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जिले के मिल्क माजरा गांव निवासी बसंत ने 539वीं रैंक हासिल की
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गांव मेहर माजरा निवासी बलींद्र सिंह गुर्जर के बेटे बसंत सिंह का यूपीएससी में चयन हुआ है। बसंत का 539 वां रैंक आया है। गांव मेहर माजरा में शनिवार को बसंत के चयन पर जश्न का माहौल रहा। ग्रामीणों ने ढोल बजाकर खुशी मनाई। ग्रामीणों ने बसंत के 87 वर्षीय दादा चौधरी रिखी राम को लड्डू खिलाकर मुंह मीठा कराया। वहीं बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
गांव के रमेशचंद बाबा ने बताया कि बलींद्र सिंह खादी बोर्ड में अधिकारी हैं। शुरू से ही बलींद्र परिवार के साथ बाहर रह रहे हैं। काफी समय से वह दिल्ली में हैं। समय-समय पर बलींद्र बच्चों के साथ गांव आते रहते हैं। यहां पर उसके पिता व भाई आदि रहते हैं। पुश्तैनी जमीन भी यहीं है।
बसंत के पिता बलींद्र सिंह ने फोन पर बताया कि पिछले साल बेटी वैशाली चौधरी का चयन हरियाणा सिविल सर्विस में हो चुका है। वह आजकल फरीदाबाद में आबकारी एवं कराधान विभाग में अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि आईआईटी दिल्ली से बेटे बसंत ने एमटेक किया है। बलींद्र सिंह के अनुसार बसंत ने पहले प्रयास में ही यह कामयाबी हासिल की है।
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गांव के धर्मेंद्र जैलदार, जसबीर सिंह सरपंच, रवींद्र कुमार, संदीप कुमार आदि ने बताया कि बलींद्र सिंह के बच्चे शुरू से ही पढ़ने में अव्वल रहे हैं। चौधरी रिखी राम का कहना है कि बच्चे कामयाब हो जाए, इससे बड़ी खुशी क्या होगा। पोता-पोती ने गांव सहित पूरे इलाके का नाम रोशन किया है।
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गांव के रमेशचंद बाबा ने बताया कि बलींद्र सिंह खादी बोर्ड में अधिकारी हैं। शुरू से ही बलींद्र परिवार के साथ बाहर रह रहे हैं। काफी समय से वह दिल्ली में हैं। समय-समय पर बलींद्र बच्चों के साथ गांव आते रहते हैं। यहां पर उसके पिता व भाई आदि रहते हैं। पुश्तैनी जमीन भी यहीं है।
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बसंत के पिता बलींद्र सिंह ने फोन पर बताया कि पिछले साल बेटी वैशाली चौधरी का चयन हरियाणा सिविल सर्विस में हो चुका है। वह आजकल फरीदाबाद में आबकारी एवं कराधान विभाग में अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि आईआईटी दिल्ली से बेटे बसंत ने एमटेक किया है। बलींद्र सिंह के अनुसार बसंत ने पहले प्रयास में ही यह कामयाबी हासिल की है।
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गांव के धर्मेंद्र जैलदार, जसबीर सिंह सरपंच, रवींद्र कुमार, संदीप कुमार आदि ने बताया कि बलींद्र सिंह के बच्चे शुरू से ही पढ़ने में अव्वल रहे हैं। चौधरी रिखी राम का कहना है कि बच्चे कामयाब हो जाए, इससे बड़ी खुशी क्या होगा। पोता-पोती ने गांव सहित पूरे इलाके का नाम रोशन किया है।