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Yamuna Nagar News: चौपाल में ग्रामीणों ने कहा- पानी की निकासी और गंदगी सबसे बड़ी परेशानी
Wed, 24 Jun 2026 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:04 AM IST
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खारवन गांव में आयोजित चौपाल में लोगों की शिकायतें सुनते बीडीपीओ कार्तिक चौहान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
खारवन। खारवन गांव में मंगलवार को अमर उजाला के मेरा गांव-मेरी शान अभियान के तहत चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में गांव के लोगों ने समस्याओं को प्रमुखता से रखा। गांव में पानी की निकासी, गंदगी, बिजली बिल, सामुदायिक भवन की हालत समेत अन्य मांगे रखी। मुख्य अतिथि के रूप में बीडीपीओ छछरौली कार्तिक चौहान समस्याएं सुनकर समाधान करने की बात कही।
चौपाल में बीडीपीओ के साथ पंचायत ऑफिसर विकास, ब्लॉक समिति चेयरमैन राजकुमार व सचिव प्रदीप ने हिस्सा लिया। लोगों ने बीडीपीओ को बताया कि गांव में पानी की निकासी के लिए नाला बनना है। एक साल से पास है। पंचायत ने इसका काम भी शुरू करवा दिया था। वन विभाग ने इसका काम यह कह कर रुकवा दिया कि उनसे नाला बनाने के लिए एनओसी नहीं ली गई। एक साल से वन विभाग इसकी एनओसी नहीं दे रहा है।
गांव में चारों तरफ लगे गंदगी के ढेर की समस्या भी उठी। लोगों ने कहा कि गांव में प्रवेश के सभी रास्तों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। इससे गांव की छवि खराब हो रही है। इसलिए इन्हें हटाया जाए। लोगों ने उन्हें यह भी बताया कि गांव में सामुदायिक भवन पर आज तक पेंट नहीं हो सका। जिस कारण लोग इसमें अपने आयोजन नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए पेंट का कार्य प्रमुखता से किया जाए।
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वहीं गांव में एससी चौपाल की छत जर्जर होने का मामला भी लोगों ने जोरशोर से उठाया। लोगों ने उन्हें बताया कि छत जर्जर होने से इसमें हादसे का खतरा है। इसलिए इसे कंडम घोषित करके दोबारा निर्माण कराया जाए। गांव के पूर्व पंचायत सदस्य रामेश्वर ने कहा कि गांव का जो तालाब है उसकी सफाई बिल्कुल भी नहीं हुई। जिससे पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। इसकी सफाई करवा कर इसे किराये पर दिया जाए ताकि पंचायत की आमदनी बढ़ सके।
नीलम ने बताया कि वह मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाती है। पहले बिजली का बिल औसतन 500 रुपये आता था। इसके बाद अचानक 28 हजार रुपये बिल भेज दिया। बिल ठीक कराने के लिए कई बार बिजली निगम कार्यालय में गई लेकिन आज तक इसे ठीक नहीं किया। अब बिल 85 हजार रुपये पहुंच गया है।
गांव के जसराम ने बताया कि वन विभाग की लापरवाही की वजह से नाले का निर्माण नहीं हो सका है। एक साल से वन विभाग कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। इससे गांव की पानी की निकासी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
ब्लॉक समिति सदस्य रामकुमार ने कहा कि गांव में बंदरों की संख्या बहुत ज्यादा है। बंदराें से पूरा गांव परेशान है। वह घरों में रखा सामान तक ले जाते हैं। इसलिए पंचायत या प्रशासन को बंदरों को पकड़ने का इंतजाम करना चाहिए। प्रशासन की बंदरों को पकड़ कर कलेसर जंगल में छोड़ा जाना चाहिए।
गांव के अशोक कुमार ने कहा कि गांव में सफाई बड़ी समस्या है। गांव के सभी रास्तों पर लोगों ने कूड़े के ढेर लगा रखे हैं। सफाई न होने से लोग परेशान हैं। पंचायत को समय-समय पर सफाई अभियान चलाना चाहिए। साथ ही गांव में सफाई कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए।
गांव के सुदर्शन सिंह का कहना है कि गांव में छह एकड़ 10 मरला भूमि पर तालाब था। परंतु लोगों ने इस पर अवैध कब्जे कर लिए हैं। अब यह तालाब केवल दो एकड़ ही रह गया है। पंचायत को तालाब से कब्जे हटाने चाहिए। बीडीपीओ की ओर से तालाब से कब्जे हटाने का आश्वासन दिया गया है।
गांव की एक-एक समस्या नोट कर ली है। कुछ शिकायतें ऐसी हैं जो दूसरे विभागों से संबंधित हैं। इसके लिए लिखित में देने के लिए कहा है, ताकि उन्हें संबंधित विभाग को भेजा जा सके। मेरे स्तर की समस्याओं का समाधान जल्द होगा। - कार्तिक चौहान, बीडीपीओ छछरौली।
