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धोखाधड़ी के आरोप में नाहरपुर सरपंच गिरफ्तार
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धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे नाहरपुर के मौजूदा सरपंच अशोक कुमार को जठलाना पुलिस ने 358 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूर्व के पुलिस अधिकारियों ने मामले को लटकाए रखा। उसने इस संबंध में कुछ दिन पहले गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत की। जिन्होंने डीजीपी को सरपंच की गिरफ़्तार के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की।
शिकायतकर्ता हरजीत सिंह ने बताया कि सरपंच पर जठलाना पुलिस ने बीडीपीओ की सिफारिश और डीसी के निर्देशों के बाद मामला दर्ज किया था। इसके बाद भी जठलाना पुलिस ने इस मामले को काफी लटकाया। उनकी शिकायत पर मामला दर्ज होने के बाद छह एसएचओ बदल व जांच अधिकारी बदल गए। अब सातवें एसएचओ मनोज कुमार ने उनको गिरफ्तार किया है। मनोज ने थाने का पदभार चार दिन पहले ही संभाला था। इससे पहले शिकायतकर्ता जठलाना थाना प्रबंधक, जांच अधिकारी, डीएसपी और एसपी दरबार भी जा चुका है। हाल ही में शिकायतकर्ता अनिल विज के दरबार पहुंचे थे। गृह मंत्री विज ने इस पर डीजीपी को कार्रवाई के आदेश दिए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि अभी तो दो और मामले भी सरपंच पर चल रहे हैं।
हरजीत सिंह व गांव के कृपाल सिंह संधू ने बताया कि सरपंच ने गांव में मिट्टी गिरवाई थी। उसने मैंबर सदस्य परवेज आलम के फर्जी साइन करके 10 हजार रुपये निकलवा लिए। हरजीत ने जब शिकायत की तो इसकी जांच बीडीपीओ ने की और आरोप सही साबित हुए। रिपोर्ट के मुताबिक सरपंच ने रसीदी टिकट लगाकर परवेज आलम के साइन किए जो ऐसा नहीं कर सकता था। मामले में 24 जनवरी 2019 को धारा 409, 420, 67, 68, 71 व पंचायती अधिनियम के तहत सरपंच पर मामला दर्ज हुआ था।
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आरोपी सरपंच अशोक कुमार का कहना है कि उन्हें एक साजिश के तहत फंसाया गया है।उन पर लगे आरोप निराधार है। वे जांच एजेंसी को इसके साक्ष्य दे देंगे।
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शिकायतकर्ता हरजीत सिंह ने बताया कि सरपंच पर जठलाना पुलिस ने बीडीपीओ की सिफारिश और डीसी के निर्देशों के बाद मामला दर्ज किया था। इसके बाद भी जठलाना पुलिस ने इस मामले को काफी लटकाया। उनकी शिकायत पर मामला दर्ज होने के बाद छह एसएचओ बदल व जांच अधिकारी बदल गए। अब सातवें एसएचओ मनोज कुमार ने उनको गिरफ्तार किया है। मनोज ने थाने का पदभार चार दिन पहले ही संभाला था। इससे पहले शिकायतकर्ता जठलाना थाना प्रबंधक, जांच अधिकारी, डीएसपी और एसपी दरबार भी जा चुका है। हाल ही में शिकायतकर्ता अनिल विज के दरबार पहुंचे थे। गृह मंत्री विज ने इस पर डीजीपी को कार्रवाई के आदेश दिए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि अभी तो दो और मामले भी सरपंच पर चल रहे हैं।
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हरजीत सिंह व गांव के कृपाल सिंह संधू ने बताया कि सरपंच ने गांव में मिट्टी गिरवाई थी। उसने मैंबर सदस्य परवेज आलम के फर्जी साइन करके 10 हजार रुपये निकलवा लिए। हरजीत ने जब शिकायत की तो इसकी जांच बीडीपीओ ने की और आरोप सही साबित हुए। रिपोर्ट के मुताबिक सरपंच ने रसीदी टिकट लगाकर परवेज आलम के साइन किए जो ऐसा नहीं कर सकता था। मामले में 24 जनवरी 2019 को धारा 409, 420, 67, 68, 71 व पंचायती अधिनियम के तहत सरपंच पर मामला दर्ज हुआ था।
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आरोपी सरपंच अशोक कुमार का कहना है कि उन्हें एक साजिश के तहत फंसाया गया है।उन पर लगे आरोप निराधार है। वे जांच एजेंसी को इसके साक्ष्य दे देंगे।