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न्यू हमीदा कालानी में समस्याओं का अंबार
Yamuna Nagar
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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यमुनानगर। दीपावली और धनतेरस पर एक ओर प्रशासन जहां साफ सफाई के लिए विशेष निर्देश दे रहा है वहीं खालसा कालेज के पास स्थित न्यू हमीदा कालोनी में गंदगी के अंबार लगे हैं। इस कालोनी की गलियां गंदगी से अटी पड़ी हैं और गंदा पानी गली में फैल रहा है। सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। कालोनी वासियों का कहना है कि कालोनी में कूड़ादान नहीं होने से लोग सड़क के बीचोंबीच कचरा डाल कर चले जाते हैं। दो साल से दूसरी कालोनियों में रहने वाले भी यहीं कचरा डाल कर चले जाते हैं। इस कचरे में सुअर मुंह मारते रहते हैं। सफाई कर्मचारी कभी कभार आता है, जो नालियों से गंदगी निकालकर उसे गली के बीच में ही छोड़कर चला जाता है। संबंधित विभाग के अधिकारियों को बार-बार शिकायत देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
प्रमोद कुमार का कहना है कि कालोनी में दो साल से सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। क्योंकि दो साल से खालसा कालेज रोड स्थित कालोनी का एक मकान बंद पड़ा है। लोग वहीं पर कचरा डाल देते हैं। अब तो हालात यह है कि आसपास की अन्य कालोनी के लोग भी यहीं कचरा डालते हैं। कर्मचारियों को बार बार कहने के बाद भी कचरा नहीं उठाया जाता।
सनीता रानी का कहना है कि कालोनी में कूड़ादान नहीं होने से लोग सड़क के बीच में कचरा डाल देते हैं। जब भी कोई वाहन सड़क से गुजरता है तो सारा कचरा सड़क में दूर तक फैल जाता है जिसकी उन्हें स्वयं सफाई करनी पड़ती है। निगम बनने से सफाई व्यवस्था दुरुस्त होने की उम्मीद थी लेकिन अब तो और गंदगी फैलने लगी है।
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बबली रानी का कहना है कि कई कालोनियों का गला सड़ा कचरा उनकी कालोनी में जमा होने से पूरी कालोनी में बदबू फैली हुई है जिससे सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। निगम बनने के बाद हालात सुधरने की बजाय बुरे हो गए हैं।
मनीता रानी का कहना है कि कालोनी की सड़क के बीचोंबीच रोजाना कचरे का ढेर देख सकते हैं। समय पर कचरे की लिफ्टिंग नहीं होने से कचरा सड़ जाता है जिससे पूरा वातावरण दूषित होने लगता है।
ऋतु ने बताया कि सफाई कर्मचारी कभी कभार ही क्षेत्र में आते हैं जो कहने के बाद भी कचरा नहीं उठाते। हालांकि इस संदर्भ में कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
संदीप दत्ता का कहना है कि कालोनी की सड़कें तो पक्की हैं लेकिन सीवरेज की व्यवस्था नहीं है जिस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी नाली से कचरा निकाल कर किनारे पर ही छोड़ जाते हैं जिससे वह दोबारा नाली में गिर जाता है।
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प्रमोद कुमार का कहना है कि कालोनी में दो साल से सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। क्योंकि दो साल से खालसा कालेज रोड स्थित कालोनी का एक मकान बंद पड़ा है। लोग वहीं पर कचरा डाल देते हैं। अब तो हालात यह है कि आसपास की अन्य कालोनी के लोग भी यहीं कचरा डालते हैं। कर्मचारियों को बार बार कहने के बाद भी कचरा नहीं उठाया जाता।
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सनीता रानी का कहना है कि कालोनी में कूड़ादान नहीं होने से लोग सड़क के बीच में कचरा डाल देते हैं। जब भी कोई वाहन सड़क से गुजरता है तो सारा कचरा सड़क में दूर तक फैल जाता है जिसकी उन्हें स्वयं सफाई करनी पड़ती है। निगम बनने से सफाई व्यवस्था दुरुस्त होने की उम्मीद थी लेकिन अब तो और गंदगी फैलने लगी है।
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बबली रानी का कहना है कि कई कालोनियों का गला सड़ा कचरा उनकी कालोनी में जमा होने से पूरी कालोनी में बदबू फैली हुई है जिससे सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। निगम बनने के बाद हालात सुधरने की बजाय बुरे हो गए हैं।
मनीता रानी का कहना है कि कालोनी की सड़क के बीचोंबीच रोजाना कचरे का ढेर देख सकते हैं। समय पर कचरे की लिफ्टिंग नहीं होने से कचरा सड़ जाता है जिससे पूरा वातावरण दूषित होने लगता है।
ऋतु ने बताया कि सफाई कर्मचारी कभी कभार ही क्षेत्र में आते हैं जो कहने के बाद भी कचरा नहीं उठाते। हालांकि इस संदर्भ में कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
संदीप दत्ता का कहना है कि कालोनी की सड़कें तो पक्की हैं लेकिन सीवरेज की व्यवस्था नहीं है जिस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी नाली से कचरा निकाल कर किनारे पर ही छोड़ जाते हैं जिससे वह दोबारा नाली में गिर जाता है।