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Yamuna Nagar News: कृषि मंत्री का शहर, स्कूल की दीवारों में करंट, छत से टपकता पानी
Tue, 05 Aug 2025 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 05 Aug 2025 11:34 PM IST
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रादौर के प्राइमरी स्कूल का भवन। संवाद
राजेश कुमार
रादौर (यमुनानगर)। प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के शहर रादौर के राजकीय आदर्श संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में 335 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। थोड़ी सी बारिश हुई नहीं की कक्षाओं में लगे बिजली के बोर्ड से लेकर दीवारों तक में करंट आ जाता है। वहीं छत से पानी टपकता है। करंट न लग जाए इसलिए अध्यापकों को स्कूल की बिजली सप्लाई बंद करके बच्चों को पढ़ाना पड़ता है।
11 कमरों वाली इस प्राथमिक पाठशाला में करंट आने से पहले बारिश के पानी की एंट्री होती है। स्कूल की छत से पानी टपकता है। पड़ताल करने पर पता चला कि इस स्कूल का पहला कमरा वर्ष 1924 में बना था। इसके बाद जिस नेता की जैसी कृपा होती रही वह एक-एक कमरा बनवाते रहे। इस तरह से स्कूल में 11 कमरों का निर्माण हुआ।
धीमी गति से हुआ निर्माण ही छत से पानी टपकने का सबसे बड़ा कारण है। एक के बाद एक कमरा बनने से इनके लेंटर आपस में ठीक से नहीं मिले। लेंटर में बारिश के पानी का रिसाव होकर पानी कक्षाओं के अंदर बच्चों के ऊपर टपकता है। पीडब्ल्यूडी ने बहुत पहले स्कूल की बिल्डिंग को असुरक्षित घोषित किया था। इतना ही नहीं स्कूल में चपरासी व चौकीदार तक नहीं है। संवाद
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मंत्री को मरम्मत के लिए दिया था मांगपत्र
एसएमसी प्रधान हिना रानी ने बताया कि वह 10 दिन पहले ही नियुक्त हुई हैं। एसएमसी सदस्यों ने कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को स्कूल की मरम्मत कराने व अपग्रेड करने के लिए मांगपत्र दिया है। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि ग्रांट राशि आते ही भवन निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। पूर्व प्रधान किरण ने बताया कि जब तक सरकार से ग्रांट राशि नहीं भेजी जाती, तब तक स्कूल के नए भवन का निर्माण संभव नहीं है।
अधिकारियों को अवगत कराया : प्रिंसिपल
स्कूल के प्रिंसिपल रविंद्र कांबोज ने बताया कि स्कूल के सभी कमरों की यही हालत है। जब तब बारिश होती है तब तक कमरों में बैठ ही नहीं पाते। बच्चों को करंट लगने का खतरा रहता है। इसीलिए पावर सप्लाई बंद करनी पड़ती है। इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा रखा है।
स्कूल का रिपोर्ट कार्ड
- 335 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
- 11 कमरे स्कूल में बने हैं।
- 4 शौचालय बने हैं।
- 9 शिक्षक हैं, एक पद खाली है।
- स्कूल में चपरासी व चौकीदार भी नहीं है।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला रादौर का भवन करीब सौ साल पुराना है यह मामला गत सप्ताह ही मेरे संज्ञान में आया है। इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वह जल्द से जल्द नया भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू करें। बच्चे देश का भविष्य हैं। उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। - श्याम सिंह राणा, कृषि मंत्री, हरियाणा सरकार।
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रादौर (यमुनानगर)। प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के शहर रादौर के राजकीय आदर्श संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में 335 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। थोड़ी सी बारिश हुई नहीं की कक्षाओं में लगे बिजली के बोर्ड से लेकर दीवारों तक में करंट आ जाता है। वहीं छत से पानी टपकता है। करंट न लग जाए इसलिए अध्यापकों को स्कूल की बिजली सप्लाई बंद करके बच्चों को पढ़ाना पड़ता है।
11 कमरों वाली इस प्राथमिक पाठशाला में करंट आने से पहले बारिश के पानी की एंट्री होती है। स्कूल की छत से पानी टपकता है। पड़ताल करने पर पता चला कि इस स्कूल का पहला कमरा वर्ष 1924 में बना था। इसके बाद जिस नेता की जैसी कृपा होती रही वह एक-एक कमरा बनवाते रहे। इस तरह से स्कूल में 11 कमरों का निर्माण हुआ।
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धीमी गति से हुआ निर्माण ही छत से पानी टपकने का सबसे बड़ा कारण है। एक के बाद एक कमरा बनने से इनके लेंटर आपस में ठीक से नहीं मिले। लेंटर में बारिश के पानी का रिसाव होकर पानी कक्षाओं के अंदर बच्चों के ऊपर टपकता है। पीडब्ल्यूडी ने बहुत पहले स्कूल की बिल्डिंग को असुरक्षित घोषित किया था। इतना ही नहीं स्कूल में चपरासी व चौकीदार तक नहीं है। संवाद
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मंत्री को मरम्मत के लिए दिया था मांगपत्र
एसएमसी प्रधान हिना रानी ने बताया कि वह 10 दिन पहले ही नियुक्त हुई हैं। एसएमसी सदस्यों ने कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को स्कूल की मरम्मत कराने व अपग्रेड करने के लिए मांगपत्र दिया है। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि ग्रांट राशि आते ही भवन निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। पूर्व प्रधान किरण ने बताया कि जब तक सरकार से ग्रांट राशि नहीं भेजी जाती, तब तक स्कूल के नए भवन का निर्माण संभव नहीं है।
अधिकारियों को अवगत कराया : प्रिंसिपल
स्कूल के प्रिंसिपल रविंद्र कांबोज ने बताया कि स्कूल के सभी कमरों की यही हालत है। जब तब बारिश होती है तब तक कमरों में बैठ ही नहीं पाते। बच्चों को करंट लगने का खतरा रहता है। इसीलिए पावर सप्लाई बंद करनी पड़ती है। इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा रखा है।
स्कूल का रिपोर्ट कार्ड
- 335 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
- 11 कमरे स्कूल में बने हैं।
- 4 शौचालय बने हैं।
- 9 शिक्षक हैं, एक पद खाली है।
- स्कूल में चपरासी व चौकीदार भी नहीं है।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला रादौर का भवन करीब सौ साल पुराना है यह मामला गत सप्ताह ही मेरे संज्ञान में आया है। इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वह जल्द से जल्द नया भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू करें। बच्चे देश का भविष्य हैं। उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। - श्याम सिंह राणा, कृषि मंत्री, हरियाणा सरकार।

रादौर के प्राइमरी स्कूल का भवन। संवाद

रादौर के प्राइमरी स्कूल का भवन। संवाद