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खारवन। खारवन गांव में मंगलवार को अमर उजाला के मेरा गांव-मेरी शान अभियान के तहत चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में गांव के लोगों ने समस्याओं को प्रमुखता से रखा। गांव में पानी की निकासी, गंदगी, बिजली बिल, सामुदायिक भवन की हालत समेत अन्य मांगे रखी। मुख्य अतिथि के रूप में बीडीपीओ छछरौली कार्तिक चौहान समस्याएं सुनकर समाधान करने की बात कही।
चौपाल में बीडीपीओ के साथ पंचायत ऑफिसर विकास, ब्लॉक समिति चेयरमैन राजकुमार व सचिव प्रदीप ने हिस्सा लिया। लोगों ने बीडीपीओ को बताया कि गांव में पानी की निकासी के लिए नाला बनना है। एक साल से पास है। पंचायत ने इसका काम भी शुरू करवा दिया था। वन विभाग ने इसका काम यह कह कर रुकवा दिया कि उनसे नाला बनाने के लिए एनओसी नहीं ली गई। एक साल से वन विभाग इसकी एनओसी नहीं दे रहा है।
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गांव में चारों तरफ लगे गंदगी के ढेर की समस्या भी उठी। लोगों ने कहा कि गांव में प्रवेश के सभी रास्तों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। इससे गांव की छवि खराब हो रही है। इसलिए इन्हें हटाया जाए। लोगों ने उन्हें यह भी बताया कि गांव में सामुदायिक भवन पर आज तक पेंट नहीं हो सका। जिस कारण लोग इसमें अपने आयोजन नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए पेंट का कार्य प्रमुखता से किया जाए।
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वहीं गांव में एससी चौपाल की छत जर्जर होने का मामला भी लोगों ने जोरशोर से उठाया। लोगों ने उन्हें बताया कि छत जर्जर होने से इसमें हादसे का खतरा है। इसलिए इसे कंडम घोषित करके दोबारा निर्माण कराया जाए। गांव के पूर्व पंचायत सदस्य रामेश्वर ने कहा कि गांव का जो तालाब है उसकी सफाई बिल्कुल भी नहीं हुई। जिससे पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। इसकी सफाई करवा कर इसे किराये पर दिया जाए ताकि पंचायत की आमदनी बढ़ सके।
नीलम ने बताया कि वह मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाती है। पहले बिजली का बिल औसतन 500 रुपये आता था। इसके बाद अचानक 28 हजार रुपये बिल भेज दिया। बिल ठीक कराने के लिए कई बार बिजली निगम कार्यालय में गई लेकिन आज तक इसे ठीक नहीं किया। अब बिल 85 हजार रुपये पहुंच गया है।
गांव के जसराम ने बताया कि वन विभाग की लापरवाही की वजह से नाले का निर्माण नहीं हो सका है। एक साल से वन विभाग कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। इससे गांव की पानी की निकासी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
ब्लॉक समिति सदस्य रामकुमार ने कहा कि गांव में बंदरों की संख्या बहुत ज्यादा है। बंदराें से पूरा गांव परेशान है। वह घरों में रखा सामान तक ले जाते हैं। इसलिए पंचायत या प्रशासन को बंदरों को पकड़ने का इंतजाम करना चाहिए। प्रशासन की बंदरों को पकड़ कर कलेसर जंगल में छोड़ा जाना चाहिए।
गांव के अशोक कुमार ने कहा कि गांव में सफाई बड़ी समस्या है। गांव के सभी रास्तों पर लोगों ने कूड़े के ढेर लगा रखे हैं। सफाई न होने से लोग परेशान हैं। पंचायत को समय-समय पर सफाई अभियान चलाना चाहिए। साथ ही गांव में सफाई कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए।
गांव के सुदर्शन सिंह का कहना है कि गांव में छह एकड़ 10 मरला भूमि पर तालाब था। परंतु लोगों ने इस पर अवैध कब्जे कर लिए हैं। अब यह तालाब केवल दो एकड़ ही रह गया है। पंचायत को तालाब से कब्जे हटाने चाहिए। बीडीपीओ की ओर से तालाब से कब्जे हटाने का आश्वासन दिया गया है।
गांव की एक-एक समस्या नोट कर ली है। कुछ शिकायतें ऐसी हैं जो दूसरे विभागों से संबंधित हैं। इसके लिए लिखित में देने के लिए कहा है, ताकि उन्हें संबंधित विभाग को भेजा जा सके। मेरे स्तर की समस्याओं का समाधान जल्द होगा। - कार्तिक चौहान, बीडीपीओ छछरौली।

खारवन गांव में आयोजित चौपाल में लोगों की शिकायतें सुनते बीडीपीओ कार्तिक चौहान। संवाद

खारवन गांव में आयोजित चौपाल में लोगों की शिकायतें सुनते बीडीपीओ कार्तिक चौहान। संवाद

खारवन गांव में आयोजित चौपाल में लोगों की शिकायतें सुनते बीडीपीओ कार्तिक चौहान। संवाद

खारवन गांव में आयोजित चौपाल में लोगों की शिकायतें सुनते बीडीपीओ कार्तिक चौहान। संवाद

खारवन गांव में आयोजित चौपाल में लोगों की शिकायतें सुनते बीडीपीओ कार्तिक चौहान। संवाद