{"_id":"690e4b1b336eb7f5010de744","slug":"after-bathing-in-the-lakes-lamps-were-offered-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-146466-2025-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: सरोवरों में स्नान करने के बाद किया दीपदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: सरोवरों में स्नान करने के बाद किया दीपदान
Sat, 08 Nov 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 08 Nov 2025 01:10 AM IST
विज्ञापन
सूरजकुंड सरोवर के किनारे बने मंदिर में माथा टेकने पहुंचे श्रद्धालु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। कार्तिक मास की सुंदर दूज स्नान के साथ संपूर्ण हाे गया। बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने कपालमोचन के पवित्र सरोवरों में स्नान कर पूजा अर्चना की। साथ ही दीपदान कर भगवान का आशीर्वाद लिया। इस उपलक्ष्य में गऊ-बच्छा घाट पर पूजा अर्चना कर कपड़ा व अन्न का दान दिया। सुंदर दूज पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने सरोवरों में स्नान कर दीप जलाए।
भगवान श्री संस्कृत कर्मकांड वेद विद्यालय के संचालक पंडित श्रीकांत ने बताया कि हिन्दू धर्म और पंचांग का 11वां महीना है मार्गशीर्ष। इसे अग्रहायण या अगहन का महीना भी कहते हैं। इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान करना विशेष फलदायी होता है। जो लोग प्रतिदिन स्नान करते हैं उनके लिए मोक्ष के द्वारा खुल जाते हैं। इस पवित्र मास को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है।। इस मास की हर तिथि का महत्व है। विशेषकर द्वितीया तिथि जिसे अशुन्य द्वितीया, कृष्ण द्वितीया व सुंदरिया दूज कहा जाता है। सुंदरिया दूज पर कपाल मोचन तीर्थ किनारे मेला लगता है। महिलाएं अपनी सुंदरता को बढ़ाने के लिए भगवान विष्णु से उपासना करती है। कुमारी कन्याएं अपने लिए भगवान से खूबसूरत व योग्य जीवनसाथी की कामना करती है। इस दिन दर्पण दान का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि पांच मास तक द्वितीया का व्रत रखने से जातक को पूर्ण वैवाहिक सुख मिलता है।
विज्ञापन
व्यासपुर। कार्तिक मास की सुंदर दूज स्नान के साथ संपूर्ण हाे गया। बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने कपालमोचन के पवित्र सरोवरों में स्नान कर पूजा अर्चना की। साथ ही दीपदान कर भगवान का आशीर्वाद लिया। इस उपलक्ष्य में गऊ-बच्छा घाट पर पूजा अर्चना कर कपड़ा व अन्न का दान दिया। सुंदर दूज पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने सरोवरों में स्नान कर दीप जलाए।
भगवान श्री संस्कृत कर्मकांड वेद विद्यालय के संचालक पंडित श्रीकांत ने बताया कि हिन्दू धर्म और पंचांग का 11वां महीना है मार्गशीर्ष। इसे अग्रहायण या अगहन का महीना भी कहते हैं। इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान करना विशेष फलदायी होता है। जो लोग प्रतिदिन स्नान करते हैं उनके लिए मोक्ष के द्वारा खुल जाते हैं। इस पवित्र मास को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है।। इस मास की हर तिथि का महत्व है। विशेषकर द्वितीया तिथि जिसे अशुन्य द्वितीया, कृष्ण द्वितीया व सुंदरिया दूज कहा जाता है। सुंदरिया दूज पर कपाल मोचन तीर्थ किनारे मेला लगता है। महिलाएं अपनी सुंदरता को बढ़ाने के लिए भगवान विष्णु से उपासना करती है। कुमारी कन्याएं अपने लिए भगवान से खूबसूरत व योग्य जीवनसाथी की कामना करती है। इस दिन दर्पण दान का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि पांच मास तक द्वितीया का व्रत रखने से जातक को पूर्ण वैवाहिक सुख मिलता है।
विज्ञापन