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सड़क पर उतरकर मांगा हक
Yamuna Nagar
Updated Sat, 02 Feb 2013 05:30 AM IST
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यमुनानगर। पक्का होने की मांग कर रहे जिले के गेस्ट टीचरों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार सुरेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। अतिथि अध्यापकों ने सरकार से मांग की कि एक पॉलिसी बनाकर उन्हें पक्का किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं किया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष शिवचरण के नेतृत्व गेस्ट टीचरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
अतिथि अध्यापक शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे कन्हैया साहिब चौक के पास जमा हुए। यहां से सभी नेशनल हाईवे 73 रूड़की-चंडीगढ़ मार्ग से पैदल रोष मार्च करते हुए लघु सचिवालय की ओर रवाना हुए। लघु सचिवालय में भी अध्यापकों ने काफी देर तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अध्यापकों ने जिला अध्यक्ष शिवचरण के नेतृत्व में तहसीलदार सुरेश कुमार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम ज्ञापन सौंपा। गेस्ट टीचरों ने मांग की कि सरकार एक समय सीमा निर्धारित कर और पॉलिसी बनाकर अतिथि अध्यापकाें को नियमित करें और तब तक उन्हें समान काम का समान वेतन दिया जाए। अतिथि अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष शिवचरण ने कहा कि सरकार ने गेस्ट टीचरों के प्रति जो नकारात्मक रुख और चुप्पी साध रखी है उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब अतिथि अध्यापक कड़ा संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।
2005 से दे रहे सेवाएं
शिवचरण ने बताया कि दिसंबर 2005 से प्रदेश भर में लगभग 15,500 अतिथि अध्यापक सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उन्हें आज तक नियमित नहीं किया गया। सरकार उनके प्रति यूज एंड थ्रो की नीति अपना रही है जिसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तो गेस्ट टीचरों ने अपना रोजगार स्थाई करवाने की ठान ली है।
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कुर्बानियां देने से पीछे नहीं हटेंगे
संघ की महिला विंग की राज्य महासचिव सोनिया गिल ने कहा कि रोहतक में बहन राजरानी ने इसी रोजगार को बचाने के लिए बलिदान दिया था। हम उनकी कुर्बानी को बेकार नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा कि रोजगार नियमित करवाने को लेकर चाहे और कुर्बानियां ही क्यों न देनी पड़ें। जिले के सभी ब्लॉक प्रधान रमन शर्मा, आज्ञाराम, जगवंत सिंह, महेश गर्ग, हरिचंद्र और जीत सिंह ने कहा कि हर अतिथि अध्यापक अपने रोजगार को नियमित करने के लिए सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने का तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उन्हें जल्द से जल्द नियमित नहीं करती है तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
ये हुए शामिल
प्रदर्शन में वरिष्ठ उपप्रधान ऋषिपाल, विक्रम, रितेश दत्ता, कपिल, रविंद्र शास्त्री, बनारसी, इंद्रवीर, बरखा राम, जुझार सिंह, रमेश कमार, अश्वनी, रमेश, सुरेश, गुरपाल, संजय कुमार, अनिल, रजनीश, भूषण, जगदीप, वीनस, अनिल, धर्मवीर, इनू नंदा, भारती, गीता, ज्योति, मोनिका, अनीता शर्मा, गुरप्रीत कौर, ऋ तू समेत कई गेस्ट टीचर शामिल हुए।
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अतिथि अध्यापक शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे कन्हैया साहिब चौक के पास जमा हुए। यहां से सभी नेशनल हाईवे 73 रूड़की-चंडीगढ़ मार्ग से पैदल रोष मार्च करते हुए लघु सचिवालय की ओर रवाना हुए। लघु सचिवालय में भी अध्यापकों ने काफी देर तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अध्यापकों ने जिला अध्यक्ष शिवचरण के नेतृत्व में तहसीलदार सुरेश कुमार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम ज्ञापन सौंपा। गेस्ट टीचरों ने मांग की कि सरकार एक समय सीमा निर्धारित कर और पॉलिसी बनाकर अतिथि अध्यापकाें को नियमित करें और तब तक उन्हें समान काम का समान वेतन दिया जाए। अतिथि अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष शिवचरण ने कहा कि सरकार ने गेस्ट टीचरों के प्रति जो नकारात्मक रुख और चुप्पी साध रखी है उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब अतिथि अध्यापक कड़ा संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।
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2005 से दे रहे सेवाएं
शिवचरण ने बताया कि दिसंबर 2005 से प्रदेश भर में लगभग 15,500 अतिथि अध्यापक सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उन्हें आज तक नियमित नहीं किया गया। सरकार उनके प्रति यूज एंड थ्रो की नीति अपना रही है जिसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तो गेस्ट टीचरों ने अपना रोजगार स्थाई करवाने की ठान ली है।
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कुर्बानियां देने से पीछे नहीं हटेंगे
संघ की महिला विंग की राज्य महासचिव सोनिया गिल ने कहा कि रोहतक में बहन राजरानी ने इसी रोजगार को बचाने के लिए बलिदान दिया था। हम उनकी कुर्बानी को बेकार नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा कि रोजगार नियमित करवाने को लेकर चाहे और कुर्बानियां ही क्यों न देनी पड़ें। जिले के सभी ब्लॉक प्रधान रमन शर्मा, आज्ञाराम, जगवंत सिंह, महेश गर्ग, हरिचंद्र और जीत सिंह ने कहा कि हर अतिथि अध्यापक अपने रोजगार को नियमित करने के लिए सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने का तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उन्हें जल्द से जल्द नियमित नहीं करती है तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
ये हुए शामिल
प्रदर्शन में वरिष्ठ उपप्रधान ऋषिपाल, विक्रम, रितेश दत्ता, कपिल, रविंद्र शास्त्री, बनारसी, इंद्रवीर, बरखा राम, जुझार सिंह, रमेश कमार, अश्वनी, रमेश, सुरेश, गुरपाल, संजय कुमार, अनिल, रजनीश, भूषण, जगदीप, वीनस, अनिल, धर्मवीर, इनू नंदा, भारती, गीता, ज्योति, मोनिका, अनीता शर्मा, गुरप्रीत कौर, ऋ तू समेत कई गेस्ट टीचर शामिल हुए।