी बस स्टैंड चौक पर एकत्रित हो गए। वहां पर उन्होंने नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने के बाद प्रदर्शनकारी जाम खोलने को तैयार हो गए। इसके बाद सभी कारोबारी लघु सचिवालय पहुंचे, जहां हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रामनिवास गर्ग, एसडीएम जगाधरी सुशील कुमार व फैक्ट्री संचालकों के बीच कई घंटे तक बातचीत हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------
फैक्टरी संचालक बोले-जांच के नाम पर कर रहे परेशान
प्लाईवुड कारोबारी सतीश चौपाल, सतीश सेन, अमित कांबोज, शिव कुमार, पवन चोपड़ा, भारत शर्मा, बृज तायल, सुरेश कुमार, अमित गर्ग, संजीव गर्ग, अश्वनी, मन्नु गोयल, संमित कांबोज, संजय कांबोज ने बताया कि पहले ही व्यापार मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में जीएसटी की रेड से कारोबार पर असर पड़ रहा है। काम बंद हो रहा है। इस तरह से वह व्यापार नहीं कर सकेंगे। कारोबारियों ने कहा कि जांच टीम पुराने बिल मांग रही है। ऐसे में वो कहां से पुराने बिल दें। आरोप लगाया कि जो लोग गलत काम कर रहे हैं, उन पर तो कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
------------------------------------------------
कृषि में प्रयोग होने वाली यूरिया से बनाते हैं ग्लू
दरअसल, बाजार में दो तरह की यूरिया है। एक नीम कोटेड यूरिया है जो सब्सिडी के बाद किसान को खेती के लिए मिलती है। इसकी कीमत 300 रुपये प्रति बैग है। जबकि ग्लू बनाने के लिए टेक्निकल यूरिया 4600 रुपये प्रति बैग मिलती है। इसमें ही प्लाईवुड फैक्ट्री संचालक हेराफेरी करते हैं। महंगा होने के कारण ग्लू बनाने में खेती वाला यूरिया ही प्रयोग करते हैं, जबकि टेक्निकल यूरिया के फर्जी बिल तैयार होते हैं। इसमें खाद विक्रेता की भी मिलीभगत होती है। विदित हो कि यमुनानगर में प्लाईवुड की 1200 से 1300 फैक्ट्रियां हैं।

पहले 90 लाख की पकड़ी थी जीएसटी चोरी
25 अप्रैल को करेहड़ा खुर्द में एमएस खाद भंडार और हर्षित ट्रेडर्स के गोदाम पर डायरेक्टर जनरल आफ जीएसटी इंटेलीजेंस गुरुग्राम जोनल की टीम ने रेड की थी। जिसमें सीनियर इंटेलीजेंस आफिसर आशीष मित्तल, इंटेलीजेंस ऑफिसर देवेंद्र मनी, प्रदीप मलिक व योगेश ढाका शामिल थे। जांच में सामने आया था कि टेक्निकल यूरिया की जगह कृषि बिल काटे गए हैं। करीब 90 लाख रुपये की जीएसटी चोरी की गई थी। जीएसटी चोरी के आरोप में संचालक मनोज कुमार को हिरासत में ले लिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed