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फैक्टरी मालिक, ठेकेदार पर बाल श्रम कराने का केस
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बिलासपुर रोड स्थित प्लाईवुड फैक्टरी मालिक और ठेकेदार पश्चिम बंगाल निवासी रियाजुल हक के खिलाफ बाल श्रम करवाने का केस दर्ज किया गया है। फैक्टरी में कराए जा रहे बाल श्रम का खुलासा वहां काम करने वाले किशोर की मौत की जांच के बाद हुआ। जिला बाल संरक्षण अधिकारी की शिकायत पर जगाधरी शहर थाना पुलिस ने यह केस दर्ज किया है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी आंचल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बिलासपुर रोड स्थित श्री प्लाईवुड फैक्टरी में बाल मजदूरी करने को लेकर एडवोकेट अभिक सिन्हा ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग में 25 जून को शिकायत की थी। शिकायत उन्होंने फैक्टरी में बाल मजदूरी करने से बीमार होने पर पश्चिमी बंगाल के जिला दक्षिण दिनाजपुर के फोपरा निवासी 17 वर्षीय शाहिद आलम की 29 जून को मौत होने की बात कही थी। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की तरफ से पांच अगस्त को उपायुक्त को पत्र भेजा गया। इस पर मामले की जांच के लिए जगाधरी उपमंडलाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई थी। जांच समिति में सहायक श्रम आयुक्त सर्कल-दो अंजना गोयल, सर्कल-6 कृष्ण कुमार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी आंचल त्यागी, सब इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच संजय कुमार को शामिल किया गया।
समिति ने श्री प्लाईवुड का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में फैक्टरी में मुख्य तौर पर मशीनरी के रूप में सेलर, प्रेस व बायलर लगा हुआ था। यहां पर प्लाई बनाने का कार्य किया जा रहा था। कमेटी ने फैक्टरी मालिक, ठेकेदार व लेबर कर्मियों के बयान लेकर जांच की। जांच में पाया गया कि शाहिद आलम नाबालिग था और वह फैक्टरी में रियाजुल हक ठेकेदार के अधीन काम करता था। बीती 13 जून को शाहिद आलम को बुखार हुआ था। उसे जगाधरी के निजी अस्पताल में इलाज कराया गया था। 29 जून को वह अपने गांव के लिए जगाधरी से दिल्ली चला गया था। वहां पर उसकी मौत हो गई थी।
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जांच टीम ने शिकायत करने वाले एडवोकेट अभिक सिन्हा से संपर्क किया। अभिक सिन्हा से उसके जन्म प्रमाण पत्र मंगवाया गया। प्रमाणपत्र के आधार पर शाहिद की उम्र 17 साल 2 महीने मिली। वहीं जांच में पाया कि मृतक शाहिद ठेकेदार रियाजुल के पास मजदूरी करता था। यहां पर वह पत्ता उठाने का काम करता था। हालांकि जांच में उसकी मौत फैक्टरी में नहीं होना पाया गया। हालांकि जांच में पाया गया कि फैक्टरी में मजदूरी करते समय मृतक शाहिद नाबालिग था, जबकि फैक्टरी में 18 साल से कम आयु के बच्चे कार्य नहीं कर सकते हैं।
शहर थाना प्रभारी सुरेश कुमार का कहना है कि जिला बाल श्रम अधिकारी की शिकायत पर फैक्टरी संचालक व ठेकेदार पर केस दर्ज कर लिया गया है। फैक्टरी संचालक की भूमिका अभी संदिग्ध नजर आ रही है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
घर जाते समय दिल्ली में हुई थी किशोर की मौत
एडवोकेट अभिक सिन्हा ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को शिकायत में कहा था कि दिल्ली के कश्मीरी गेट पर पश्चिमी बंगाल के जिला दक्षिण दिनाजपुर के फोपरा निवासी साढ़े 17 वर्षीय शाहिद आलम की मौत हो गई थी। उनका आरोप था कि यह किशोर जगाधरी में बिलासपुर रोड पर श्री प्लाईवुड फैक्टरी में मजदूरी करता था। उसकी मौत पर स्वजनों को कोई आर्थिक सहायता तक नहीं मिली।
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यमुनानगर। बिलासपुर रोड स्थित प्लाईवुड फैक्टरी मालिक और ठेकेदार पश्चिम बंगाल निवासी रियाजुल हक के खिलाफ बाल श्रम करवाने का केस दर्ज किया गया है। फैक्टरी में कराए जा रहे बाल श्रम का खुलासा वहां काम करने वाले किशोर की मौत की जांच के बाद हुआ। जिला बाल संरक्षण अधिकारी की शिकायत पर जगाधरी शहर थाना पुलिस ने यह केस दर्ज किया है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी आंचल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बिलासपुर रोड स्थित श्री प्लाईवुड फैक्टरी में बाल मजदूरी करने को लेकर एडवोकेट अभिक सिन्हा ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग में 25 जून को शिकायत की थी। शिकायत उन्होंने फैक्टरी में बाल मजदूरी करने से बीमार होने पर पश्चिमी बंगाल के जिला दक्षिण दिनाजपुर के फोपरा निवासी 17 वर्षीय शाहिद आलम की 29 जून को मौत होने की बात कही थी। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की तरफ से पांच अगस्त को उपायुक्त को पत्र भेजा गया। इस पर मामले की जांच के लिए जगाधरी उपमंडलाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई थी। जांच समिति में सहायक श्रम आयुक्त सर्कल-दो अंजना गोयल, सर्कल-6 कृष्ण कुमार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी आंचल त्यागी, सब इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच संजय कुमार को शामिल किया गया।
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समिति ने श्री प्लाईवुड का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में फैक्टरी में मुख्य तौर पर मशीनरी के रूप में सेलर, प्रेस व बायलर लगा हुआ था। यहां पर प्लाई बनाने का कार्य किया जा रहा था। कमेटी ने फैक्टरी मालिक, ठेकेदार व लेबर कर्मियों के बयान लेकर जांच की। जांच में पाया गया कि शाहिद आलम नाबालिग था और वह फैक्टरी में रियाजुल हक ठेकेदार के अधीन काम करता था। बीती 13 जून को शाहिद आलम को बुखार हुआ था। उसे जगाधरी के निजी अस्पताल में इलाज कराया गया था। 29 जून को वह अपने गांव के लिए जगाधरी से दिल्ली चला गया था। वहां पर उसकी मौत हो गई थी।
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जांच टीम ने शिकायत करने वाले एडवोकेट अभिक सिन्हा से संपर्क किया। अभिक सिन्हा से उसके जन्म प्रमाण पत्र मंगवाया गया। प्रमाणपत्र के आधार पर शाहिद की उम्र 17 साल 2 महीने मिली। वहीं जांच में पाया कि मृतक शाहिद ठेकेदार रियाजुल के पास मजदूरी करता था। यहां पर वह पत्ता उठाने का काम करता था। हालांकि जांच में उसकी मौत फैक्टरी में नहीं होना पाया गया। हालांकि जांच में पाया गया कि फैक्टरी में मजदूरी करते समय मृतक शाहिद नाबालिग था, जबकि फैक्टरी में 18 साल से कम आयु के बच्चे कार्य नहीं कर सकते हैं।
शहर थाना प्रभारी सुरेश कुमार का कहना है कि जिला बाल श्रम अधिकारी की शिकायत पर फैक्टरी संचालक व ठेकेदार पर केस दर्ज कर लिया गया है। फैक्टरी संचालक की भूमिका अभी संदिग्ध नजर आ रही है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
घर जाते समय दिल्ली में हुई थी किशोर की मौत
एडवोकेट अभिक सिन्हा ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को शिकायत में कहा था कि दिल्ली के कश्मीरी गेट पर पश्चिमी बंगाल के जिला दक्षिण दिनाजपुर के फोपरा निवासी साढ़े 17 वर्षीय शाहिद आलम की मौत हो गई थी। उनका आरोप था कि यह किशोर जगाधरी में बिलासपुर रोड पर श्री प्लाईवुड फैक्टरी में मजदूरी करता था। उसकी मौत पर स्वजनों को कोई आर्थिक सहायता तक नहीं मिली।